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गायघाट और गाजन डहरौली में नहीं रुक रही कटान, राज्यमंत्री ने लिया कटान स्थलों का जायजा
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गायघाट और गाजन डहरौली में नहीं रुक रही कटान, राज्यमंत्री ने लिया कटान स्थलों का जायजा
रुद्रपुर। दो दिन से रुद्रपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में नदियों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बृहस्पतिवार को राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में 10 सेमी की गिरावट आई। जलस्तर गिरने के बाद भी दोनो नदिया लाल निशान से ऊपर हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.15 मीटर और गोर्रा नदीं लाल निशान से 1.25 मीटर ऊपर है।
जलस्तर गिरने के साथ ही तटबंधों पर कटान तेजी से हो रहा है। गायघाट, गाजन डहरौली, माझा भीमसेेन और भुसवल में गोर्रा नदी के कटान से बांध कटने का खतरा बना हुआ है। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने दूसरे दिन भी कटान स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने गाजन डहरौली, छपरा और भुसवल बांध पर हो रहे कटान का निरीक्षण किया। राज्यमंत्री ने गाजन डहरौली और छपरा में बोल्डर पीचिंग कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ का संकट टलने की पूरी उम्मीद है। नदियों का जलस्तर गिरने से राहत और बचाव कार्य प्रभावी ढंग से हो रहा है। रुद्रपुर क्षेत्र में करीब सौ करोड़ के बाढ़ निरोधक और सड़क के चौड़ीकरण सुदृढ़ीकरण से आपदा का संकट टल गया। बांध के सुरक्षा के लिए पांडेय माझा में निमार्णाधीन पायलट प्रोजेक्ट का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। पानी कम होने के बाद क्षेत्र के अन्य संवेदनशील कटान स्थलों पर भी पायलट प्रोजेक्ट की परियोजना लाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया, एई संचिन अग्रवाल, संगमधर दूबे, जितेंद्र गुप्ता, शशि प्रकाश राव आदि मौजूद रहें।
नरायनपुर के बाढ़ पीड़ितों से मिले पूर्व विधायक
रुद्रपुर। नदी और बंधे के बीच बसे नरायनपुर के बाढ़ पीड़ितों से बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह मिले। उन्होंने गोर्रा नदी से कट रहे मकानों का हाल जाना।
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उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की प्रशासन सुध नहीं ले रहा। नदी और बंधे के बीच नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हो रहा। साल दर साल नदी गांव को अपने आगोश में ले रही है। नदी में विलीन हुए मकानों को प्रशासन मुआवजा दे। उन्होंने किसानों के डूबे फसलों का भी मुआवजा देने की मांग किया।
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रुद्रपुर। दो दिन से रुद्रपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में नदियों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बृहस्पतिवार को राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में 10 सेमी की गिरावट आई। जलस्तर गिरने के बाद भी दोनो नदिया लाल निशान से ऊपर हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.15 मीटर और गोर्रा नदीं लाल निशान से 1.25 मीटर ऊपर है।
जलस्तर गिरने के साथ ही तटबंधों पर कटान तेजी से हो रहा है। गायघाट, गाजन डहरौली, माझा भीमसेेन और भुसवल में गोर्रा नदी के कटान से बांध कटने का खतरा बना हुआ है। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने दूसरे दिन भी कटान स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने गाजन डहरौली, छपरा और भुसवल बांध पर हो रहे कटान का निरीक्षण किया। राज्यमंत्री ने गाजन डहरौली और छपरा में बोल्डर पीचिंग कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ का संकट टलने की पूरी उम्मीद है। नदियों का जलस्तर गिरने से राहत और बचाव कार्य प्रभावी ढंग से हो रहा है। रुद्रपुर क्षेत्र में करीब सौ करोड़ के बाढ़ निरोधक और सड़क के चौड़ीकरण सुदृढ़ीकरण से आपदा का संकट टल गया। बांध के सुरक्षा के लिए पांडेय माझा में निमार्णाधीन पायलट प्रोजेक्ट का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। पानी कम होने के बाद क्षेत्र के अन्य संवेदनशील कटान स्थलों पर भी पायलट प्रोजेक्ट की परियोजना लाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया, एई संचिन अग्रवाल, संगमधर दूबे, जितेंद्र गुप्ता, शशि प्रकाश राव आदि मौजूद रहें।
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नरायनपुर के बाढ़ पीड़ितों से मिले पूर्व विधायक
रुद्रपुर। नदी और बंधे के बीच बसे नरायनपुर के बाढ़ पीड़ितों से बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह मिले। उन्होंने गोर्रा नदी से कट रहे मकानों का हाल जाना।
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उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की प्रशासन सुध नहीं ले रहा। नदी और बंधे के बीच नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हो रहा। साल दर साल नदी गांव को अपने आगोश में ले रही है। नदी में विलीन हुए मकानों को प्रशासन मुआवजा दे। उन्होंने किसानों के डूबे फसलों का भी मुआवजा देने की मांग किया।