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बारिश से सड़कों पर पानी, आने-जाने में हुई दिक्कत
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बारिश से सड़कों पर पानी, आने-जाने में हुई दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। दो दिनों से हो रही बारिश से नगर के साथ ही जिले में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लोगों के अनुसार इसका मूल कारण बेहतर जल निकासी व्यवस्था का न होना है। हाल यह है कि प्रदेश के कृषि मंत्री, नगरपालिका चेयरमैन, सपा एमएलसी के गृह मोहल्ले राघवनगर की सभी सड़कें पानी में डूब गई है। हनुमान मंदिर, रामगुलाम टोला, आफिसर्स कालोनी, दीवानी न्यायालय, मेडिकल कालेज रोड, कलेक्ट्रेट , एसपी आफिस, कोआपरेटिव चौराहे से हनुमान मंदिर रोड की स्थिति और विकट है।
शहर की आबादी तकरीबन साढ़े तीन लाख है। शहर के 25 वार्डों में तकरीबन आधे से अधिक वार्ड जलभराव की परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि यह स्थिति पिछले कुछ माह से है। लेकिन दो दिन की बारिश से स्थिति और बिगाड़ दी। आफिसर्स कॉलोनी, सिविल लाइन से लोक निर्माण विभाग डाक बंगला मार्ग, एसपी आवास सहित बीस से अधिक अफसरों के आवासों पानी भर गया है। जलभराव से अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को पहुंचने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी। सबसे खराब स्थिति रामगुलाम टोला पूर्वी, अली नगर, चटनी गड़ही, देवरिया रामनाथ , नाथ नगर, गायत्रीपुरम, राघवनगर की है। वहीं कार्यालयों में कचहरी, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, बीएसए कार्यालय, जिला पंचायत परिसर, पोस्टमार्टम हाउस, पीडब्लूडी कार्यालय आदि भी जलभराव की चपेट में है। सबसे अधिक परेशानी अविकसित कालोनियों की हो गई है जहां कई मोहल्ले में लोग बांस-बल्ली से पुल बनाकर आते-जाते है। बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ तो शनिवार को दिन भर चलता रहा।
जल निकासी के लिए नहीं हो सके स्थाई इंतजाम
पुराना जिला परिषद हाता निवासी होटल कारोबारी एखलाख अहमद बोले, जलभराव से शहर तकरीबन बीस वर्ष से जूझ रहा है। जब भी लगातार कई दिनों तक अधिक बारिश होती है तो पूरे शहर में पानी भर जाता है। जल निकासी की व्यवस्था के लिए कई बार प्रयास हुए लेकिन इसका स्थाई इंतजाम नहीं हो सका। मेरा खुद के घर में प्रतिवर्ष पानी भरने की वजह से लाखों के इलेक्ट्रानिक सामान घर में पानी आ जाने की वजह से खराब हो जाते है। मेडिकल कारोबारी अशोक मणि त्रिपाठी का कहना है कि हनुमान मंदिर रोड, कोआपरेटिव रोड पर पानी लगने की वजह से कारोबार प्रभावित हो जाता है। दुकानों पर ग्राहक जलभराव की वजह से आते ही नहीं। सड़क में इतने गड्ढे हो गए हैं कि लोग गिरकर घायल हो जाते है। प्रधानाचार्य डॉ. अभय द्विवेदी का कहना है कि भराव से निजात दिलाने का दावा तो हर साल जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी करते है लेकिन शहर के लोगों को इससे निजात नहीं मिल पा रही है।
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सदर विधायक ने किया जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण
देवरिया। सदर विधायक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने शनिवार को शहर के जलभराव वाले विभिन्न मोहल्लों का निरीक्षण किया। लोगों की समस्याओं से अवगत हुए। उनके साथ एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, ईओनगरपालिका रोहित सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान नालों की सफाई कराकर जलभराव को दूर करने का प्रयास भी किया गया।
