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फजीवाड़े में कंपोजिट विद्यालय हाटा के प्रधानाध्यापक बर्खास्त
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फजीवाड़े में कंपोजिट विद्यालय हाटा के प्रधानाध्यापक बर्खास्त
देवरिया। सदर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय हाटा के प्रधानाध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने के आरोप को सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद इसकी पुष्टि हुई है। बीते चार वर्षों में जनपद से अब तक 55 से अधिक शिक्षकों को फजीवाड़े के चलते नौकरी से हटा दिया गया है।
सोमवार को बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि फुलवरिया लच्छी निवासी एक व्यक्ति ने देवरिया सदर के कंपोजिट विद्यालय हाटा में तैनात प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार सिंह के संबंध में शिकायत की थी। आरोप था कि वर्ष 1993 में गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज मझगांवा से संस्थागत छात्र के रूप में वह इंटर में अनुक्रमांक 0591869 पर रसायन विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा के दौरान रस्टीकेट किए गए थे। इस कारण परीक्षाफल अब तक अपूर्ण है, जो स्कूल की अंकतालिका में स्पष्ट है। हालांकि वह उसी विद्यालय के छात्र जितेंद्र कुमार सिंह, अनुक्रमांक 0591879, वर्ष 1993 के अंकपत्र व प्रमाणपत्र पर फर्जी तथा कूटरचित तरीके से अपना नाम दर्ज कराकर बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यरत हो गए थे।
शिकायत के आधार पर सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मानव संपदा पोर्टल पर भी उनके अभिलेखों की जांच के दौरान पता चला कि इंटर का प्रमाणपत्र व अंकपत्र डिलीट कर दिया गया है। कई चरणों तक चली जांच प्रक्रिया के बाद यह पुष्ट हुआ कि उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी हैं और संबंधित शिक्षक को स्पष्टीकरण के कई मौके दिए जाने वह अपना पक्ष नहीं रखे। बीएसए ने बताया कि शिक्षक ने षड्यंत्र करके नौकरी हासिल की, इस आधार पर अध्यापक सेवा नियमावली के तहत उन्हें बर्खास्त किया जाता है। साथ ही संबंधित बीईओ को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेश जारी किया गया है।
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देवरिया। सदर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय हाटा के प्रधानाध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने के आरोप को सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद इसकी पुष्टि हुई है। बीते चार वर्षों में जनपद से अब तक 55 से अधिक शिक्षकों को फजीवाड़े के चलते नौकरी से हटा दिया गया है।
सोमवार को बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि फुलवरिया लच्छी निवासी एक व्यक्ति ने देवरिया सदर के कंपोजिट विद्यालय हाटा में तैनात प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार सिंह के संबंध में शिकायत की थी। आरोप था कि वर्ष 1993 में गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज मझगांवा से संस्थागत छात्र के रूप में वह इंटर में अनुक्रमांक 0591869 पर रसायन विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा के दौरान रस्टीकेट किए गए थे। इस कारण परीक्षाफल अब तक अपूर्ण है, जो स्कूल की अंकतालिका में स्पष्ट है। हालांकि वह उसी विद्यालय के छात्र जितेंद्र कुमार सिंह, अनुक्रमांक 0591879, वर्ष 1993 के अंकपत्र व प्रमाणपत्र पर फर्जी तथा कूटरचित तरीके से अपना नाम दर्ज कराकर बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यरत हो गए थे।
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शिकायत के आधार पर सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मानव संपदा पोर्टल पर भी उनके अभिलेखों की जांच के दौरान पता चला कि इंटर का प्रमाणपत्र व अंकपत्र डिलीट कर दिया गया है। कई चरणों तक चली जांच प्रक्रिया के बाद यह पुष्ट हुआ कि उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी हैं और संबंधित शिक्षक को स्पष्टीकरण के कई मौके दिए जाने वह अपना पक्ष नहीं रखे। बीएसए ने बताया कि शिक्षक ने षड्यंत्र करके नौकरी हासिल की, इस आधार पर अध्यापक सेवा नियमावली के तहत उन्हें बर्खास्त किया जाता है। साथ ही संबंधित बीईओ को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेश जारी किया गया है।
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