निस्तारण में लापरवाही पड़ सकती है भारी
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देवरिया समेत सूबे के 42 जिलों में तहसील दिवसों के मामलों का समय से निपटारा न होने पर शासन नाराज है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी का उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त, राजस्व परिषद की तरफ से डीएम और कमिश्नर को पत्र लिखा गया है।
राजस्व परिषद की तरफ से अक्टूबर में तहसील दिवस की वेबसाइट पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। पता चला कि जनवरी से जून तक कई मामलों का निस्तारण नहीं किया गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता से कई पुराने मामले अभी तक लंबित हैं। जनवरी में देवरिया में तीन, फरवरी में देवरिया एक, मार्च में देवरिया में सात, संतकबीर नगर में चार लंबित हैं। अप्रैल में गोरखपुर के दो और कुशीनगर के एक मामलों के निस्तारण का विवरण वेबसाइट पर दर्ज नहीं है।
साथ ही कुशीनगर, गोरखपुर में एक एक और देवरिया में 12 मामले लंबित मिले। मई में गोरखपुर के एक मामले का विवरण वेबसाइट पर दर्ज नहीं था। इसी माह सिद्घार्थनगर में तीन, देवरिया में पांच, गोरखपुर में छह, संतकबीर नगर में आठ, कुशीनगर में नौ मामले लंबित मिले।
जून में महराजगंज में एक, बस्ती में दो, कुशीनगर में 11, गोरखपुर में 12, देवरिया में 15, सिद्घार्थनगर में 21, संतकबीर नगर में 22 मामले लंबित हैं।
राजस्व परिषद के आयुक्त की तरफ से उप भूमि व्यवस्था आयुक्त महेंद्र सिंह ने सभी संबंधित डीएम और कमिश्नर से पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि तहसील दिवस की कोई भी शिकायत वेबसाइट पर एक माह से अधिक समय तक लंबित न रहे।
इसके बाद भी इतने लंबे समय तक तहसील दिवस के मामलों का लंबित रहना खेदजनक है। लंबित मामलों में देरी का उत्तरदायित्व निर्धारण कर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्घ कार्रवाई करें।
साथ ही मामलों का निस्तारण भी तत्काल कराते हुए परिषद को अवगत कराएं। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने जिले के अधिकारियों को तहसील दिवस में लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया है।