फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   private hospitals throws bio waste on nagar palika rubbish point

Deoria News: निजी अस्पतालों के पास बॉयो वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं

Sun, 08 Jan 2023 11:49 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
private hospitals throws bio waste on  nagar palika rubbish point
ट्यूवेल कॉलोनी चौराहे के पास बने नगर पालिका के कुड़ा पॉइंट पर फेका गया बायो मेडिकल वेस्ट।संवाद - फोटो : DEORIA
निजी अस्पतालों के पास बॉयो वेस्ट निस्तारण का इंतजाम नहीं
विज्ञापन

नगर पालिका के कूड़ा प्वाइंट पर बॉयो मेडिकल वेस्ट फेंकने से रहता है संक्रमण का खतरा
अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के समय लिया जाता है प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला मुख्यालय से लगायत कस्बों में स्थित निजी अस्पतालों के बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का पुख्ता इंतजाम नहीं है। अफसर इन अस्पतालों से पंजीकरण के समय प्रमाणपत्र लेकर भूल गए कि इनका बॉयो मेडिकल वेस्ट सही तरीके से निस्तारित हो रहा है कि नहीं।
नगर पालिका के ईओ ने बॉयो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर सीएमओ को पत्र भेजा है। नगर पालिका के पास आए दिन शिकायत पहुंच रही है कि कुछ निजी अस्पताल आवास के सामने कचरा फेंक दे रहे हैं। इससे इंफेक्शन फैलने की आशंका है। जनपद में हर रोज निजी अस्पतालों से बॉयो मेडिकल वेस्ट निकलता है। पर सच तो यह है कि केवल बॉयो मेडिकल वेस्ट के सही निस्तारण का कागजी दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले भर में मौजूद अधिकतर निजी अस्पताल बॉयो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। बॉयो मेडिकल वेस्ट जहां इंसीनेरेटर में डिस्पोज होना चाहिए, वहीं, इसको खुले में नगर पालिका के कूड़ा स्थलों पर फेंक दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे गंभीर बात तो यह है कि निजी अस्पताल जब लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो उनको बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण करने का प्रमाण देना होता है। इसके लिए अधिकतर अस्पतालों ने बस्ती मंडल की फर्म का प्रमाणपत्र लगाया है। इसके आधार पर रजिस्ट्रेशन किया गया है।
अभी कुछ दिन पहले अपर पुलिस अधीक्षक के आवास के पास काफी मात्रा में बॉयो मेडिकल वेस्ट देखे जाने पर नगर पालिका के पास शिकायत पहुंची थी। पुलिस लाइंस के पास भी इस तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं।
इसी तरह शहर की दो अन्य जगहों से भी शिकायत मिली कि बॉयो मेडिकल वेस्ट उनके घर के पास फेंका जा रहा है। इसमें पट्टियां, सीरिंज, खाली बोतल, कटा प्लास्टर आदि मेडिकल वेस्ट होता है। शहर के ज्यादातर अस्पतालों में बॉयो वेस्ट के निस्तारण के उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं।
खुले में बिखरे बॉयो वेस्ट के ढेर में छुट्टा पशुओं का भी जमावड़ा लगा रहता है। वहीं, कचरा चुनने वाले बच्चे भी यहां पर कचरा उठाते हुए देखे जाते हैं। बॉयो वेस्ट सामग्री के कारण कभी भी किसी को नुकसान हो सकता है। इस पर ईओ ने सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखकर बताया कि शहर के कुछ अस्पताल मनमाने तरीके से नगर पालिका के कूड़ेदान में बॉयो मेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बॉयो मेडिकल वेस्ट के नियम
सामान्य सामग्री कॉटन, प्लास्टर, दवाइयों, मानव अंग के अपशिष्ट, प्लेसेंटा, रबर एवं प्लास्टिक, आईबी सेट तथा कांच के सामान विभिन्न रंग के अलग-अलग थैलों में रखा जाता है।
सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत निजी अस्पताल व क्लीनिक 139
सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत पैथोलॉजी 47
कोट
पुलिस लाइंस के पास नगर पालिका के कूड़ा प्वाइंट पर बॉयो मेडिकल वेस्ट फेंके जाने की कई बार शिकायत मिल चुकी है। इसको लेकर सीएमओ ऑफिस को पत्र भेजा गया है कि बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण कराया जाए।

-रोहित सिंह, ईओ
कोट
अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के समय ही प्रमाणपत्र लिया जाता है कि किस तरह बॉयो मेडिकल वेस्ट का प्रबंधन अस्पताल संचालक करेंगे। इसमें जिस फर्म व एजेंसी के जरिए निस्तारण कराना होता है, उसका प्रमाणपत्र देने के बाद ही विभाग पंजीकरण होता है।
-राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed