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Deoria News: 180 गांवों में एक भी मजदूर को नहीं मिला काम
Wed, 02 Sep 2026 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:29 AM IST
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देवरिया। उपायुक्त वीबीजी-राम जी ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के 16 विकास खंडों की 180 ग्राम पंचायतों में अब तक रोजगार सृजन शून्य है।
विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना की समीक्षा मंगलवार को विकास भवन में सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी का वेतन और रोजगार सेवकों का मानदेय रोकने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि शासन की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में इच्छुक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूत करना है।
ऐसे में किसी ग्राम पंचायत में रोजगार सृजन का शून्य रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने उपायुक्त को निर्देशित किया कि शून्य रोजगार वाली ग्राम पंचायतों की लगातार निगरानी की जाए।
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साथ ही, संबंधित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों एवं विकास खंड स्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जहां समीक्षा के बावजूद रोजगार सृजन में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही क्षम्य नहीं है।
सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में मानव दिवस का सृजन नहीं हुआ है, वहां के ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारी एवं रोजगार सेवक का वेतन या मानदेय आहरित न किया जाए।
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विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना की समीक्षा मंगलवार को विकास भवन में सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई।
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बैठक में सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी का वेतन और रोजगार सेवकों का मानदेय रोकने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि शासन की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में इच्छुक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूत करना है।
ऐसे में किसी ग्राम पंचायत में रोजगार सृजन का शून्य रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने उपायुक्त को निर्देशित किया कि शून्य रोजगार वाली ग्राम पंचायतों की लगातार निगरानी की जाए।
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साथ ही, संबंधित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों एवं विकास खंड स्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जहां समीक्षा के बावजूद रोजगार सृजन में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही क्षम्य नहीं है।
सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में मानव दिवस का सृजन नहीं हुआ है, वहां के ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारी एवं रोजगार सेवक का वेतन या मानदेय आहरित न किया जाए।