विधायक पोस्टमार्टम चौराहा, जलकल चौराहा, भगत सिंह चौराहा और नई कॉलोनी चौराहा पहुंचे। नई कॉलोनी चौराहे पर परेशान जनता की समस्याओं से अवगत होते हुए सदर विधायक ने ईओ नगर पालिका को निर्देशित किया कि जलजमाव को दूर करने का उचित प्रबंधन और उपाय करें। कई स्थानों पर नाली के उच्चीकरण, अतिक्रमण को हटाने के निर्देश भी दिए। एडीएम प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कई स्थानों पर हो रहे जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल निकासी का प्रस्ताव बनाया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी की सहमति प्राप्त हो गई है।
भाटपाररानी प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बिगड़ गई है। तहसील परिसर, विद्युत उप केंद्र, ब्लाक परिसर, पीएचसी, सीएचसी जसुई में परिसर जल निकासी नहीं होने से पानी भर गया है। भाटपाररानी नगर की विंध्यवासिनी कॉलोनी, लाखों पार मार्ग, सोहनपार वार्ड, केन यूनियन के पास बीआरडी फील्ड, रामपुर लिटिहा आदि में जलजमाव से तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। भाटपाररानी भटनी मार्ग में सवरेजी मंगरु पांडेय के घर के पास दो फुट से ऊपर पानी सड़क से ऊपर होकर बह रहा है। पानी की तेज धारा से सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। यही हाल बंगरा हरे राम चौराहा सड़क पर पड़री के आगे पानी सड़क के ऊपर से होकर बह रहा है। भिनगारी बाजार में भटनी जाने वाली सड़क पहले से ही गड्ढा मय है। यहां तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोगों ने स्थानीय प्रशासन से निरीक्षण का समुचित उपाय करने की मांग की है।
बरहज : दूसरे दिन भी प्रभावित हुई दिनचर्या
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर क्षेत्र में शुक्रवार की भोर से शुरू हुई बारिश से नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कार्यालयों और मोहल्लों की सड़कों पर पानी भर गया है। इससे दूसरे दिन भी लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही।
बारिश के कारण तहसील, ब्लॉक, सीओ कार्यालय के अलावा कपरवार पश्चिमपुरा, मदनपुर-देवकली मार्ग पर लबालब पानी लग गया था। जबकि कपरवार-रुद्रपुर मार्ग पर बने छोटे-बड़े गड्ढों में पानी भर गया। वहीं तहसील में लेखपाल कार्यालयों के बाहर, जबकि ब्लॉक स्थित आवासों में पानी घुस गया है।
रुद्रपुर : गोर्रा नदी में गिरी दो मंजिला इमारत
फोटो समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी।
रुद्रपुर। बारिश ने गोर्रा नदी के तट पर बनी दो मंजिला इमारत नदी में भरभरा कर ढह गई। हालांकि मकान नदी में गिरने से पहले लोग बाहर निकल चुके थे। वहीं नगर के कई मोहल्लों में जलभराव से परेशानियां बढ़ गई। तिघरा मराछी बांध पर भेड़ी गांव के समीप बांध धंसने से आवागमन प्रभावित हो गया।
पचलड़ी चौराहे पर पुल के करीब गांव के राजू पासवान ने दो मंजिला मकान बनवा रखा था। मकान में आठ दुकानें चल रहीं थीं। दो दिन की तेज बारिश से मकान में आई दरार को देख शुक्रवार को लोगों ने मकान खाली कर दिया था। शनिवार की सुबह आठ बजे मकान अचानक नदी में गिर गया। तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंच क्षति स्थल का जायजा लिया। बारिश से नगर के बस स्टेशन से पुराना चौक पर सड़कों पर बह रहा पानी लोगों के घरों में घुस गया। मंदिर मार्ग पर पानी लगने से आवागमन बाधित है। नगर के लाला टोली वार्ड, मस्जिद वार्ड, आजाद नगर वार्ड में आबादी के बीच जल भराव हो गया। रुद्रपुर गौरीबाजार मार्ग पर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के समीप वाहनों को दिक्कतें झेल कर आवाजाही करनी पड़ रही।
बारिश में बिजली गुल होने से बढ़ी दुश्वारियां
रुद्रपुर। दो दिन से भीषण बरसात के बीच बिजली कटौती से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं है। शुक्रवार को टाउन फीडर का केबिल ब्लास्ट होने के कारण दिन में करीब आठ घंटे तक कटौती हुई। शनिवार सुबह माहीगंज स्थित बिजली घर पर दो पोल के केबिल जल गए। बारिश के कारण मरम्मत कार्य भी प्रभावित रहा। केबिल बनाने के बाद शाम को बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई।
फोटो समाचार
छोटी गंडक उफान पर, कटान से पेड़ हो रहे नदी में विलीन
- कई घरों पर मंडरा रहा नदी में समाहित होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से छोटी गंडक नदी और खंनुवा नदी उफान पर है। नदी के किनारे कटान तेज हो गई है। सवरेजी पूरब टोला और बड़कागांव दुबे के रामघाट का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इसके चलते वर्षों पुराने पेड़ कटान से नदी में विलीन हो रहे हैं।
छोटी गंडक नदी के तट के किनारे बसे सवरेजी पूरब टोला के अनेक घरों का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है। सवरेजी पूरब टोला पक्का पुल के पास दक्षिण तरफ बसे शंभू नाथ यादव, मुक्ति यादव, त्रिलोकी यादव, हरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव आदि के घर के पास से होकर नदी इस समय बह रही है। इनके घरों के पास वर्षों पुराने पेड़ कटान से नदी में विलीन हो रहे हैं। घरों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। बड़कागांव दुबे के नजदीक रामघाट के पास भी यही स्थिति है। वहां का पेड़ तेजधार होने से कटकर नदी में समा रहे हैं। रामघाट का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है। सवरेजी गांव के शंभू नाथ यादव, हरेंद्र यादव आदि का कहना है यदि नदी की स्थिति यही रही तो इनका घर आने वाले दिनों में नदी में समाहित हो जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से कटान रोकने के लिए समुचित उपाय करने की मांग की है।
दो घर गिरे
बघौचघाट। बारिश से आनंदनगर के दो मुसहर लखीचंद पुत्र भज्जू व संतोषी पत्नी छांगुर की झोपड़ी गिर गई है। दोनो परिवारों की माली हालत खराब है। अब उनके रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम प्रधान अंबरीष मिश्रा ने बताया की इनके रहने के लिए यही झोपड़ी थी इनके आवास के लिए अधिकारियों को अवगत कराया गया है। खंड विकास अधिकारी आलोक सिंह ने बताया की सरकार के मंशा अनरूप सभी मुसहरों का आवास बनाया जा रहा है इनका भी अवास बनाया जाएगा।
गौरी बाजार : थाने में पानी, माल गोदाम में दिखे सर्प, लौटे फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार। बारिश से गौरी बाजार थाना परिसर में तीन फीट पानी भरा है। यहां आरक्षी बैरक सहित बंदी गृह जलमग्न हो गया है। वहीं मालगोदाम में पानी के साथ दो सर्प भी देखे जाने से पुलिसकर्मी दहशत में हैं। उपनगर के बीच में स्थित थाना परिसर में जलभराव हो गया है। वहीं ओवरब्रिज से पहले उपनगर के सड़क पर भी तीन फीट पानी जमा है। थाने में पानी भरने से कर्मी परेशान हैं। वहीं फरियादी भी थाने के बाहर से ही चले जा रहे हैं। मालखाने में भी पानी घुसा हुआ है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय ने बताया कि पूरा थाना परिसर जलमग्न हो गया है। जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है।
धान की फसल गिरी, किसान चिंतित
गन्ना, मक्का और सब्जी की खेती को भी नुकसान
फोटो -
