फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Marked children with TB disease

चिह्नित किए गए टीबी रोग से ग्रसित बच्चे

Sat, 19 Dec 2020 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
Marked children with TB disease
चिह्नित किए गए टीबी रोग से ग्रसित बच्चे
विज्ञापन

देवरिया। जनपद में टीबी रोग को लेकर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत लोगों को जहां जागरूक किया जा रहा है। वहीं मरीजों को चिह्नित कर उनका उपचार किया जा रहा है। 11 माह में 84 बच्चे टीबी रोग के चिह्नित किए गए हैं। इनकी दवा शुरू कर दी गई है। बच्चों की काउंसिलिंग करने के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिले में बड़ों के अलावा बच्चे भी टीबी रोग से ग्रसित मिल रहे हैं। 11 माह में टीबी रोग से ग्रसित शून्य से 15 वर्ष तक के 84 बच्चे मिले हैं। इसमें पहले तिमाही में 27, दूसरे में 21, तीसरे में 18 तथा चौथे में अक्तूबर व नवंबर माह तक 18 मरीज पाए गए। बच्चे में दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आने की शिकायत मिलने पर जांच कराई तो आवश्यकता महसूस होने पर एक्स-रे भी कराया गया। जांच में टीबी रोग की पुष्टि होने पर दवा शुरू कर दी गई। चिकित्सक की सलाह पर टीबी रोग से ग्रसित बच्चों को छह माह या उससे अधिक समय तक नियमित दवा चलाई जाती है। इसके साथ ही चिह्नित बच्चों की काउंसिलिंग भी की जाती है। साथ ही अन्य बच्चों से दूर रखने की सलाह दी जाती है ताकि इसका संक्रमण न फैले। अभी नवंबर में विभाग की ओर से दस दिन का सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया गया, जिसमें लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। साथ टीमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षण के बारे में बताई और लक्षण मिलने पर सैंपल जांच कराया गया, जिसमें 139 मरीज मिले।
विज्ञापन

घुलनशील होती है बच्चों की दवा
टीबी से ग्रसित बच्चों को दी जाने वाली दवा घुलनशील होती है। दवा न निगल पाने की स्थिति में उसे घोल कर भी दिया जा सकता है, जिससे बच्चे आसानी से दवा ले सकें। बच्चों की भी दवा बड़े लोगों की तरह वजन के अनुसार चलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। टीम टीबी रोगियों को चिह्नित करती है और जांच के बाद दवा दी जाती है। इसके अलावा अभियान चलाकर मरीजों को चिह्नित किया जाता है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनपद में अब तक 84 बच्चे टीबी रोग से ग्रसित मिले हैं। उनकी दवा शुरू कर दी गई है। पोषण के लिए पांच सौ रुपये भी दिया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को दो हफ्ते से बुखार, खांसी आ रही हो और भूख नहीं लगती हो तो उसे समीप के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए।
- देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed