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Deoria News: बसते गए नए मोहल्ले, नालियां नहीं बनीं, खाली प्लाॅटों में जमा हो रहा गंदा पानी
Thu, 18 Apr 2024 03:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Apr 2024 03:41 AM IST
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रामगुलाम टोला पूर्वी में खाली प्लाट में जमा नाली का गंदा पानी।संवाद
फोटो समाचार......
शहर के रामगुलाम टोला पूर्वी, साकेत नगर दक्षिणी, खरजरवा पश्चिमी, चकियवां में जलभराव
हर समय संक्रामक बीमारियों का फैलने का बना रहता है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के कई मोहल्ले में जल निकासी के लिए नालियां नहीं बनी हैं। कहीं बन रही हैं। इसकी वजह से घरों से निकलने वाला गंदा पानी जगह-जगह खाली प्लाॅटों में भर रहा है। इससे मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं। वार्ड के लोगों ने नगर पालिका अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है। इसके बावजूद जलनिकासी के लिए इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
शहर में तमाम नए मोहल्लों में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। रामगुलाम टोला पूर्वी, साकेत नगर दक्षिणी, खरजरवा पश्चिमी, चकियवां सहित अधिकांश मोहल्लों में पानी निकासी के लिए कोई नाली ही नहीं है। इससे यहां हर मौसम में खाली पड़े प्लाॅटों में जलभराव रहता है। यहां जो पानी तालाब में जाता भी है वहां लोगों ने नालियों पर अतिक्रमण कर उन्हें ऊंचा कर दिया है। जलभराव के कारण लोग को निकलने तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। साथ ही में दो पहिया वाहनों को भी आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका को स्थानीय लोगों ने अवगत कराया है। इसके बावजूद भी पानी निकास के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। शहर के अधिकांश बाहरी मोहल्लों में भी यही स्थिति है।
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नालियों को बनाने का कार्य शुरू, लगेगा समय
मोहल्ले में नालियां नालियां बनाने का कार्य शुरू हो गया है। समय कितना लगेगा ये बताने को कोई तैयार नहीं है। मोहल्ले के लोगों को रोजाना समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जबकि साफ-सफाई एवं विकास कार्यों पर नगर पालिका अच्छा-खासा खर्च करती है।
उमानगर, साकेत नगर व रामनाथ मोहल्ले के खाली प्लाॅटों में जलभराव
शहर के उमानगर, रामनाथ मोहल्ले में जल निकासी के इंतजाम बेहतर नहीं होने से घरों के निकलने वाले गंदे पानी से खाली प्लाॅटों में जलभराव की स्थिति है। गर्मी में यह स्थिति है तो बरसात में इस इलाके के लोग कैसे रहते हैं। इस मोहल्ले में नाला निर्माण की बेहतर कार्य योजना भी नहीं तैयार की जा सकी है। इससे जगह-जगह गंदे पानी का जलभराव रहता है। यहां के लोगों में हमेशा बीमारी फैलने का डर बना रहता है।
कई मोहल्ले में जलभराव की झेलनी पड़ेगी परेशानी
शहर के कई मोहल्ले में जल निकासी के इंतजाम बेहतर नहीं होने से जलभराव की दुश्वारी बरकरार है। हर बरसात जलभराव की समस्या से शहर का कई इलाका व बसे नए मोहल्लों के लोग जूझते रहते हैं। ऐसे में इस बार भी कोई बेहतर योजना नहीं बनने से स्थानीय लोगों को इलाका डूबने का डर सता रहा है। जगह-जगह जलभराव स्थिति पैदा होगी। हर बरसात में अधिकतर इलाका पानी में डूबा रहता है। उमानगर में भी इस तरह की परेशानी है। जगह-जगह नालियां ध्वस्त हैं। कुछ जगहों को छोड़कर एक-दूसरे से इनका जुड़ाव भी नहीं है।
कोट
जलनिकासी के लिए प्रयास किया जा रहा है। कई नाले बनाए गए हैं। कई जगह काम चल रहा है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-ईओ, अंकिता शुक्ला
कोट
गंदा पानी एकत्र होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। इसके कारण मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, टायफायड, डेंगू, हेपेटाइसिस और कालरा की चपेट में आने की आशंका रहती है। अब संचारी रोग फैलने का समय आ रहा है। इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घरों में और आसपास साफ-सफाई रखें। गंदा पानी एकत्र न होने दें।
-डॉ. विजय गुप्ता, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज
स्पीकअप
सड़क व नाली बनने के बाद जलनिकासी के समुचित इंतजाम नहीं हैं। शहर के नए वार्डों में कमोवेश यही स्थिति है। नालियों का गंदा पानी खाली पड़ी जमीन में एकत्रित हो रहा है। गर्मी हो या बरसात, यहां पर हर मौसम में जलभराव देखने को मिल जाएगा।
-पुष्पा मिश्रा, शिवपुरम, रामनाथ देवरिया
शहर में मोहल्ले तो बसते गए परंतु उसका समुचित विकास नहीं किया गया। इससे मोहल्ले के घरों से निकलने वाला नाले का गंदा पानी खाली पड़े जमीन में जमा रहता है। इससे हर समय संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
-बहीबुल अंसारी, साकेत नगर दक्षिणी
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शहर के रामगुलाम टोला पूर्वी, साकेत नगर दक्षिणी, खरजरवा पश्चिमी, चकियवां में जलभराव
हर समय संक्रामक बीमारियों का फैलने का बना रहता है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के कई मोहल्ले में जल निकासी के लिए नालियां नहीं बनी हैं। कहीं बन रही हैं। इसकी वजह से घरों से निकलने वाला गंदा पानी जगह-जगह खाली प्लाॅटों में भर रहा है। इससे मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं। वार्ड के लोगों ने नगर पालिका अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है। इसके बावजूद जलनिकासी के लिए इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
शहर में तमाम नए मोहल्लों में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। रामगुलाम टोला पूर्वी, साकेत नगर दक्षिणी, खरजरवा पश्चिमी, चकियवां सहित अधिकांश मोहल्लों में पानी निकासी के लिए कोई नाली ही नहीं है। इससे यहां हर मौसम में खाली पड़े प्लाॅटों में जलभराव रहता है। यहां जो पानी तालाब में जाता भी है वहां लोगों ने नालियों पर अतिक्रमण कर उन्हें ऊंचा कर दिया है। जलभराव के कारण लोग को निकलने तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। साथ ही में दो पहिया वाहनों को भी आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
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समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका को स्थानीय लोगों ने अवगत कराया है। इसके बावजूद भी पानी निकास के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। शहर के अधिकांश बाहरी मोहल्लों में भी यही स्थिति है।
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नालियों को बनाने का कार्य शुरू, लगेगा समय
मोहल्ले में नालियां नालियां बनाने का कार्य शुरू हो गया है। समय कितना लगेगा ये बताने को कोई तैयार नहीं है। मोहल्ले के लोगों को रोजाना समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जबकि साफ-सफाई एवं विकास कार्यों पर नगर पालिका अच्छा-खासा खर्च करती है।
उमानगर, साकेत नगर व रामनाथ मोहल्ले के खाली प्लाॅटों में जलभराव
शहर के उमानगर, रामनाथ मोहल्ले में जल निकासी के इंतजाम बेहतर नहीं होने से घरों के निकलने वाले गंदे पानी से खाली प्लाॅटों में जलभराव की स्थिति है। गर्मी में यह स्थिति है तो बरसात में इस इलाके के लोग कैसे रहते हैं। इस मोहल्ले में नाला निर्माण की बेहतर कार्य योजना भी नहीं तैयार की जा सकी है। इससे जगह-जगह गंदे पानी का जलभराव रहता है। यहां के लोगों में हमेशा बीमारी फैलने का डर बना रहता है।
कई मोहल्ले में जलभराव की झेलनी पड़ेगी परेशानी
शहर के कई मोहल्ले में जल निकासी के इंतजाम बेहतर नहीं होने से जलभराव की दुश्वारी बरकरार है। हर बरसात जलभराव की समस्या से शहर का कई इलाका व बसे नए मोहल्लों के लोग जूझते रहते हैं। ऐसे में इस बार भी कोई बेहतर योजना नहीं बनने से स्थानीय लोगों को इलाका डूबने का डर सता रहा है। जगह-जगह जलभराव स्थिति पैदा होगी। हर बरसात में अधिकतर इलाका पानी में डूबा रहता है। उमानगर में भी इस तरह की परेशानी है। जगह-जगह नालियां ध्वस्त हैं। कुछ जगहों को छोड़कर एक-दूसरे से इनका जुड़ाव भी नहीं है।
कोट
जलनिकासी के लिए प्रयास किया जा रहा है। कई नाले बनाए गए हैं। कई जगह काम चल रहा है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-ईओ, अंकिता शुक्ला
कोट
गंदा पानी एकत्र होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। इसके कारण मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, टायफायड, डेंगू, हेपेटाइसिस और कालरा की चपेट में आने की आशंका रहती है। अब संचारी रोग फैलने का समय आ रहा है। इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घरों में और आसपास साफ-सफाई रखें। गंदा पानी एकत्र न होने दें।
-डॉ. विजय गुप्ता, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज
स्पीकअप
सड़क व नाली बनने के बाद जलनिकासी के समुचित इंतजाम नहीं हैं। शहर के नए वार्डों में कमोवेश यही स्थिति है। नालियों का गंदा पानी खाली पड़ी जमीन में एकत्रित हो रहा है। गर्मी हो या बरसात, यहां पर हर मौसम में जलभराव देखने को मिल जाएगा।
-पुष्पा मिश्रा, शिवपुरम, रामनाथ देवरिया
शहर में मोहल्ले तो बसते गए परंतु उसका समुचित विकास नहीं किया गया। इससे मोहल्ले के घरों से निकलने वाला नाले का गंदा पानी खाली पड़े जमीन में जमा रहता है। इससे हर समय संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
-बहीबुल अंसारी, साकेत नगर दक्षिणी