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तेज हवा के साथ बारिश से धान की फसल गिर गई है। इससे कटाई में और विलंब होने की संभावना है। धान के अलावा बारिश ने मक्का, गन्ना और सब्जियों की खेती पर भी कहर बरपाया है। गन्ना की फसल में अधिक दिनों से पानी जमा होने के कारण उकठा रोग लगने की संभावना है। सब्जी की नर्सरी को भी भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने सब्जी के पौधे रोपे थे वह पानी लगने से सूख गए।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण धान की फसल में हल्दिया, झोंका, झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में किसान एक किलो ग्राम ऑक्सीक्लोराइड पाउडर पांच सौ लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर खेत में छिड़काव करने से धान में लगने वाले रोगों से बचा जा सकता है।
बघौचघाट प्रतिनिधि के अनुसार, पथरदेवा के किसान बालेश्वर सिंह ने बताया की धान की फसल तो बर्बाद हो ही रही है, सब्जी की खेती भी समाप्ति के कगार पर है। हीरा गुप्ता ने बताया की बोड़ो और नेनुआ की खेती की थी जो पानी में डूब गई है। धान की फसल जमीन पर गिरने से काफी नुकसान हुआ है। सिधावे निवासी चोकट चौहान ने कहा कि सांभा धान जमीन पर गिरने से काफी नुकसान हुआ है। गुलाब यादव ने बताया कि नटवा मंसूरी को छोड़कर सभी धान की फसलों को काफी नुकसान पहुचा है। गेहूं की बुवाई में भी विलंब होगा।
देसही देवरिया प्रतिनिधि के अनुसार, हेतिमपुर के किसान रमेश सिंह, पुजारी, हरियापार के चमन, बेलवा के रामदरश चौरसिया, मुंडेरा के राजेश सिंह आदि किसानों का कहना है कि कई सालों के बाद बारिश से इतना नुकसान हो रहा है। बारिश की वजह से सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसान बोले, धान की अगेती प्रजातियां खेतों में पक कर कटाई के लिए तैयार हो चुकी थीं। किसान कटाई की तैयारी में लगे हुए थे। मगर, मूसलाधार बारिश ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। किसान परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। दो दिनों से हो रही बारिश से नगर के साथ ही जिले में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लोगों के अनुसार इसका मूल कारण बेहतर जल निकासी व्यवस्था का न होना है। हाल यह है कि प्रदेश के कृषि मंत्री, नगरपालिका चेयरमैन, सपा एमएलसी के गृह मोहल्ले राघवनगर की सभी सड़कें पानी में डूब गई है। हनुमान मंदिर, रामगुलाम टोला, आफिसर्स कालोनी, दीवानी न्यायालय, मेडिकल कालेज रोड, कलेक्ट्रेट , एसपी आफिस, कोआपरेटिव चौराहे से हनुमान मंदिर रोड की स्थिति और विकट है।
शहर की आबादी तकरीबन साढ़े तीन लाख है। शहर के 25 वार्डों में तकरीबन आधे से अधिक वार्ड जलभराव की परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि यह स्थिति पिछले कुछ माह से है। लेकिन दो दिन की बारिश से स्थिति और बिगाड़ दी। आफिसर्स कॉलोनी, सिविल लाइन से लोक निर्माण विभाग डाक बंगला मार्ग, एसपी आवास सहित बीस से अधिक अफसरों के आवासों पानी भर गया है। जलभराव से अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को पहुंचने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी। सबसे खराब स्थिति रामगुलाम टोला पूर्वी, अली नगर, चटनी गड़ही, देवरिया रामनाथ , नाथ नगर, गायत्रीपुरम, राघवनगर की है। वहीं कार्यालयों में कचहरी, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, बीएसए कार्यालय, जिला पंचायत परिसर, पोस्टमार्टम हाउस, पीडब्लूडी कार्यालय आदि भी जलभराव की चपेट में है। सबसे अधिक परेशानी अविकसित कालोनियों की हो गई है जहां कई मोहल्ले में लोग बांस-बल्ली से पुल बनाकर आते-जाते है। बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ तो शनिवार को दिन भर चलता रहा।
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जल निकासी के लिए नहीं हो सके स्थाई इंतजाम
पुराना जिला परिषद हाता निवासी होटल कारोबारी एखलाख अहमद बोले, जलभराव से शहर तकरीबन बीस वर्ष से जूझ रहा है। जब भी लगातार कई दिनों तक अधिक बारिश होती है तो पूरे शहर में पानी भर जाता है। जल निकासी की व्यवस्था के लिए कई बार प्रयास हुए लेकिन इसका स्थाई इंतजाम नहीं हो सका। मेरा खुद के घर में प्रतिवर्ष पानी भरने की वजह से लाखों के इलेक्ट्रानिक सामान घर में पानी आ जाने की वजह से खराब हो जाते है। मेडिकल कारोबारी अशोक मणि त्रिपाठी का कहना है कि हनुमान मंदिर रोड, कोआपरेटिव रोड पर पानी लगने की वजह से कारोबार प्रभावित हो जाता है। दुकानों पर ग्राहक जलभराव की वजह से आते ही नहीं। सड़क में इतने गड्ढे हो गए हैं कि लोग गिरकर घायल हो जाते है। प्रधानाचार्य डॉ. अभय द्विवेदी का कहना है कि भराव से निजात दिलाने का दावा तो हर साल जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी करते है लेकिन शहर के लोगों को इससे निजात नहीं मिल पा रही है।
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सदर विधायक ने किया जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण
देवरिया। सदर विधायक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने शनिवार को शहर के जलभराव वाले विभिन्न मोहल्लों का निरीक्षण किया। लोगों की समस्याओं से अवगत हुए। उनके साथ एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, ईओनगरपालिका रोहित सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान नालों की सफाई कराकर जलभराव को दूर करने का प्रयास भी किया गया।
विधायक पोस्टमार्टम चौराहा, जलकल चौराहा, भगत सिंह चौराहा और नई कॉलोनी चौराहा पहुंचे। नई कॉलोनी चौराहे पर परेशान जनता की समस्याओं से अवगत होते हुए सदर विधायक ने ईओ नगर पालिका को निर्देशित किया कि जलजमाव को दूर करने का उचित प्रबंधन और उपाय करें। कई स्थानों पर नाली के उच्चीकरण, अतिक्रमण को हटाने के निर्देश भी दिए। एडीएम प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कई स्थानों पर हो रहे जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल निकासी का प्रस्ताव बनाया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी की सहमति प्राप्त हो गई है।
भाटपाररानी प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र की सूरत बिगड़ गई है। तहसील परिसर, विद्युत उप केंद्र, ब्लाक परिसर, पीएचसी, सीएचसी जसुई में परिसर जल निकासी नहीं होने से पानी भर गया है। भाटपाररानी नगर की विंध्यवासिनी कॉलोनी, लाखों पार मार्ग, सोहनपार वार्ड, केन यूनियन के पास बीआरडी फील्ड, रामपुर लिटिहा आदि में जलजमाव से तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। भाटपाररानी भटनी मार्ग में सवरेजी मंगरु पांडेय के घर के पास दो फुट से ऊपर पानी सड़क से ऊपर होकर बह रहा है। पानी की तेज धारा से सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। यही हाल बंगरा हरे राम चौराहा सड़क पर पड़री के आगे पानी सड़क के ऊपर से होकर बह रहा है। भिनगारी बाजार में भटनी जाने वाली सड़क पहले से ही गड्ढा मय है। यहां तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लोगों ने स्थानीय प्रशासन से निरीक्षण का समुचित उपाय करने की मांग की है।
बरहज : दूसरे दिन भी प्रभावित हुई दिनचर्या
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर क्षेत्र में शुक्रवार की भोर से शुरू हुई बारिश से नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कार्यालयों और मोहल्लों की सड़कों पर पानी भर गया है। इससे दूसरे दिन भी लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही।
