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बरहज में नाव बनी सहारा, मोहन सेतु अधर में

Thu, 28 Jul 2022 12:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 12:18 AM IST
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people goes by boat in sarau
बरहज सरयू नदी पर जान जोखिम में डाल यात्रा कर रहे लोग संवाद - फोटो : DEORIA
बरहज में नाव बनी सहारा, मोहन सेतु अधर में
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जून 2021 से ठप है सेतु निर्माण कार्य, 2018 में बनकर हो जाना था तैयार
बरहज। सरयू नदी के तट पर निर्माणाधीन मोहन सेतु का कार्य शासन की उपेक्षा और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। 2018 तक बनकर तैयार हो जाने वाले मोहन सेतु के न बनने के कारण बरसात के मौसम में नदी पार के गांवों के अलावा गैरजनपद को आने-जाने वाले लोगों के लिए नाव ही सहारा बना हुआ है। लोग जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, रिवाइज एस्टीमेट के कारण जून 2021 से पुल निर्माण कार्य ठप हो गया है। इसको लेकर लोगों में मायूसी है।
सरयू नदी के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के दो दर्जन से अधिक टोलों के अलावा मऊ, आजमगढ़, बलिया, बनारस आदि गैरजनपदों के लोगों की आवाजाही होती है। नदी के उफनाने और बारिश के मौसम में जान जोखिम में डाल लोग नाव से सफर तय करते हैं। इस बार पीडब्ल्यूडी की ओर से एक नाव लगाई गई है, जो लोगों के सफर के लिए नाकाफी साबित हो रही है। मंजिल पर पहुंचने की जल्दी के कारण नाव ओवरलोड हो जा रही है। अक्सर नाविक के मना करने पर लोग विवाद पर अमादा हो जा रहे हैं।
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नदी के रास्ते आवागमन की समस्या को लेकर 2014 में सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग की ओर से 9557.38 लाख की लागत से 1200 मीटर लंबा, 7.5 मीटर चौड़ा और 11.33 मीटर ऊंचाई वाले मोहन सेतु का निर्माण शुरु कराया गया था। इसे 2018 तक पूर्ण करा लिया जाना था। 2018-19 में शासन की ओर से 1835.45 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था। इससे कुछ हद तक कार्य कराया गया। 2019 से अब तक शासन द्वारा संशोधित बजट अवमुक्त नहीं किया जा सका है, जिससे जून 2021 से कार्य ठप हो गया। लोग पुल निर्माण में हो रही देरी में सेतु निगम और लोकनिर्माण विभाग को दोषी ठहरा रहे हैं।
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हालांकि, विभाग पुल निर्माण में अब तक 68 फीसदी कार्य पूरा करा चुका है। 39 पायों पर तैयार होने वाले पुल पर 26 पिलरों का कार्य प्रगति पर है। इसमें 16 पिलरों पर स्लैब डेक की ढलाई पूरी कराई जा चुकी है। विभागीय लापरवाही के कारण पुल निर्माण कार्य आज भी लटका हुआ है। वहीं, सेतु निगम कार्यालय में ताला बंद है। पुल निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण लोगों में नाराजगी है। संवाद
कोट-
इस बार एक नाव से आवागमन कराया जा रहा है। जल्द ही दूसरी बोट बढ़ा दी जाएगी। पुल निर्माण कार्य में रिवाइज एस्टीमेट अवमुक्त होने पर कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
-गजेंद्र सिंह एसडीएम बरहज
नदी तट पर पुल के अभाव में नाव से यात्रा करना मजबूरी है। नाव के ओवरलोड होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पुल बनने और आवागमन सुलभ होने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

-अंकित बरनवाल युवा व्यवसायी
पुल के निर्माण से लोगों में काफी उम्मीद जगी थी। लेकिन कार्य लटक जाने के कारण आज भी लोगों को जान जोखिम में डाल नदी पार करना मजबूरी है। प्रशासन की ओर से इस पर ध्यान की जरूरत है।
--- जयप्रकाश पांडेय समाजसेवी
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