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सागौन लगाए थे, कब फसल बन गए पता नहीं
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इसी प्लाट में दस माह पूर्व नगर पालिका ने ढाई हजार पौधे लगवाए थे
- फोटो : DEORIA
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फोटो समाचार---
पौधे लगे थे, फसल लहलहा रही
भुजौली कालोनी के स्लैज फॉर्म में नगरपालिका ने लगवाए थे ढाई हजार पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शासनादेश की इतिश्री करना कोई नगरपालिका से सीखे। पौधरोपण महाकुंभ में लाखों रुपये खर्च कर पौधे लगवाए। फोटो शूट होने व ट्री गार्ड का बजट पास कराने के बाद प्लॉट की जुताई करा दी। इस समय खेत से पौधे गायब हैं। गेहूं की फसल लहलहा रही है। पौधे कैसे नष्ट हो गए, गेहूं की बुआई कब हो गई। नगरपालिका के हुक्मरानों को भनक तक नहीं लगी। लापरवाही की पोल खुलने पर जिम्मेदारों ने आनन-फानन स्थानीय लोगों को नोटिस भेजा है।
अगस्त माह में आयोजित पौधरोपण महाकुंभ में जिले के 20 विभागों को 39.47 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समस्त विभागों ने अभियान चलाकर सरकारी जमीन पर पौधरोपण कराया। नगरपालिका को 38,211 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त था। इसमें करीब ढाई हजार पौधे पालिका ने भुजौली कालोनी स्थित स्लेज फॉर्म की जमीन पर लगवाए। पौधों की देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद एक भी पौधे नहीं बचे। जहां पौधे लगे थे, उस प्लॉट की जुताई कर गेहूं बो दिया गया है। इस संबंध मेें चेयरमैन नगर पालिका परिषद देवरिया अलका सिंह ने बताया कि आसपास झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों ने नगरपालिका की ओर से लगवाए गए पौधों को नष्ट कर दिया। बिना अनुमति के गेहूं की बुआई कर दी है। संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है।
पौधरोपण के नाम पर हुआ लाखों का भुगतान
शासन से मिले 38 लाख पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करने में नगरपालिका ने सात रुपये प्रति पौधे की दर से लाखों रुपये भुगतान किया है। इसके अलावा बोर्ड बैठक में ट्री गॉर्ड लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मंजूरी मिली थी। ट्री गॉर्ड लगे नहीं, पौधे सूख गए।
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दस माह बाद आई पौधों की याद
भले ही पौधों की सुरक्षा के नाम पर नगरपालिका ने कागज में कर्मचारी तैनात किए हों, पौधे नष्ट हो गए, इसकी जानकारी हुक्मरानों को दस माह बाद हो पाई है। पीडब्ल्यूडी के बिना एनओसी लिए सड़क निर्माण कराने पर काम रोकने पहुंचीं कर निर्धारण अधिकारी ने नगर पालिका के प्लॉट पर अतिक्रमण का संज्ञान लिया। उन्होंने बगैर पालिका की अनुमति के स्लेज फॉर्म में खेती कर रहे लोगों को नोटिस भेजा है।
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पौधे लगे थे, फसल लहलहा रही
भुजौली कालोनी के स्लैज फॉर्म में नगरपालिका ने लगवाए थे ढाई हजार पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शासनादेश की इतिश्री करना कोई नगरपालिका से सीखे। पौधरोपण महाकुंभ में लाखों रुपये खर्च कर पौधे लगवाए। फोटो शूट होने व ट्री गार्ड का बजट पास कराने के बाद प्लॉट की जुताई करा दी। इस समय खेत से पौधे गायब हैं। गेहूं की फसल लहलहा रही है। पौधे कैसे नष्ट हो गए, गेहूं की बुआई कब हो गई। नगरपालिका के हुक्मरानों को भनक तक नहीं लगी। लापरवाही की पोल खुलने पर जिम्मेदारों ने आनन-फानन स्थानीय लोगों को नोटिस भेजा है।
अगस्त माह में आयोजित पौधरोपण महाकुंभ में जिले के 20 विभागों को 39.47 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समस्त विभागों ने अभियान चलाकर सरकारी जमीन पर पौधरोपण कराया। नगरपालिका को 38,211 पौधे लगाने का लक्ष्य प्राप्त था। इसमें करीब ढाई हजार पौधे पालिका ने भुजौली कालोनी स्थित स्लेज फॉर्म की जमीन पर लगवाए। पौधों की देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद एक भी पौधे नहीं बचे। जहां पौधे लगे थे, उस प्लॉट की जुताई कर गेहूं बो दिया गया है। इस संबंध मेें चेयरमैन नगर पालिका परिषद देवरिया अलका सिंह ने बताया कि आसपास झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों ने नगरपालिका की ओर से लगवाए गए पौधों को नष्ट कर दिया। बिना अनुमति के गेहूं की बुआई कर दी है। संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा गया है।
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पौधरोपण के नाम पर हुआ लाखों का भुगतान
शासन से मिले 38 लाख पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करने में नगरपालिका ने सात रुपये प्रति पौधे की दर से लाखों रुपये भुगतान किया है। इसके अलावा बोर्ड बैठक में ट्री गॉर्ड लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मंजूरी मिली थी। ट्री गॉर्ड लगे नहीं, पौधे सूख गए।
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दस माह बाद आई पौधों की याद
भले ही पौधों की सुरक्षा के नाम पर नगरपालिका ने कागज में कर्मचारी तैनात किए हों, पौधे नष्ट हो गए, इसकी जानकारी हुक्मरानों को दस माह बाद हो पाई है। पीडब्ल्यूडी के बिना एनओसी लिए सड़क निर्माण कराने पर काम रोकने पहुंचीं कर निर्धारण अधिकारी ने नगर पालिका के प्लॉट पर अतिक्रमण का संज्ञान लिया। उन्होंने बगैर पालिका की अनुमति के स्लेज फॉर्म में खेती कर रहे लोगों को नोटिस भेजा है।