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Deoria News: नहीं सुलझा जमीन का पेंच तो अधूरा रह जाएगा ट्राॅमा सेंटर, मरीजों को होगी दिक्कत

Thu, 22 Feb 2024 04:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 22 Feb 2024 04:52 PM IST
सार

देवरिया मेडिकल कॉलेज में ट्राॅमा सेंटर के निर्माण में जमीन का पेंच अभी सुलझ नहीं सका है। मानचित्र के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय परिसर में 500 वर्ग फीट जमीन आ रही है। लेकिन, अब तक करीब 200 वर्ग फीट जमीन नहीं मिल सकी है।

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If the land issue is not resolved, the trauma center will remain incomplete, patients will face problems
देवरिया मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार


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मेडिकल कॉलेज में ट्राॅमा सेंटर के निर्माण जमीन का पेंच अभी सुलझ नहीं सका है। मानचित्र के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय परिसर में 500 वर्ग फीट जमीन आ रही है। लेकिन, अब तक करीब 200 वर्ग फीट जमीन नहीं मिल सकी है।

इस एरिया में वेटिंग हाॅल और उसके ऊपर ओटी बनना है। सीएमओ निर्देश के अनुसार जमीन देने की बात कर रहे हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन और कार्यदायी संस्था पूरी जमीन की बात कह रहा है। कार्यदायी संस्था के अधिकारी परेशान हैं। अगर पूरी जमीन नहीं मिली तो ट्राॅमा सेंटर अधूरा रह जाएगा।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। इमरजेंसी से लेकर वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों को हायर सेंटर पर भेजना पड़ता है। इससे जहां इलाज में अधिक धन खर्च करना पड़ता है वहीं समय बर्बाद होता है। इसे देखते हुए शासन ने ट्राॅमा सेंटर निर्माण के लिए हरी झंडी देते हुए धन अवमुक्त कर दिया है।
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इमरजेंसी के सामने 1393 वर्ग मीटर के एरिया में जमीन चिह्नित की गई है। अक्तूबर 2023 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसमें करीब 500 वर्ग फीट जमीन सीएमओ कार्यालय परिसर की है। इसमें मुख्य गेट, स्टोर है। जबकि बड़ा जेनरेटर स्थापित है। अन्य उपयोग भी होता है।

पहले सीएमओ कार्यालय की ओर से जमीन देने से मना कर दिया गया। पर शासन और डीएम के निर्देश पर स्टोर की जमीन देने के लिए राजी हो गए। भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है, लेकिन शेष 200 वर्ग फीट जमीन देने पर एतराज जताया जा रहा है। जबकि, मानचित्र में इस जमीन पर ग्राउंड फ्लोर पर वेटिंग एरिया तथा उसके ऊपर ओटी का निर्माण होना है। अगर भूमि का पेंच नहीं सुलझा तो ट्राॅमा सेंटर का निर्माण अधूरा रह जाएगा।

तीन मंजिले भवन में होंगे 70 बेड
मेडिकल कॉलेज में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से 70 बेड का ट्राॅमा सेंटर स्थापित होगा। यह 1393 वर्ग मीटर में तीन मंजिला होगा। वार्ड में ट्राॅमा के लिए 30 बेड होंगे। 20 बेड का बर्न और 20 बेड का टॉक्सिकोलॉजी वार्ड बनेगा।

यहां मॉड्यूलर ओटी, माइनर ओटी, मेडिकल पाइपलाइन, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप, मॉनीटर सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण होंगे। बर्न वार्ड पूरी तरह वातानुकूलित होगा। यहां प्लास्टर, एमआरआई, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, सीटी स्कैन जांच की भी सुविधा होगी। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा ट्रेंड पैरामेडिकल मौजूद रहेंगे। इसके बन जाने से गंभीर रूप से घायल व अन्य गंभीर मरीजों, आग से झुलसे तथा प्वाइजनिंग के मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

सीएमओ राजेश कुमार झा ने बताया कि ट्राॅमा सेंटर का निर्माण अच्छी बात है। इससे मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। शासन से स्टोर तक जमीन देने के निर्देश मिले थे। उसे उपलब्ध करा दिया गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से और भूमि मांगी जा रही है, लेकिन उसके लिए कुछ नहीं कहा गया है।

प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। एक साल के अंदर निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। मानचित्र के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित स्टोर की जमीन मिल गई। जितनी जमीन कम हो रही है, उसे लेकर बात की जाएगी और समस्या का समाधान हो जाएगा।

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