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आयल डिपो के पास अवैध तेल कारोबारियों पर छापा, तीन टैंकर कब्जे में लिया, 22 लोग गिरफ्तार
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आयल डिपो के पास अवैध तेल कारोबारियों पर छापा, तीन टैंकर कब्जे में लिया, 22 लोग गिरफ्तार
बैतालपुर/देवरिया। शनिवार की सुबह प्रशासन और पुलिस की ओर से बैतालपुर आयल डिपो के आसपास छापा मारा गया। भारी मात्रा में आयल टैंकर से तेल निकालने वाले यंत्र, कुप्पी समेत लगभग दो हजार लीटर अवैध तेल पकड़ा गया। ती टैंकर कब्जे में ले लिए गए और 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। भनक लगते ही हजारों लीटर तेल खेतों में बहाकर अवैध तेल कारोबारी भाग निकले। इस मामले में तीन कंपनियों ने अलग-अलग केस दर्ज कराया।
डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के निर्देश पर एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, एएसपी राजेश कुमार सोनकर व एसडीएम सौरभ सिंह, सीओ श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में सदर कोतवाली, गौरीबाजार, रुद्रपुर, खुखुंदू, भलुअनी, बरहज, बरियारपुर, बघौचघाट, पथरदेवा, भाटपाररानी, भटनी आदि थानों की पुलिस तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी सुबह छह बजे ही बैतालपुर डिपो पहुंच गए। उनके वहां पहुंचते ही चारों तरफ हड़कंप मच गया। लोगों को यह समझ में नहीं रहा था कि वह करें तो क्या करें। पुलिस की नाकेबंदी ने कुछ देर के लिए सबको आश्चर्यचकित कर दिया। जब अवैध तेल माफिया की ओर पुलिस ने रुख किया तब अन्य लोगों ने राहत की सांस ली। लगभग एक किलोमीटर के बीच आने वाले सभी घरों व उनके गोदामों की तलाशी ली गई। पांच जगहों पर टीम को कामयाबी मिली। तीन तेल टैंकर, 50 लीटर तेल से भरे कई गैलन, तेल निकालने वाले यंत्र आदि बरामद हुए। छापा के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बरामद सामग्री एवं स्थानों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि डिपो के आसपास अवैध तेल कारोबारियों के खिलाफ छापा मारा गया है। इसमें संलिप्त सभी आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन स्थानों से अवैध तेल का कारोबार होता है, उन भवनों को सील किया जाएगा। वहीं उनके अंदर खड़े तीन टैंकरों को कब्जे में लिया गया और और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके विरुद्ध जांचकर कार्यवाई की जाएगी।
इसके पूर्व दो दशक में चार बार हो चुकी है कार्रवाई
बैतालपुर। गोरखपुर-देवरिया मुख्यमार्ग पर वर्ष 1995 में इंडियन आयल डिपो की स्थापना के बाद से ही अवैध तेल का खेल शुरू हो गया था। पुलिस ने चार बार छापा भी मारा। लेकिन किसी न किसी के संरक्षण में तेल का यह खेल फिर से शुरू कर दिया जाता है। इसके पूर्व 19 जून वर्ष 2019 को तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व और खाद्य एवं रसद विभाग की 21 संयुक्त टीम बनाकर बृहद छापा मारा गया था। इसमें हजारों लीटर पेट्रोलियम पदार्थों के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद यह अवैध कारोबार बंद हो गया था। इसके पूर्व वर्ष 2013, वर्ष 2010 और वर्ष 2006 में भी कार्रवाई हो चुकी है।
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अवैध तेल भंडारण से हो चुके हैं हादसे
बैतालपुर। अवैध तेल के इस खेल के कारण आग लगी की दर्जनभर घटनाएं हो चुकी है, जिसमें कारोबारियों के साथ साथ आसपास के लोगों को भी इस हादसे का शिकार होना पड़ा था। बैतालपुर के गुडरी गांव के लोगों के जेहन में 21 नवंबर 2010 की आग लगी की घटना याद कर सिहर उठते हैं। जहां एक मकान में रखे दर्जनों की संख्या में अवैध तेल का ड्रम के पास ढिबरी से आग पकड़ ली। उसकी चपेट में आते ही पेट्रोलियम पदार्थों का ड्रम आग का गोला बनकर दूर-दूर गिरता रहा। उसकी चपेट में 39 लोग आए थे। पांच वर्षीय बालिका जलकर कोयला हो गई थी, तो पांच लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। जबकि 33 लोगों का महीनों इलाज चला था।
बड़े गेट के भीतर छिप जाता है टैंकर
बैतालपुर। आयल डिपो से देवरिया के अलावा गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बस्ती, बलिया, कुशीनगर, मऊ, आजमगढ़ व पड़ोसी देश नेपाल टैंकर से तेल भेजा जाता है। लगभग हर दिन पांच से छह सौ टैंकर तेल लेकर विभिन्न स्थानों के लिए रवाना होते हैं। डिपो के आस-पास दो दशकों से अवैध तेल का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। बैतालपुर कस्बा से लेकर मझना नाले तक लगभग पचास जगहों पर चहारदीवारी या मकान बनाकर बड़े-बड़े लोहे के गेट लगाए गए हैं। जब डिपो से टैंकर निकलते हैं तो सेटिंग के जरिये सीधे उस बड़े गेट में घुस जाते हैं और फिर चालक की मिलीभगत से टैंकर से तकरीबन पचास से साठ लीटर डीजल व पेट्रोल बाल्टी या पाइप से निकाल लिया जाता है। कुछ ही देर बाद चालक टैंकर लेकर निर्धारित पेट्रोल पंप के लिए निकल जाता है। बताया जाता है कि एक-एक माफिया हजारों लीटर तेल प्रत्येक दिन टैंकरों से आधी से भी कम कीमत पर निकालते हैं और उसकी आपूर्ति ग्रामीणांचल के चौराहों पर कर देते हैं। यह अवैध कारोबार पुलिस की शह पर चलता है।
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बैतालपुर/देवरिया। शनिवार की सुबह प्रशासन और पुलिस की ओर से बैतालपुर आयल डिपो के आसपास छापा मारा गया। भारी मात्रा में आयल टैंकर से तेल निकालने वाले यंत्र, कुप्पी समेत लगभग दो हजार लीटर अवैध तेल पकड़ा गया। ती टैंकर कब्जे में ले लिए गए और 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। भनक लगते ही हजारों लीटर तेल खेतों में बहाकर अवैध तेल कारोबारी भाग निकले। इस मामले में तीन कंपनियों ने अलग-अलग केस दर्ज कराया।
डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के निर्देश पर एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, एएसपी राजेश कुमार सोनकर व एसडीएम सौरभ सिंह, सीओ श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में सदर कोतवाली, गौरीबाजार, रुद्रपुर, खुखुंदू, भलुअनी, बरहज, बरियारपुर, बघौचघाट, पथरदेवा, भाटपाररानी, भटनी आदि थानों की पुलिस तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी सुबह छह बजे ही बैतालपुर डिपो पहुंच गए। उनके वहां पहुंचते ही चारों तरफ हड़कंप मच गया। लोगों को यह समझ में नहीं रहा था कि वह करें तो क्या करें। पुलिस की नाकेबंदी ने कुछ देर के लिए सबको आश्चर्यचकित कर दिया। जब अवैध तेल माफिया की ओर पुलिस ने रुख किया तब अन्य लोगों ने राहत की सांस ली। लगभग एक किलोमीटर के बीच आने वाले सभी घरों व उनके गोदामों की तलाशी ली गई। पांच जगहों पर टीम को कामयाबी मिली। तीन तेल टैंकर, 50 लीटर तेल से भरे कई गैलन, तेल निकालने वाले यंत्र आदि बरामद हुए। छापा के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बरामद सामग्री एवं स्थानों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि डिपो के आसपास अवैध तेल कारोबारियों के खिलाफ छापा मारा गया है। इसमें संलिप्त सभी आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन स्थानों से अवैध तेल का कारोबार होता है, उन भवनों को सील किया जाएगा। वहीं उनके अंदर खड़े तीन टैंकरों को कब्जे में लिया गया और और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके विरुद्ध जांचकर कार्यवाई की जाएगी।
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इसके पूर्व दो दशक में चार बार हो चुकी है कार्रवाई
बैतालपुर। गोरखपुर-देवरिया मुख्यमार्ग पर वर्ष 1995 में इंडियन आयल डिपो की स्थापना के बाद से ही अवैध तेल का खेल शुरू हो गया था। पुलिस ने चार बार छापा भी मारा। लेकिन किसी न किसी के संरक्षण में तेल का यह खेल फिर से शुरू कर दिया जाता है। इसके पूर्व 19 जून वर्ष 2019 को तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व और खाद्य एवं रसद विभाग की 21 संयुक्त टीम बनाकर बृहद छापा मारा गया था। इसमें हजारों लीटर पेट्रोलियम पदार्थों के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद यह अवैध कारोबार बंद हो गया था। इसके पूर्व वर्ष 2013, वर्ष 2010 और वर्ष 2006 में भी कार्रवाई हो चुकी है।
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अवैध तेल भंडारण से हो चुके हैं हादसे
बैतालपुर। अवैध तेल के इस खेल के कारण आग लगी की दर्जनभर घटनाएं हो चुकी है, जिसमें कारोबारियों के साथ साथ आसपास के लोगों को भी इस हादसे का शिकार होना पड़ा था। बैतालपुर के गुडरी गांव के लोगों के जेहन में 21 नवंबर 2010 की आग लगी की घटना याद कर सिहर उठते हैं। जहां एक मकान में रखे दर्जनों की संख्या में अवैध तेल का ड्रम के पास ढिबरी से आग पकड़ ली। उसकी चपेट में आते ही पेट्रोलियम पदार्थों का ड्रम आग का गोला बनकर दूर-दूर गिरता रहा। उसकी चपेट में 39 लोग आए थे। पांच वर्षीय बालिका जलकर कोयला हो गई थी, तो पांच लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। जबकि 33 लोगों का महीनों इलाज चला था।
बड़े गेट के भीतर छिप जाता है टैंकर
बैतालपुर। आयल डिपो से देवरिया के अलावा गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बस्ती, बलिया, कुशीनगर, मऊ, आजमगढ़ व पड़ोसी देश नेपाल टैंकर से तेल भेजा जाता है। लगभग हर दिन पांच से छह सौ टैंकर तेल लेकर विभिन्न स्थानों के लिए रवाना होते हैं। डिपो के आस-पास दो दशकों से अवैध तेल का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। बैतालपुर कस्बा से लेकर मझना नाले तक लगभग पचास जगहों पर चहारदीवारी या मकान बनाकर बड़े-बड़े लोहे के गेट लगाए गए हैं। जब डिपो से टैंकर निकलते हैं तो सेटिंग के जरिये सीधे उस बड़े गेट में घुस जाते हैं और फिर चालक की मिलीभगत से टैंकर से तकरीबन पचास से साठ लीटर डीजल व पेट्रोल बाल्टी या पाइप से निकाल लिया जाता है। कुछ ही देर बाद चालक टैंकर लेकर निर्धारित पेट्रोल पंप के लिए निकल जाता है। बताया जाता है कि एक-एक माफिया हजारों लीटर तेल प्रत्येक दिन टैंकरों से आधी से भी कम कीमत पर निकालते हैं और उसकी आपूर्ति ग्रामीणांचल के चौराहों पर कर देते हैं। यह अवैध कारोबार पुलिस की शह पर चलता है।