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Deoria News: धनतेरस पर चमका बाजार, ढाई सौ करोड़ का कारोबार
Sun, 19 Oct 2025 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:04 AM IST
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धनतेरस पर बर्तन खरीदते लोग
चांदी के सिक्के, लाइट वेट ज्वेलरी और झाड़ू की रही जबरदस्त खरीदारी
सोने-चांदी के बढ़े भाव के बावजूद ग्राहकों का उत्साह बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धनतेरस का पर्व बाजारों में रौनक लेकर आया। दोपहर बाद से शहर की ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। किसी ने सोने-चांदी के सिक्के खरीदे तो किसी ने शुभ मुहूर्त देखकर लाइट वेट ज्वेलरी में निवेश किया। वहीं झाड़ू और फूलों की मालाओं की खरीदारी ने भी इस धनतेरस के उत्सव को और खास बना दिया। वहीं दो पहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री में शनिवार के चलते मंदी रही। बहुत से ग्राहकों ने शुक्रवार को ही वाहन डिलीवरी ले ली। उदया तिथि में धनतेरस रविवार को होने के चलते लोग जमकर वाहनों की खरीददारी करने के मूड में हैं। इस बावत डीलरों ने एडवांस बुकिंग भी कर ली है। 17 व 18 अक्तूबर को दो दिनों में करीब ढाई सौ करोड़ का कारोबार जिले में हुआ।
धनतेरस पर सोने और चांदी के भाव बढ़ने के बावजूद ग्राहकों का जोश कम नहीं हुआ। आर्य समाज गली स्थित एक आभूषण फर्म के प्रोपराइटर ने बताया कि इस बार 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी की मांग सबसे अधिक रही। उन्होंने बताया कि पुराने सोने पर शत- प्रतिशत वापसी की गारंटी दी जा रही है, जिससे ग्राहकों का भरोसा और बढ़ा है। मालवीय रोड स्थित एक आभूषण फर्म के जयेश बरनवाल ने बताया कि शनिवार का दिन होने से कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर अगले दिन खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की अधिक पसंद लाइट वेट ज्वेलरी है, क्योंकि सोने और चांदी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। धनतेरस के दिन खरीदारी करने वाले ग्राहकों ने चांदी के सिक्कों के डिमांड की।
मालवीय रोड के एक संस्थान के सुनील कुमार सोनी ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा डिमांड चांदी के सिक्कों की रही है। चांदी के सिक्कों की कीमत दो हज़ार से शुरू है, जबकि पुराने डिजाइन वाले सिक्कों पर तीन सौ अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोना महंगा होने के कारण लोग छोटे और हल्के वजन की ज्वेलरी की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं।
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वहीं केडिया प्लाजा में स्थित एक फर्म के संजय केडिया ने बताया कि धनतेरस के दिन दोपहर बाद से लेकर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लोग सोने को अब निवेश के रूप में देख रहे हैं लेकिन सर्वाधिक बिक्री इस बार सोने-चांदी के सिक्कों की रही। प्रबंधक अवनीश वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सोने की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है। सर्वाधिक बिक्री सोने चांदी के सिक्कों की हो रही है लोग इसके प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
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शुक्रवार से ही लोग लेने लगे वाहनों की डिलीवरी
शनिवार को धनतेरस होने के चलते अधिकांश लोगोंं ने वाहन खरीदने से परहेज किया। इसके चलते वाहनों की बिक्री कम हुई। पुरवां में चार वाहन के एक कंपनी के शोरूम से महज 10 गाड़ियां बिकीं। वहीं हाटा रोड पर एक शोरूम से महज एक गाड़ी निकली। हालांकि 17 अक्तूबर को जमकर लोगों ने वाहन खरीदे। 17 व 18 अक्तूबर को मिलाकर करीब दो सौ चार पहिया वाहन बिके। वहीं दोपहिया वाहनों की संख्या दो हजार के करीब रही। इसके अलावा ट्रैक्टर, तिपहिया वाहन, ई बाइक और ई रिक्शा आदि भी अच्छी संख्या में बिके।
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-झाड़ू की भी रही जोरदार खरीदारी
धनतेरस पर सोने-चांदी के साथ झाड़ू की भी जबरदस्त बिक्री हुई। कोतवाली रोड पर स्थित झाड़ू की दुकानों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ लगी रही। झाड़ू विक्रेता प्रह्लाद जी बरनवाल ने बताया कि इस बार अब तक दो हज़ार से अधिक झाड़ू बिक चुके हैं। उन्होंने कहा कि झाड़ू को समृद्धि और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। बाजार में फूल वाली, खजूर की, प्लास्टिक की और सीक वाली झाड़ू 60 से 350 रूपये तक के दामों पर उपलब्ध है।
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-मुरली की माला से करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए फूलों की मालाओं की भी विशेष मांग रहती है। फूल विक्रेता भिखारी प्रजापति ने बताया कि गेंदा, गुलाब, अशोक, कमल, बेला और गुलमोहर की मालाओं की डिमांड हो रही है । इस बार लोग मुरली की माला को खास पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
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मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों ने बढ़ाया आकर्षण
इस साल दिवाली पर मिट्टी से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बाजार में लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रही हैं। नगर पालिका रोड पर इस बार ज्यादातर मूर्तियां चुनार की देसी मिट्टी से तैयार की गई हैं। इनकी कीमत 30 से लेकर 500 तक है।
विक्रेता शैलेश के अनुसार, पहले लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस पीओपी से बनी मूर्तियों की ओर झुकते थे, लेकिन अब पर्यावरण के प्रति जागरूकता और देसी उत्पादों के समर्थन के कारण मिट्टी की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है।
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सोने-चांदी के बढ़े भाव के बावजूद ग्राहकों का उत्साह बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धनतेरस का पर्व बाजारों में रौनक लेकर आया। दोपहर बाद से शहर की ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। किसी ने सोने-चांदी के सिक्के खरीदे तो किसी ने शुभ मुहूर्त देखकर लाइट वेट ज्वेलरी में निवेश किया। वहीं झाड़ू और फूलों की मालाओं की खरीदारी ने भी इस धनतेरस के उत्सव को और खास बना दिया। वहीं दो पहिया व चार पहिया वाहनों की बिक्री में शनिवार के चलते मंदी रही। बहुत से ग्राहकों ने शुक्रवार को ही वाहन डिलीवरी ले ली। उदया तिथि में धनतेरस रविवार को होने के चलते लोग जमकर वाहनों की खरीददारी करने के मूड में हैं। इस बावत डीलरों ने एडवांस बुकिंग भी कर ली है। 17 व 18 अक्तूबर को दो दिनों में करीब ढाई सौ करोड़ का कारोबार जिले में हुआ।
धनतेरस पर सोने और चांदी के भाव बढ़ने के बावजूद ग्राहकों का जोश कम नहीं हुआ। आर्य समाज गली स्थित एक आभूषण फर्म के प्रोपराइटर ने बताया कि इस बार 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी की मांग सबसे अधिक रही। उन्होंने बताया कि पुराने सोने पर शत- प्रतिशत वापसी की गारंटी दी जा रही है, जिससे ग्राहकों का भरोसा और बढ़ा है। मालवीय रोड स्थित एक आभूषण फर्म के जयेश बरनवाल ने बताया कि शनिवार का दिन होने से कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर अगले दिन खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की अधिक पसंद लाइट वेट ज्वेलरी है, क्योंकि सोने और चांदी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। धनतेरस के दिन खरीदारी करने वाले ग्राहकों ने चांदी के सिक्कों के डिमांड की।
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मालवीय रोड के एक संस्थान के सुनील कुमार सोनी ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा डिमांड चांदी के सिक्कों की रही है। चांदी के सिक्कों की कीमत दो हज़ार से शुरू है, जबकि पुराने डिजाइन वाले सिक्कों पर तीन सौ अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोना महंगा होने के कारण लोग छोटे और हल्के वजन की ज्वेलरी की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं।
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वहीं केडिया प्लाजा में स्थित एक फर्म के संजय केडिया ने बताया कि धनतेरस के दिन दोपहर बाद से लेकर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लोग सोने को अब निवेश के रूप में देख रहे हैं लेकिन सर्वाधिक बिक्री इस बार सोने-चांदी के सिक्कों की रही। प्रबंधक अवनीश वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सोने की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है। सर्वाधिक बिक्री सोने चांदी के सिक्कों की हो रही है लोग इसके प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
शुक्रवार से ही लोग लेने लगे वाहनों की डिलीवरी
शनिवार को धनतेरस होने के चलते अधिकांश लोगोंं ने वाहन खरीदने से परहेज किया। इसके चलते वाहनों की बिक्री कम हुई। पुरवां में चार वाहन के एक कंपनी के शोरूम से महज 10 गाड़ियां बिकीं। वहीं हाटा रोड पर एक शोरूम से महज एक गाड़ी निकली। हालांकि 17 अक्तूबर को जमकर लोगों ने वाहन खरीदे। 17 व 18 अक्तूबर को मिलाकर करीब दो सौ चार पहिया वाहन बिके। वहीं दोपहिया वाहनों की संख्या दो हजार के करीब रही। इसके अलावा ट्रैक्टर, तिपहिया वाहन, ई बाइक और ई रिक्शा आदि भी अच्छी संख्या में बिके।
-झाड़ू की भी रही जोरदार खरीदारी
धनतेरस पर सोने-चांदी के साथ झाड़ू की भी जबरदस्त बिक्री हुई। कोतवाली रोड पर स्थित झाड़ू की दुकानों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ लगी रही। झाड़ू विक्रेता प्रह्लाद जी बरनवाल ने बताया कि इस बार अब तक दो हज़ार से अधिक झाड़ू बिक चुके हैं। उन्होंने कहा कि झाड़ू को समृद्धि और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। बाजार में फूल वाली, खजूर की, प्लास्टिक की और सीक वाली झाड़ू 60 से 350 रूपये तक के दामों पर उपलब्ध है।
-मुरली की माला से करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए फूलों की मालाओं की भी विशेष मांग रहती है। फूल विक्रेता भिखारी प्रजापति ने बताया कि गेंदा, गुलाब, अशोक, कमल, बेला और गुलमोहर की मालाओं की डिमांड हो रही है । इस बार लोग मुरली की माला को खास पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों ने बढ़ाया आकर्षण
इस साल दिवाली पर मिट्टी से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बाजार में लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रही हैं। नगर पालिका रोड पर इस बार ज्यादातर मूर्तियां चुनार की देसी मिट्टी से तैयार की गई हैं। इनकी कीमत 30 से लेकर 500 तक है।
विक्रेता शैलेश के अनुसार, पहले लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस पीओपी से बनी मूर्तियों की ओर झुकते थे, लेकिन अब पर्यावरण के प्रति जागरूकता और देसी उत्पादों के समर्थन के कारण मिट्टी की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है।