बारिश के कारण तहसील, ब्लॉक, सीओ कार्यालय के अलावा कपरवार पश्चिमपुरा, मदनपुर-देवकली मार्ग पर लबालब पानी लग गया था। जबकि कपरवार-रुद्रपुर मार्ग पर बने छोटे-बड़े गड्ढों में पानी भर गया। वहीं तहसील में लेखपाल कार्यालयों के बाहर, जबकि ब्लॉक स्थित आवासों में पानी घुस गया है।
रुद्रपुर : गोर्रा नदी में गिरी दो मंजिला इमारत
फोटो समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी।
रुद्रपुर। बारिश ने गोर्रा नदी के तट पर बनी दो मंजिला इमारत नदी में भरभरा कर ढह गई। हालांकि मकान नदी में गिरने से पहले लोग बाहर निकल चुके थे। वहीं नगर के कई मोहल्लों में जलभराव से परेशानियां बढ़ गई। तिघरा मराछी बांध पर भेड़ी गांव के समीप बांध धंसने से आवागमन प्रभावित हो गया।
पचलड़ी चौराहे पर पुल के करीब गांव के राजू पासवान ने दो मंजिला मकान बनवा रखा था। मकान में आठ दुकानें चल रहीं थीं। दो दिन की तेज बारिश से मकान में आई दरार को देख शुक्रवार को लोगों ने मकान खाली कर दिया था। शनिवार की सुबह आठ बजे मकान अचानक नदी में गिर गया। तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंच क्षति स्थल का जायजा लिया। बारिश से नगर के बस स्टेशन से पुराना चौक पर सड़कों पर बह रहा पानी लोगों के घरों में घुस गया। मंदिर मार्ग पर पानी लगने से आवागमन बाधित है। नगर के लाला टोली वार्ड, मस्जिद वार्ड, आजाद नगर वार्ड में आबादी के बीच जल भराव हो गया। रुद्रपुर गौरीबाजार मार्ग पर दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के समीप वाहनों को दिक्कतें झेल कर आवाजाही करनी पड़ रही।
बारिश में बिजली गुल होने से बढ़ी दुश्वारियां
रुद्रपुर। दो दिन से भीषण बरसात के बीच बिजली कटौती से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं है। शुक्रवार को टाउन फीडर का केबिल ब्लास्ट होने के कारण दिन में करीब आठ घंटे तक कटौती हुई। शनिवार सुबह माहीगंज स्थित बिजली घर पर दो पोल के केबिल जल गए। बारिश के कारण मरम्मत कार्य भी प्रभावित रहा। केबिल बनाने के बाद शाम को बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई।
फोटो समाचार
छोटी गंडक उफान पर, कटान से पेड़ हो रहे नदी में विलीन
- कई घरों पर मंडरा रहा नदी में समाहित होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से छोटी गंडक नदी और खंनुवा नदी उफान पर है। नदी के किनारे कटान तेज हो गई है। सवरेजी पूरब टोला और बड़कागांव दुबे के रामघाट का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इसके चलते वर्षों पुराने पेड़ कटान से नदी में विलीन हो रहे हैं।
छोटी गंडक नदी के तट के किनारे बसे सवरेजी पूरब टोला के अनेक घरों का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है। सवरेजी पूरब टोला पक्का पुल के पास दक्षिण तरफ बसे शंभू नाथ यादव, मुक्ति यादव, त्रिलोकी यादव, हरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव आदि के घर के पास से होकर नदी इस समय बह रही है। इनके घरों के पास वर्षों पुराने पेड़ कटान से नदी में विलीन हो रहे हैं। घरों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। बड़कागांव दुबे के नजदीक रामघाट के पास भी यही स्थिति है। वहां का पेड़ तेजधार होने से कटकर नदी में समा रहे हैं। रामघाट का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है। सवरेजी गांव के शंभू नाथ यादव, हरेंद्र यादव आदि का कहना है यदि नदी की स्थिति यही रही तो इनका घर आने वाले दिनों में नदी में समाहित हो जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से कटान रोकने के लिए समुचित उपाय करने की मांग की है।
दो घर गिरे
बघौचघाट। बारिश से आनंदनगर के दो मुसहर लखीचंद पुत्र भज्जू व संतोषी पत्नी छांगुर की झोपड़ी गिर गई है। दोनो परिवारों की माली हालत खराब है। अब उनके रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम प्रधान अंबरीष मिश्रा ने बताया की इनके रहने के लिए यही झोपड़ी थी इनके आवास के लिए अधिकारियों को अवगत कराया गया है। खंड विकास अधिकारी आलोक सिंह ने बताया की सरकार के मंशा अनरूप सभी मुसहरों का आवास बनाया जा रहा है इनका भी अवास बनाया जाएगा।
गौरी बाजार : थाने में पानी, माल गोदाम में दिखे सर्प, लौटे फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरी बाजार। बारिश से गौरी बाजार थाना परिसर में तीन फीट पानी भरा है। यहां आरक्षी बैरक सहित बंदी गृह जलमग्न हो गया है। वहीं मालगोदाम में पानी के साथ दो सर्प भी देखे जाने से पुलिसकर्मी दहशत में हैं। उपनगर के बीच में स्थित थाना परिसर में जलभराव हो गया है। वहीं ओवरब्रिज से पहले उपनगर के सड़क पर भी तीन फीट पानी जमा है। थाने में पानी भरने से कर्मी परेशान हैं। वहीं फरियादी भी थाने के बाहर से ही चले जा रहे हैं। मालखाने में भी पानी घुसा हुआ है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय ने बताया कि पूरा थाना परिसर जलमग्न हो गया है। जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है।
धान की फसल गिरी, किसान चिंतित
गन्ना, मक्का और सब्जी की खेती को भी नुकसान
फोटो -
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तेज हवा के साथ बारिश से धान की फसल गिर गई है। इससे कटाई में और विलंब होने की संभावना है। धान के अलावा बारिश ने मक्का, गन्ना और सब्जियों की खेती पर भी कहर बरपाया है। गन्ना की फसल में अधिक दिनों से पानी जमा होने के कारण उकठा रोग लगने की संभावना है। सब्जी की नर्सरी को भी भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने सब्जी के पौधे रोपे थे वह पानी लगने से सूख गए।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण धान की फसल में हल्दिया, झोंका, झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में किसान एक किलो ग्राम ऑक्सीक्लोराइड पाउडर पांच सौ लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर खेत में छिड़काव करने से धान में लगने वाले रोगों से बचा जा सकता है।
बघौचघाट प्रतिनिधि के अनुसार, पथरदेवा के किसान बालेश्वर सिंह ने बताया की धान की फसल तो बर्बाद हो ही रही है, सब्जी की खेती भी समाप्ति के कगार पर है। हीरा गुप्ता ने बताया की बोड़ो और नेनुआ की खेती की थी जो पानी में डूब गई है। धान की फसल जमीन पर गिरने से काफी नुकसान हुआ है। सिधावे निवासी चोकट चौहान ने कहा कि सांभा धान जमीन पर गिरने से काफी नुकसान हुआ है। गुलाब यादव ने बताया कि नटवा मंसूरी को छोड़कर सभी धान की फसलों को काफी नुकसान पहुचा है। गेहूं की बुवाई में भी विलंब होगा।
देसही देवरिया प्रतिनिधि के अनुसार, हेतिमपुर के किसान रमेश सिंह, पुजारी, हरियापार के चमन, बेलवा के रामदरश चौरसिया, मुंडेरा के राजेश सिंह आदि किसानों का कहना है कि कई सालों के बाद बारिश से इतना नुकसान हो रहा है। बारिश की वजह से सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसान बोले, धान की अगेती प्रजातियां खेतों में पक कर कटाई के लिए तैयार हो चुकी थीं। किसान कटाई की तैयारी में लगे हुए थे। मगर, मूसलाधार बारिश ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। किसान परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।