{"_id":"6425d1fe88317ead2b095800","slug":"need-to-be-careful-about-vector-borne-diseases-deoria-news-c-7-1-105945-2023-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेक्टर जनित रोग के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेक्टर जनित रोग के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत : डीएम
Thu, 30 Mar 2023 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 30 Mar 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारी के लिए धन्वंतरि सभागार में बैठक हुई
एक अप्रैल से शुरू होगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
देविरया। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारी को लेकर धन्वंतरि सभागार में बैठक हुई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एक अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होगा। अभियान का शुभारंभ गौरीबाजार ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय इंदुपुर में होगा। उन्होंने सभी विभागों को अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। कहा कि मौसम में बदलाव के साथ वेक्टर जनित रोग बढ़ जाते हैं, ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में 12 विभाग भागीदारी निभा रहे हैं। सभी विभाग माइक्रोप्लान का पालन करें। इसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे घर-घर जाकर लोगों को वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूक करें। मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए कहें। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई के लिए अभियान चलाने एवं नियमित रूप से रोस्टर बनाकर फॉगिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। दो साल तक के बच्चों को जेई के टीके नियमित टीकाकरण सत्र में लगवाएं। घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। पूरी बांह के कमीज पहनें। स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें और घर के आसपास जलजमाव न होने दें। साबुन से हाथ धोने और रोजाना स्नान कर स्वच्छ रहें। दिमागी बुखार के बारे में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001805145 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान सीडीओ रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. राजेश बरनवाल, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ, डीपीआरओ अविनाश कुमार, डीपीओ कृष्ण कांत राय, सीवीओ डॉ. अरविंद कुमार वैश्य आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -- -
जिले में 23 संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित
जनपद में 158 ग्राम पंचायतों में 303 पशुपालक सुअर पालन करते हैं। सुअरबाड़ों की विशेष निगरानी की जाए। संचारी रोग को देखते हुए 23 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 18 ग्रामीण क्षेत्रों में एवं पांच नगर क्षेत्र के शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक अप्रैल से शुरू होगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
देविरया। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारी को लेकर धन्वंतरि सभागार में बैठक हुई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एक अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होगा। अभियान का शुभारंभ गौरीबाजार ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय इंदुपुर में होगा। उन्होंने सभी विभागों को अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। कहा कि मौसम में बदलाव के साथ वेक्टर जनित रोग बढ़ जाते हैं, ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में 12 विभाग भागीदारी निभा रहे हैं। सभी विभाग माइक्रोप्लान का पालन करें। इसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे घर-घर जाकर लोगों को वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूक करें। मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए कहें। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई के लिए अभियान चलाने एवं नियमित रूप से रोस्टर बनाकर फॉगिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। दो साल तक के बच्चों को जेई के टीके नियमित टीकाकरण सत्र में लगवाएं। घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। पूरी बांह के कमीज पहनें। स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें और घर के आसपास जलजमाव न होने दें। साबुन से हाथ धोने और रोजाना स्नान कर स्वच्छ रहें। दिमागी बुखार के बारे में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001805145 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान सीडीओ रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. राजेश बरनवाल, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ, डीपीआरओ अविनाश कुमार, डीपीओ कृष्ण कांत राय, सीवीओ डॉ. अरविंद कुमार वैश्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिले में 23 संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित
जनपद में 158 ग्राम पंचायतों में 303 पशुपालक सुअर पालन करते हैं। सुअरबाड़ों की विशेष निगरानी की जाए। संचारी रोग को देखते हुए 23 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 18 ग्रामीण क्षेत्रों में एवं पांच नगर क्षेत्र के शामिल हैं।
विज्ञापन