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साल भर में दो बार खिलाएं कृमिनाशक दवा : डीएम
Fri, 02 Feb 2024 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 02 Feb 2024 01:52 AM IST
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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का केंद्रीय विद्यालय से हुआ शुभारंभ
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
छूटे हुए लाभार्थियों को पांच फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का शुभारंभ केंद्रीय विद्यालय से बृहस्पतिवार को हुआ। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को दवा खिलाई। कहा है कि पेट में कृमि संक्रमण को रोकने के लिए बच्चों व किशोर, किशोरियों में छह प्रकार की सावधानी जरूरी है। उन्हें साल भर में छह-छह माह पर दो बार पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाना जरूरी है।
कहा कि जिले के 16,80,117 एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ आदतों का विकास करके उन्हें कृमि से बचाया जा सकता है। इससे वे खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं। शरीर में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, थकावट व बीमारी और कमजोरी की दिक्कत होती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक छह माह में खिलाई जाने वाली दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी कड़ी में दवा खिलाई गई है। इसका सेवन शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने ही किया जाना चाहिए। अभियान में किसी कारण दवा न खाने वाले लाभार्थियों के अभिभावक, उनसे जुड़े शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन्हें पांच फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान दवा का सेवन जरूर करा दें।
सीएमओ ने कहा कि दवा का सेवन करने से कुछ बच्चों में जी मिचलाने, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण आ सकते हैं जो स्वतः ठीक हो जाते हैं। दवा का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद ही करना है। गर्भवती को दूसरे या तीसरे तिमाही के दौरान एक बार इस दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए।
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केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य केशव प्रसाद ने कहा कि विद्यालय की सात वर्षीय प्रीति को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाई गई। दवा पूरी तरह सुरक्षित है।
इस मौके पर डीपीएम पूनम, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी लालबचन चौधरी, डीसीपीएम डॉ. राजेश गुप्ता, विश्वनाथ मल्ल आदि मौजूद रहे।
कृमि संक्रमण से बचाव के छह उपाय
नाखून साफ और छोटे रखें
खाना ढक कर रखें
खाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद साबुन पानी से हाथ धोएं
जब भी बाहर निकलें जूते पहनें
पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें
हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करें, खुले में शौच न करें
आसपास साफ-सफाई रखें
पेट के कीड़ों से मुक्ति के लिए बच्चों को दी गई दवा
देवरिया। गौरीबाजार क्षेत्र के एसबीटी पब्लिक स्कूल विशुनपुरा बखरा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेट को कृमि मुक्त करने के लिए अलबेंडाझोज 400 मिग्रा टेबलेट दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार के चिकित्सा प्रभारी के निर्देशन में पेट के कीड़े मारने की दवा का वितरण स्कूल में किया गया। भोजन के बाद बच्चों ने दवा ली।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर बीमारियां पेट की वजह से होती हैं, इसलिए पेट को कृमि मुक्त करना अनिवार्य है। इससे हम स्वस्थ रहें। इस दौरान प्रधानाचार्य दिवाकर पांडेय, उप प्रधानाचार्य एसपी बिंद, मुख्य समन्वयक अंबरीश त्रिपाठी, प्रशासक अबू दानिश आदि मौजूद रहे।
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स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
छूटे हुए लाभार्थियों को पांच फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का शुभारंभ केंद्रीय विद्यालय से बृहस्पतिवार को हुआ। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को दवा खिलाई। कहा है कि पेट में कृमि संक्रमण को रोकने के लिए बच्चों व किशोर, किशोरियों में छह प्रकार की सावधानी जरूरी है। उन्हें साल भर में छह-छह माह पर दो बार पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाना जरूरी है।
कहा कि जिले के 16,80,117 एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ आदतों का विकास करके उन्हें कृमि से बचाया जा सकता है। इससे वे खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं। शरीर में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, थकावट व बीमारी और कमजोरी की दिक्कत होती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक छह माह में खिलाई जाने वाली दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी कड़ी में दवा खिलाई गई है। इसका सेवन शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने ही किया जाना चाहिए। अभियान में किसी कारण दवा न खाने वाले लाभार्थियों के अभिभावक, उनसे जुड़े शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन्हें पांच फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान दवा का सेवन जरूर करा दें।
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सीएमओ ने कहा कि दवा का सेवन करने से कुछ बच्चों में जी मिचलाने, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण आ सकते हैं जो स्वतः ठीक हो जाते हैं। दवा का सेवन हमेशा खाना खाने के बाद ही करना है। गर्भवती को दूसरे या तीसरे तिमाही के दौरान एक बार इस दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए।
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केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य केशव प्रसाद ने कहा कि विद्यालय की सात वर्षीय प्रीति को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाई गई। दवा पूरी तरह सुरक्षित है।
इस मौके पर डीपीएम पूनम, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी लालबचन चौधरी, डीसीपीएम डॉ. राजेश गुप्ता, विश्वनाथ मल्ल आदि मौजूद रहे।
कृमि संक्रमण से बचाव के छह उपाय
नाखून साफ और छोटे रखें
खाना ढक कर रखें
खाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद साबुन पानी से हाथ धोएं
जब भी बाहर निकलें जूते पहनें
पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें
हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करें, खुले में शौच न करें
आसपास साफ-सफाई रखें
पेट के कीड़ों से मुक्ति के लिए बच्चों को दी गई दवा
देवरिया। गौरीबाजार क्षेत्र के एसबीटी पब्लिक स्कूल विशुनपुरा बखरा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेट को कृमि मुक्त करने के लिए अलबेंडाझोज 400 मिग्रा टेबलेट दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार के चिकित्सा प्रभारी के निर्देशन में पेट के कीड़े मारने की दवा का वितरण स्कूल में किया गया। भोजन के बाद बच्चों ने दवा ली।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर बीमारियां पेट की वजह से होती हैं, इसलिए पेट को कृमि मुक्त करना अनिवार्य है। इससे हम स्वस्थ रहें। इस दौरान प्रधानाचार्य दिवाकर पांडेय, उप प्रधानाचार्य एसपी बिंद, मुख्य समन्वयक अंबरीश त्रिपाठी, प्रशासक अबू दानिश आदि मौजूद रहे।