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कोरोना काल में मोबाइल यूनिट वैन बनी मददगार
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बैतालपुर के पाण्डेयचक गांव में कोरोना संधिग्धो का सैपल लेते मोबाइल यूनिट के लोग।
- फोटो : DEORIA
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कोरोना काल में मोबाइल यूनिट वैन बनी मददगार
संक्रमितों के संपर्क में रहने वालों के सैंपल कलेक्शन कर रही
107 प्रभावित गांवों की दी गई जिम्मेदारी, गांव में ही लिए जा रहे सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मोबाइल यूनिट टीम संक्रमितों के गांवों में इलाज के साथ-साथ कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेगी। जिले के 107 प्रभावित गांवों की जिम्मेदारी टीम को दी गई है। रूट चार्ज के अनुसार टीम सभी गांवों में पहुंचेगी। इससे लोगों को काफी हद तक सहूलियत मिल रही है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक एसीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
सीएचसी, पीएचसी से दूर गांवों में सामान्य रोगियों के इलाज के लिए जिले को चार मोबाइल यूनिट वाहन मिले हैं। (चलित अस्पताल) इस वाहन में इलाज की पूरी व्यवस्था है। एक वैन पर डॉक्टर, एलटी समेत छह लोगों की टीम है। महामारी से निपटने के लिए इसकी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिले के जिन गांवों में कोरोना संक्रमित मिले हैं। उन गांवों में मोबाइल यूनिट वैन को भेजा जा रहा है। सामान्य रोगियों के इलाज के अलावा कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेने की जिम्मेदारी इन्हें दी गई है। अब जिले के 107 गांवों में कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन गांवों में मोबाइल यूनिट वैन को भेजा जाएगा। इसके लिए रूट चार्ट तैयार किया गया है। गांवों में पहुंच रही टीम सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना संदिग्धों के सैंपल कलेक्शन कर जांच के लिए भेज रही है। अब तक 180 से अधिक लोगों के सैंपल मोबाइल यूनिट वैन की टीम जांच के लिए भेज चुुकी है। वहीं, सामान्य सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों के इलाज से जहां डॉक्टर कतरा रहे हैं। वहीं, आसानी से मोबाइल वैन टीम की ओर से दवा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक बीस से अधिक प्रभावित गांवों को मोबाइल यूनिट वैन टच कर चुकी है। मोबाइल यूनिट वैन के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि जिन गांवों में संक्रमित मिले हैं। वहां उनके संपर्क में रहने वालों के सैंपल मोबाइल यूनिट टीम ले रही है। इससे सैंपल कलेक्शन सेंटरों पर दबाव कम है और लोगों के लिए सहूलियत भी।
एक टीम में छह कर्मचारी
देवरिया। मोबाइल यूनिट वैन की एक टीम में एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक एलटी, एक फार्मासिस्ट और दो चपरासी शामिल हैं। जिले में चार मोबाइल यूनिट इन दिनों काम कर रही है। उधर, मोबाइल यूनिट टीम में जिला कोऑर्डिनेटर मिर्जा जावेद, डॉ. केडी अंसारी, डॉ. आरटी सिंह, डॉ. एससी श्रीवास्तव, डॉ. अली माजिद, एलटी चंदन यादव, चंद्रकमल, योगेंद्र पासवान, सुनील कुमार आदि शामिल हैं।
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वर्जन
मोबाइल यूनिट टीम में एक एलटी भी है। इसलिए जिन गांवों या कस्बा में कोरोना के मरीज मिले हैं। उन गांवों में टीम को भेजा जा रहा है और थर्मल स्क्रीनिंग के साथ कोरोना संदिग्धों के सैंपल कलेक्शन किए जा रहे हैं। गांव में ही लोगों को जांच व इलाज की सुविधा भी आसानी से मुहैया हो रही है।
-डॉ.आलोक कुुमार पांडेय, सीएमओ।
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संक्रमितों के संपर्क में रहने वालों के सैंपल कलेक्शन कर रही
107 प्रभावित गांवों की दी गई जिम्मेदारी, गांव में ही लिए जा रहे सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मोबाइल यूनिट टीम संक्रमितों के गांवों में इलाज के साथ-साथ कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेगी। जिले के 107 प्रभावित गांवों की जिम्मेदारी टीम को दी गई है। रूट चार्ज के अनुसार टीम सभी गांवों में पहुंचेगी। इससे लोगों को काफी हद तक सहूलियत मिल रही है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक एसीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
सीएचसी, पीएचसी से दूर गांवों में सामान्य रोगियों के इलाज के लिए जिले को चार मोबाइल यूनिट वाहन मिले हैं। (चलित अस्पताल) इस वाहन में इलाज की पूरी व्यवस्था है। एक वैन पर डॉक्टर, एलटी समेत छह लोगों की टीम है। महामारी से निपटने के लिए इसकी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिले के जिन गांवों में कोरोना संक्रमित मिले हैं। उन गांवों में मोबाइल यूनिट वैन को भेजा जा रहा है। सामान्य रोगियों के इलाज के अलावा कोरोना संदिग्धों के सैंपल लेने की जिम्मेदारी इन्हें दी गई है। अब जिले के 107 गांवों में कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन गांवों में मोबाइल यूनिट वैन को भेजा जाएगा। इसके लिए रूट चार्ट तैयार किया गया है। गांवों में पहुंच रही टीम सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना संदिग्धों के सैंपल कलेक्शन कर जांच के लिए भेज रही है। अब तक 180 से अधिक लोगों के सैंपल मोबाइल यूनिट वैन की टीम जांच के लिए भेज चुुकी है। वहीं, सामान्य सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों के इलाज से जहां डॉक्टर कतरा रहे हैं। वहीं, आसानी से मोबाइल वैन टीम की ओर से दवा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक बीस से अधिक प्रभावित गांवों को मोबाइल यूनिट वैन टच कर चुकी है। मोबाइल यूनिट वैन के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि जिन गांवों में संक्रमित मिले हैं। वहां उनके संपर्क में रहने वालों के सैंपल मोबाइल यूनिट टीम ले रही है। इससे सैंपल कलेक्शन सेंटरों पर दबाव कम है और लोगों के लिए सहूलियत भी।
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एक टीम में छह कर्मचारी
देवरिया। मोबाइल यूनिट वैन की एक टीम में एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक एलटी, एक फार्मासिस्ट और दो चपरासी शामिल हैं। जिले में चार मोबाइल यूनिट इन दिनों काम कर रही है। उधर, मोबाइल यूनिट टीम में जिला कोऑर्डिनेटर मिर्जा जावेद, डॉ. केडी अंसारी, डॉ. आरटी सिंह, डॉ. एससी श्रीवास्तव, डॉ. अली माजिद, एलटी चंदन यादव, चंद्रकमल, योगेंद्र पासवान, सुनील कुमार आदि शामिल हैं।
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मोबाइल यूनिट टीम में एक एलटी भी है। इसलिए जिन गांवों या कस्बा में कोरोना के मरीज मिले हैं। उन गांवों में टीम को भेजा जा रहा है और थर्मल स्क्रीनिंग के साथ कोरोना संदिग्धों के सैंपल कलेक्शन किए जा रहे हैं। गांव में ही लोगों को जांच व इलाज की सुविधा भी आसानी से मुहैया हो रही है।
-डॉ.आलोक कुुमार पांडेय, सीएमओ।