फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   officer not pas dieses less in village

गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त कराने में अफसर फेल

Sun, 10 Jun 2018 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया Updated Sun, 10 Jun 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
officer not pas dieses less in village
kuposhan
देवरिया। मासूमों को कुपोषण मुक्त रखना भले ही सरकार की प्राथमिकता हो, मगर अफसरों को इससे दिलचस्पी नहीं है। तभी तो सात माह बाद भी वह गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त नहीं कर पाए हैं। अक्टूबर में विभिन्न विभागों के 39 जिला स्तरीय अधिकारियों को कुल 78 गांव गोद दिए गए थे। इनमें महज आठ गांव ही कुपोषण मुक्त हुए हैं। यह भी सरकारी आंकड़ा है। जमीनी हकीकत इससे जुदा है। योगी सरकार ने सत्ता संभालते हुए मासूमों के सेहत के प्रति चिंता जताई थी। स्वस्थ और खुशहाल बचपन के लिए कुपोषण के खात्मे का ऐलान किया। सितंबर में पूरे जिले में अभियान चलाकर गांवों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन कराया गया। वजन के अनुसार उनकी श्रेणी निर्धारित की गई। इसमें 31 हजार 78 बच्चे अति कुपोषित पाए गए, 81690 बच्चे कुपोषित मिले।
विज्ञापन

शासन के निर्देश पर सबसे खराब स्थिति वाले 78 गांवों को चिह्नित कर 39 अधिकारियों को गोद दिया गया। इन अफसरों पर गोद लिए गांव को कुपोषण मुक्त बनाने की जिम्मेदारी थी। पहले 26 जनवरी तक इन गांवों को कुपोषण मुक्त करना था। तय समय में कोई गांव कुपोषण मुक्त नहीं हुआ तो समय सीमा मार्च कर दी। अब मई भी बीत गया है। मगर चिह्लित 78 में से सिर्फ आठ गांव की कुपोषण मुक्त की सूची में शामिल हो पाए हैं।  जिला कार्यक्रम अधिकारी केएम पांडेय ने बताया कि कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सिर्फ पोषाहार की ही जरूरत नहीं है। जागरूकता भी बड़ा माध्यम है। गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त करने के लिए डीएम की ओर से कड़े निर्देश दिए गए हैं। जल्दी ही स्थिति में सुधार होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed