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Deoria News: कृषि विश्वविद्यालय के लिए भूमि का भेजा ब्योरा

Sun, 08 Jan 2023 11:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:51 PM IST
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land report for agriculture university sent
कृषि विश्वविद्यालय के लिए भूमि का भेजा ब्योरा
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पांच जगहों की सरकारी भूमि चिह्नित कर कृषि शिक्षा अनुसंधान विभाग को दी गई रिपोर्ट
भेजी गई रिपोर्ट में अधिकतर भूमि है नदी के किनारे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि की तलाश कर पूरा ब्योरा शासन को भेज दिया गया है। जिले की पांच जगहों की सरकारी भूमि चिह्नित कर कृषि शिक्षा अनुसंधान विभाग को भेजी गई है। इसमें बाबा राघवदास पीजी कॉलेज के पास मौजूद भवन और अन्य खाली जमीन के बारे में भी जानकारी दी गई है।
जिले में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए कृषि शिक्षा अनुसंधान विभाग ने छह जगहों की भूमि की नवैयत और नक्शा के साथ जानकारी मांगी थी। इसके लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम सदर, बरहज, भाटपाररानी, रुद्रपुर और सलेमपुर से आख्या तलब की थी। इसमें सलेमपुर तहसीलदार ने 250 हेक्टेयर भूमि कहीं भी उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी।
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शासन को भेज गए ब्योरा में बताया गया है कि बाबा राघवदास पीजी कॉलेज के पास कितना भवन है, और कितनी खाली भूमि है। इसमें 27 गाटा के 6.495 हेक्टेयर भूमि बताई गई है। जबकि देवरिया सदर तहसील के बघड़ा महुआरी और विशुनपुरा आदि गांवों में छोटी गंडक नदी के किनारे बंजर भूमि के बारे में जानकारी दी गई है। इसी तरह नरायनपुर गांव में स्थित सिलिंग की भूमि की जानकारी भेजी गई है।
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नौतन हथियागढ़, बलुही, शाहजहांपुर स्थित जमीन के बारे में जानकारी दी गई है। बरहज तहसील के मईल खादर के भूमि की नवयैत के बारे में बताया गया है कि वर्तमान में चार गाटा है, जिसके दक्षिण भाग में सरयू नदी प्रवाहित होती है। जो प्रत्येक वर्ष बाढ़ से प्रभावित रहता है।
इसके अलावा सदर तहसील के ग्राम भिसवा की परती भूमि और सिरवनिया के कुल 27 गाटा के बारे में जानकारी दी गई है। भीखमपुर में भी दो गाटा की नवयैत के बारे में बताया गया है। इन जमीन के बारे में बताते हुए बाग, जोत, नदी, कृषि कार्य, खाली पड़ी जमीन बताई गई है।
इसी गाटा में राजस्व परिषद में वाद लंबित होना और गोशाला, मिनी स्टेडियम के लिए भी प्रस्तावित होने की बात कही गई है। अब देेखना है कि शासन इन भूमि के बारे में आगे की कार्रवाई क्या करता है।

कोट:
कृषि विश्वविद्यालय के लिए भूमि मांगी गई है। कुछ भूमि को चिह्नित कर उनका पूरा ब्योरा, नक्शा और अभिलेख के साथ भेज दिया गया है। बीआरडीपीजी कॉलेज के बारे में भी जानकारी दी गई है।
-जिलाधिकारी, जितेंद्र प्रताप सिंह
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