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कई मोहल्लों की बिजली घंटों रही गुलकई मोहल्लों की बिजली घंटों रही गुल

Wed, 11 May 2022 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:25 PM IST
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proble of electri city in city
कई मोहल्लों की बिजली घंटों रही गुल
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शहर में ट्रांसफॉर्मर बदलने और फाल्ट होने से लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के दो जगहों पर लगे ट्रांसफॉर्मर के ओवरलोड को देखते हुए बुधवार को नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया। इसके कारण करीब दो हजार घरों की बिजली सुबह करीब तीन घंटों तक बाधित रही। जबकि कुछ मोहल्लों में बार-बार बिजली की कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान रहे।
शहर के रामनाथ देवरिया और बांस देवरिया मोहल्ले में लगे 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर को बदल कर 400 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। ओवरलोड के कारण आए दिन ट्रांसफॉर्मर फुंक जाते हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसके लिए ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ा दी गई है। बुधवार की सुबह करीब आठ से साढ़े दस बजे तक इन मोहल्लों के करीब दो हजार परिवारों की बिजली निगम को काटनी पड़ी। जबकि रामलीला मैदान से जुड़े कई मोहल्लों में फॉल्ट होने बिजली आपूर्ति बाधित रही।
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लोकेटर मशीन के अभाव में भूमिगत केबल का फॉल्ट ढूंढते रह जा रहे हैं कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट होने पर कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ जा रही हैं। लोकेटर मशीन न होने की वजह से गोरखपुर से मशीन मंगानी पड़ रही है। अगर शहर में रात में फॉल्ट हो गया तो पूरी रात उपभोक्ताओं को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। इतना नहीं केबल डालने के लिए भी मशीन न होने के कारण दूसरी जगह से निगम को सहारा लेना पड़ा रहा है। इसके बाद भी निगम के आला अफसर मशीन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं।
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अगर शहर में किसी भी जगह भूमिगत केबल में फॉल्ट हो जा रहा है तो निगम के कर्मचारियों को ढूंढने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में निगम के पास लोकेटर मशीन न होने के कई घंटों तक आपूर्ति बाधित रहती है। गोरखपुर में भी एक ही मशीन होने की वजह से यहां के कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि दो दिन तक मशीन के लिए इंतजार करना पड़ता है। जबकि दूसरा नया केबल डालने के लिए मशीन न होने के वजह से गड्ढा खोकर कर्मचारियों को केबल डालना पड़ता है। इसमें भी समय लगता है। जेसीबी मशीन के लिए किराए पर लेना पड़ रहा है।

कोट-
लोकेटर मशीन न होने से परेशानी होती है लेकिन गोरखपुर से मंगा लिया जाता है। नई मशीन की खरीदारी को लिए पत्र भी लिखा गया है। ओवरलोड के देखते हुए कई ट्रांसफॉर्मर बदले जाने हैं। दो की स्वीकृति मिली थी, वे बदल दिए गए हैं।
-जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
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