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मां-बेटी की मौत मामला: पदमा ने स्टेटस पर दो दिन पहले लगाया था इंसान की कीमत मरने के बाद पता चलती है...

Fri, 14 Apr 2023 05:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 14 Apr 2023 05:03 PM IST
सार

कपरवार गांव निवासी जनार्दन तिवारी की पुत्री पदमा उर्फ वर्षा की शादी बढ़या फुलवरिया गांव निवासी सत्यप्रकाश से हुई थी। जिससे दो संतान रुद्रांश और आराध्या थे। पति के अनुसार शादी के कुछ वर्ष बाद से पदमा की दिमागी हालत खराब हो गई। उसे बायपोलर डिसआर्डर नामक बीमारी थी।

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Padma posted the status two days ago
पदमा उर्फ वर्षा गोद में बेटी आराध्या - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया में बीएससी की टॉपर छात्रा रही पदमा उर्फ वर्षा ने आत्महत्या करने से पहले बड़ा ही मार्मिक स्टेटस मोबाइल पर लगाया था। परिजनों को क्या पता था कि यह उसका आखिरी स्टेटस होगा। घरवाले स्टेटस देखकर भी किसी बड़ी अनहोनी को नहीं समझ पाए। उसने लिखा था कि इंसान की कीमत मरने के बाद पता चलती है, जो घटना के बाद सच साबित हुई। उसने बेटी को राप्ती नदी में फेंक कर छलांग लगा दी। इस घटना के बाद ससुराल और मायके पक्ष के लोग काफी मर्माहत हैं। हर किसी के जुबान से यही सुनने को मिल रहा था कि पदमा ने तो अपनी खुद की बगिया उजाड़ दी।

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बरहज थाना क्षेत्र के बढ़या फुलवरिया निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी पदमा उर्फ वर्षा और उसकी बेटी आराध्या का शव बृहस्पतिवार को घर पहुंचा। मौके पर मायके कपरवार निवासी पिता जनार्दन मिश्रा और भाई पहुंचे थे। बहन और भांजे का शव देख भाई फूट-फूट कर रो पड़ा। पिता बेटी को याद कर रो पड़े। पति सत्यप्रकाश को आने-जाने वाले सभी लोग सांत्वना दे रहे थे। दोनों परिजन एक-दूसरे को ढांढस भी बधाए। मायके पक्ष के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि पढ़ाई में इतनी मेधावी होने के बाद भी वह ऐसा कदम उठा लेगी।
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धन्य हैं भाग्य हमारे गीत पर पूर्व मंत्री ने किया था पुरस्कृत
मायके पक्ष के अनुसार उसने इंसान के मर जाने पर उसकी कीमत का चलता है पता का स्टेटस लगाया था। परिजन यह भी बता रहे हैं कि आत्महत्या से पूर्व उसने मैसेज भी किया था। बुआ जामवंती त्रिपाठी का कहना है कि ससुरालियों के प्रताड़ना के कारण पदमा का दिमाग विचलित हो गया था। वह पढ़ाई में बीएससी टॉपर थी। मुजौना में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उसने धन्य-धन्य हैं भाग्य हमारे...गीत प्रस्तुत किया था। इस पर तत्कालीन मंत्री हरिशंकर तिवारी ने उसे पुरस्कृत किया था।
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कुछ दिन बाद बच्ची के साथ पदमा को जाना था ससुराल, पहुंचा शव

उग्रसेन पुल से बुधवार को बेटी आराध्या के साथ पदमा उर्फ वर्षा पत्नी सत्यप्रकाश तिवारी ने राप्ती नदी में छलांग लगा दिया था। इससे दोनों की मौत हो गई। जिसका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार शाम को गौरा-कटइलवा स्थित मुक्तिपथ पर पदमा उर्फ वर्षा को उसके पति सत्यप्रकाश तिवारी ने मुखग्नि दिया। जबकि मासूम आराध्या को सरयू में प्रवाहित कर दिया गया। जिसे देख सभी की आंखें नम हो गई। हृदयविदारक घटना को लेकर लोग ईश्वर को कोस रहे थे।

दरवाजे पर मां को जमीन पर लेटा देख रुद्रांश कुछ भी समझ नहीं पा रहा था। पति सत्यप्रकाश का कहना है कि वह सिलवासा में एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते हैं। जहां परिवार के साथ रहते थे। जहां पदमा के मानसिक बीमारी का इलाज चलता था। 11 मार्च को अचानक उसकी तबियत खराब हो जाने पर संत विनोबा भावे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जिसे डॉक्टरों ने 18 मार्च को छुट्टी करते हुए उसे अपनों के बीच रखने का सलाह दिया। जिसको लेकर उसको गांव चला आया। कुछ दिन बाद घूमने के लिए मायके पहुंचा दिया। घटना से दो दिन पूर्व पत्नी से मिलने कपरवार गया था। जहां दो-तीन घंटे उसके साथ रहने के बाद पुत्र रुद्रांश को लेकर गांव चला आया, लेकिन मुझे क्या पता था कि यह पत्नी से अंतिम मुलाकात साबित होगी।

गलती कर पछताने के साथ खूब रोती थी पदमा
कपरवार गांव निवासी जनार्दन तिवारी की पुत्री पदमा उर्फ वर्षा की शादी बढ़या फुलवरिया गांव निवासी सत्यप्रकाश से हुई थी। जिससे दो संतान रुद्रांश और आराध्या थे। पति के अनुसार शादी के कुछ वर्ष बाद से पदमा की दिमागी हालत खराब हो गई। उसे बायपोलर डिसआर्डर नामक बीमारी थी। कुछ माह पहले मेरे ससुर ने समझाया-बुझाया था। इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा था। वह कभी-कभी बच्चों को मारती पीटती थी और आत्महत्या की धमकी भी देती थी। इसके बाद पछतावा करने के साथ रोती भी थी। बीते मार्च में उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी, जिससे वह बिचलित रहती थी।
 
सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने कहा कि मायके पक्ष ने मामले में तहरीर नहीं दी है। दोनों पक्ष मिल-जुलकर दाह संस्कार किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने के कारण दम घुटने से मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है। अगर तहरीर देकर आगे की कार्रवाई कराना चाहते हैं तो पुलिस मदद करेगी।
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