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Deoria News: दर्द दे रहे रास्ते में बने गड्ढे, एक जगह फर्श भी ऊंची

Mon, 19 May 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 19 May 2025 12:09 AM IST
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Potholes on the road are causing pain, at one place the floor is also high
व्हील चेयर से मरीज को जांच के लिए ले जाते समय हो रही परेशानी
व्हीलचेयर, स्ट्रेचर से सीटी स्कैन और एक्स-रे कराने जाने वाले मरीजों को हो रही दिक्कत
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर से सीटी स्कैन और एक्स-रे कराने जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। करीब तीन सौ मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रास्ते में गड्ढे से दर्द बढ़ जाता है। पुराने भवन में जगह-जगह फर्श टूटने से पहिया फंस जाता है। गड्ढे ठीक हो जाएं तो मरीजाें और तीमारदारों को सहूलियत होगी।
दोनों जांच केंद्र पुराने भवन में हैं। नई ओपीडी भवन से करीब तीन सौ मीटर तो इमरजेंसी से डेढ़ से दो सौ मीटर दूरी जांच के लिए तय करनी पड़ती है। स्ट्रेचर और व्हील चेयर से मरीज को ले जाने में तीमारदार के पसीने छूट जाते हैं। अस्पताल के पुराने भवन के मेन गेट पर फर्श टूट गया है। इसमें व्हील चेयर व स्ट्रेचर फंस जाता है। उसे निकाल कर आगे बढ़ने पर पर पुराना आई ओटी और आगे जांच केंद्र के पास फर्श पर गड्ढा होने से मरीज के साथ तीमारदारों को परेशानी होती है। इसी बीच में फर्श ऊंचा होने और स्लोप न होने से चढ़ाने के लिए मशक्कत करानी पड़ती है। यही समस्या जांच कराने के बाद वापस लौटते समय भी होती है। एक मरीज के साथ कम से कम दो से तीन लोगाें को रहना पड़ता है, तब जांच हो पाती है, जो अकेले होते हैं। उन्हें दूसरे की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन मरीजों व तीमारदारों की समस्या की तरह जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।
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76 वर्षीय मां धनावती नए भवन के दूसरी मंजिल पर भर्ती है। डॉक्टर ने एक्स-रे के लिए लिखा। जांच के लिए ले जाने और आने में काफी परेशानी हुई। कई जगह गड्ढे में व्हीलचेयर का पहिया फंस जा रहा था। केंद्र ऊंचाई पर होने पर पत्नी व बच्चों के सहयोग से किसी तरह ऊपर किया।
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फूलबदन, कनकपुरा
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दुर्घटना पैर में चोट आई थी। तीसरी मंजिल पर वार्ड में इलाज चल रहा है। एक्स-रे कराने के लिए डॉक्टर ने लिखा। वहां से जांच केंद्र की दूरी अधिक है। परिवार के अन्य लोगों को बुलाना पड़ा। रास्ते में गड्ढे होने से दिक्कत हो रही है। केंद्र के पास जल्दी स्ट्रेचर ऊपर नहीं हो पा रहा था।
-राकेश, लबकनी
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गड्ढे में बार-बार पड़ने से खराब हो जाता है स्ट्रेचर व व्हीलचेयर
मरीजों को जांच के लिए लेकर जाने में जगह-जगह गड्ढे से होकर गुजरना पड़ता है। बार-बार गड्ढे में पड़ने से पहिया खराब हो जाता है। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी होती है। ओपीडी में सात-आठ व्हीलचेयर में आधा और आठ स्ट्रेचर में पांच खराब हैं। यही हाल इमरजेंसी का है। यहां भी करीब 12 स्ट्रेचर में आधा और व्हीलचेयर का पहिया खराब है।

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कोट
अस्पताल में सीटी स्कैन और एक्स-रे की निशुल्क सुविधा है। मरीजों को स्ट्रेचर व व्हीलचेयर उपलब्ध कराया जाता है। जिस जगह फर्श टूटा है उसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सहूलियत होगी।
डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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