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गर्मी के साथ बढ़ने लगे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:23 PM IST
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम के बदले मिजाज के साथ ही मौसमी बीमारी भी पांव पसारने लगे हैं। अनियमित खान-पान, बासी खाना के साथ-साथ दूषित पानी का चाहे अनचाहे सेवन के चलते कई बीमारियां आपकों चपेट में ले सकती हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों की मानें तो ओपीडी में प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक डायरिया के मरीज आ रहे हैं।
गर्मी के दस्तक देने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सेहत के लिए यह नुकसादायक साबित हो सकता है। पिछले सप्ताह से जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक ओपीडी में मरीज आ रहे हैं। पहले यह संख्या 1200 से 1300 थी। जिला अस्पताल के वार्डों में भी इन दिनों मरीजों के भर्ती होने की संख्या बढ़ गई है। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। संक्रामक वार्ड और जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम भी कर लिया गया है। लोगों की मानें तो प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल अप्रैल में मौसम ज्यादा तल्ख है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव और लापरवाही ही बामारियों की वजह बनती है। अस्पताल में मौसमी बीमारी से पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि अभी तक संक्रामक रोग का कोई गंभीर मरीज नहीं आया है। स्वच्छ भोजन व शुद्घ पानी के प्रयोग से बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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गर्मी के दस्तक देने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सेहत के लिए यह नुकसादायक साबित हो सकता है। पिछले सप्ताह से जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक ओपीडी में मरीज आ रहे हैं। पहले यह संख्या 1200 से 1300 थी। जिला अस्पताल के वार्डों में भी इन दिनों मरीजों के भर्ती होने की संख्या बढ़ गई है। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। संक्रामक वार्ड और जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम भी कर लिया गया है। लोगों की मानें तो प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल अप्रैल में मौसम ज्यादा तल्ख है। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव और लापरवाही ही बामारियों की वजह बनती है। अस्पताल में मौसमी बीमारी से पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि अभी तक संक्रामक रोग का कोई गंभीर मरीज नहीं आया है। स्वच्छ भोजन व शुद्घ पानी के प्रयोग से बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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