फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Licensed pistol became the hang of SOG's neck, report sent twice to the court

Deoria News: लाइसेंसी पिस्टल बनी एसओजी के गले की फांस, न्यायालय को दो बार भेजा दी रिपोर्ट

Tue, 04 Jul 2023 11:53 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:53 PM IST
विज्ञापन
Licensed pistol became the hang of SOG's neck, report sent twice to the court
खामपार, सलेमपुर और गौरीबाजार थाने से जुड़ा है मामला
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लाइसेंसी पिस्टल एसओजी के लिए गले की फांस बन गई है। मजे की बात यह है कि डीएम कार्यालय से पिस्टल के बारे में दो बार में दो अलग-अलग रिपोर्ट न्यायालय को भेजा गया है। मामला खामपार, सलेमपुर और गौरीबाजार थाने से जुड़ा हुआ है। अपने बचाव में एसओजी ने तीनों थानों की पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है।


खुखुंदू थाना क्षेत्र के एकडंगा गांव निवासी रामप्रवेश यादव अब गौरीबाजार थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर गांव में रहते हैं। रामप्रवेश यादव को बीते वर्ष 15 दिसंबर को एसओजी प्रभारी अनिल यादव, हेड कांस्टेबल सुदामा यादव और कांस्टेबल मेराज अहमद घर से बुलाकर खामपार थाने ले गए। वहां इनका लाइसेंसी पिस्टल, लाइसेंस, मोबाइल और फार्च्यूनर गाड़ी कब्जे में ले लिया। दो दिन बाद 17 दिसंबर को रामप्रवेश का चालान तमंचा में कर दिया गया। सक्षम न्यायालय में राम प्रवेश को पुलिस ने पेश किया। इस राम प्रवेश के अधिवक्ता ने कहा कि जिस व्यक्ति का तमंचा में चालान किया गया है, उसके नाम लाइसेंसी पिस्टल, जिसे एसओजी ने रख लिया है। इस पर निजी मुचलके पर छोड़ते हुए लाइसेंसी पिस्टल के बारे में खामपार पुलिस से आख्या मांगी। इस पर पुलिस ने आख्या में न्यायालय को बताया कि मामला गौरीबाजार थाने से संबंधित है। फिर न्यायालय ने गौरीबाजार थाना प्रभारी से 24 जनवरी को डीएम कार्यालय से रिपोर्ट लेकर कोर्ट को बताया कि इस नाम-पते से कोई लाइसेंस नहीं है। पीड़ित रामप्रवेश ने जिला सत्र न्यायालय में निगरानी दाखिल किया। 31 जनवरी को इसमें रामप्रवेश के नाम से लाइसेंस पिस्टल होने की रिपोर्ट दी गई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर डीएम कार्यालय ने दो बार में दो तरह की रिपोर्ट क्यों दी गई है। मामले को पुलिस इस तरह से लापरवाह क्यों बनी रही। यही नहीं डीएम कार्यालय के लिपिकों ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed