फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   nag pachami festival celebrated

नाग देवता को चढ़ा दूध लावा, श्रद्धालुओं ने परंपरागत ढंग से की पूजा

Sat, 14 Aug 2021 12:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Aug 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
nag pachami festival celebrated
नाग देवता को चढ़ा दूध लावा, श्रद्धालुओं ने परंपरागत ढंग से की पूजा
विज्ञापन

देवरिया। नागपंचमी का पर्व शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। दूध-लावा चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने नाग देवता की विधि-विधान से पूजा की। शिव मंदिरों में लोगों ने भक्ति भाव से आराधना की। घर-घर में इस मौके पर पकवान भी बनाए गए। ग्रामीण क्षेत्र में कई जगहों पर कुश्ती व दंगल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
महिलाओं ने गोबर से नागदेवता की आकृति भी दीवारों पर उकेरी। भगवान शिव को सबसे प्रिय नागदेवता के इस पर्व में घर-घर में महिलाओं ने विशेष पूजा अर्चना की। शिव मंदिरों में उपासकों की भीड़ देखने को मिली। देवरिया खास में पर्व के मौके पर दंगल प्रतियोगिता हुई। पहलवानों की आपसी भिड़ंत को देखने के लिए दर्शक जुटे रहे। देवरिया सदर के ब्लॉक प्रमुख पवन कुमार गुप्त ने इसका शुभारंभ कराया। इस दौरान हियुवा के कोषाध्यक्ष धनवंत सिंह, विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष बृजेश तिवारी, हियुवा के जिला मंत्री शैलेंद्र सिंह टुन्नू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

पारंपरिक खेलों का बच्चों ने लिया आनंद
बघौचघाट। नागपंचमी के अवसर पर क्षेत्र के गांवों में लोगों ने नाग देवता की पूजा अर्चना की गई। उसके बाद गांव मे लोग एक जगह इकट्ठा होकर ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किए। इसमें कबड्डी, कुश्ती, दौड़, कूद शामिल रहे। बच्चों ने खेलों में जमकर पसीना बहाया। गांव के प्रधानों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। भेलीपट्टी, सिधावे, पथरदेवा, महुआरी के स्कूलों पर बच्चों ने दौड़ लागाकर अपना जज्बा दिखाया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुशील पांडेय, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश ने बच्चों में पुरस्कार वितरण किया। इस दौरान गांव के लोगों ने इस पल का खूब आनंद लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

महर्षि चरक की मनाई गई जयंती
देवरिया। आयुर्वेद विभाग के जिला पंचायत परिसर स्थित कार्यालय में नाग पंचमी के अवसर पर महर्षि चरक की जयंती मनाई गई।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. डीके चौरसिया ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र में महर्षि चरक रचित ग्रंथ चरक संहिता सर्वोपरि है। मान्यता है कि नागपंचमी के ही दिन महर्षि का जन्म दिवस मनाया जाता है। महर्षि चरक के पूर्वज नागवंशी थे। कार्यक्रम का संचालन आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने किया। इस दौरान कुशीनगर के डॉ. पीएन राय, नमो नारायण, डॉ. सृजन राय, डॉ. दुर्गेश सिंह, शफीक अहमद, संजय पांडेय, मीरा श्रीवास्तव, विजय कुमार, रामदयाल, जय सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed