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Deoria News: क्षमता से अधिक बैठ रहे यात्री...फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं
Sat, 17 May 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 17 May 2025 11:35 PM IST
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देवरिया। दिल्ली जा रही लग्जरी बस में लखनऊ में आगे लगने से पांच यात्रियों के जिंदा जल जाने के बाद भी जिले के जिम्मेदार सजग नहीं हुए हैं। अब भी नियम-कानून को ताख पर बसें दिल्ली, जयपुर, लखनऊ के लिए संचालित की जा रही हैं।
लखनऊ में हुए हादसे के बाद जब निजी बसों की पड़ताल की गई तो चौकाने वाली बात सामने आई। बस में क्षमता से अधिक यात्री बैठे मिले। साथ ही आग से बचाव के लिए रखा फायर सिलिंडर भी सभी गाड़ियों ने नहीं मिला। फर्स्ट एड बॉक्स किसी भी बस में नहीं पाया गया। कसया रोड स्थित एक पेट्रोल पंप परिसर और उसके अगल-बगल से जयपुर, दिल्ली व लखनऊ के लिए प्रतिदिन लग्जरी बसाें का संचालन होता है। इन बसों में भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में यहां भी कोई हादसे हो जाए तो बड़ी जानमाल की हानि को रोका नहीं किया जा सकता। बस की पड़ताल में कई अव्यवस्थाएं मिलीं। ऐसे में इस बार से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि जिले में भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, एआरटीओ का कहना है कि जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। मानक पूरा नहीं करने वाली बसों के चलने पर पाबंदी लगाई जाएगी।
हादसे से बचाव के नहीं दिखे इंतजाम : 41 सीटर बस में आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं नजर आए। सीट के टूल बॉक्स के पास एक सिलिंडर रखा था, इसमें रीफिलिंग की कोई डेट अंकित नहीं थी। साथ ही सिलिंडर में गैस भी नहीं थी।
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वहीं प्राथमिक उपचार के लिए गाड़ी में लगा फर्स्ट एड बॉक्स जो पट्टे में बंधा था, केवल दिखावे के लिए रखा था। इसी तरह कई अन्य बसोें की हालत थी। मुख्यालय से दिल्ली, जयपुर व लखनऊ के लिए प्रतिदिन 10 से अधिक निजी बसों का संचालन होता है।
कुछ बसें पुरवा से होते हुए गोरखपुर से पहले ही बाईपास से तो कुछ कसया होकर जाती हैं।
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लखनऊ में हुए हादसे के बाद जब निजी बसों की पड़ताल की गई तो चौकाने वाली बात सामने आई। बस में क्षमता से अधिक यात्री बैठे मिले। साथ ही आग से बचाव के लिए रखा फायर सिलिंडर भी सभी गाड़ियों ने नहीं मिला। फर्स्ट एड बॉक्स किसी भी बस में नहीं पाया गया। कसया रोड स्थित एक पेट्रोल पंप परिसर और उसके अगल-बगल से जयपुर, दिल्ली व लखनऊ के लिए प्रतिदिन लग्जरी बसाें का संचालन होता है। इन बसों में भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में यहां भी कोई हादसे हो जाए तो बड़ी जानमाल की हानि को रोका नहीं किया जा सकता। बस की पड़ताल में कई अव्यवस्थाएं मिलीं। ऐसे में इस बार से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि जिले में भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, एआरटीओ का कहना है कि जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। मानक पूरा नहीं करने वाली बसों के चलने पर पाबंदी लगाई जाएगी।
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हादसे से बचाव के नहीं दिखे इंतजाम : 41 सीटर बस में आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं नजर आए। सीट के टूल बॉक्स के पास एक सिलिंडर रखा था, इसमें रीफिलिंग की कोई डेट अंकित नहीं थी। साथ ही सिलिंडर में गैस भी नहीं थी।
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वहीं प्राथमिक उपचार के लिए गाड़ी में लगा फर्स्ट एड बॉक्स जो पट्टे में बंधा था, केवल दिखावे के लिए रखा था। इसी तरह कई अन्य बसोें की हालत थी। मुख्यालय से दिल्ली, जयपुर व लखनऊ के लिए प्रतिदिन 10 से अधिक निजी बसों का संचालन होता है।
कुछ बसें पुरवा से होते हुए गोरखपुर से पहले ही बाईपास से तो कुछ कसया होकर जाती हैं।