{"_id":"5915f9e84f1c1bf2078513ac","slug":"proud-of-premasagar-but-hatred-towards-pakistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेमसागर पर गर्व, मगर पाकिस्तान के प्रति नफरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेमसागर पर गर्व, मगर पाकिस्तान के प्रति नफरत
देवरिया
Updated Fri, 12 May 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
सीएम के जाने के बाद शहीद का छोटा बेटा रणविजय और बेटी मोनिका।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुधीर श्रीवास्तव
देवरिया। सरहद पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए प्रेमसागर का नाम आते ही हर ग्रामीण का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। गांव के लाल को खोने के मलाल के साथ देश के लिए कुर्बानी को गांव का गौरव मानने वाले टीकमपार के लोग पाकिस्तान को उसी की भाषा में सबक सिखाए जाने के पक्षधर हैं। पीएम से पाकिस्तान के प्रति सख्ती की अपेक्षा है तो सीएम से गांव के विकास की।
शुक्रवार को भी प्रेमसागर के शहीद होने के गम जहां गांव वालों के चेहरे झलक रहा था। वहीं मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खुशी भी थी। दलित बस्ती के चन्द्रदेव प्रसाद, धर्मप्रकाश, श्रीकांत और नागेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि प्रेमसागर बहुत ही मिलनसार थे। उनकी शहादत पर गांव के हर शख्स को फक्र है लेकिन जरूरत पाकिस्तान को सख्ती से सबक सिखाने की है। यह भी कहा कि सीएम के दौरे से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में टीकमपार को अच्छी सड़कें और बाकी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। शहीद स्मारक कॉलेज की स्थापना से गांव की बेटियों को इंटर तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। बुनियादी सुविधाओं से महरूम दलित बस्ती में भी अच्छे से जीवनयापन के लायक माहौल मिल सकेगा।
विज्ञापन
देवरिया। सरहद पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए प्रेमसागर का नाम आते ही हर ग्रामीण का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। गांव के लाल को खोने के मलाल के साथ देश के लिए कुर्बानी को गांव का गौरव मानने वाले टीकमपार के लोग पाकिस्तान को उसी की भाषा में सबक सिखाए जाने के पक्षधर हैं। पीएम से पाकिस्तान के प्रति सख्ती की अपेक्षा है तो सीएम से गांव के विकास की।
शुक्रवार को भी प्रेमसागर के शहीद होने के गम जहां गांव वालों के चेहरे झलक रहा था। वहीं मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खुशी भी थी। दलित बस्ती के चन्द्रदेव प्रसाद, धर्मप्रकाश, श्रीकांत और नागेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि प्रेमसागर बहुत ही मिलनसार थे। उनकी शहादत पर गांव के हर शख्स को फक्र है लेकिन जरूरत पाकिस्तान को सख्ती से सबक सिखाने की है। यह भी कहा कि सीएम के दौरे से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में टीकमपार को अच्छी सड़कें और बाकी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। शहीद स्मारक कॉलेज की स्थापना से गांव की बेटियों को इंटर तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। बुनियादी सुविधाओं से महरूम दलित बस्ती में भी अच्छे से जीवनयापन के लायक माहौल मिल सकेगा।
विज्ञापन