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Deoria News: जलाभिषेक की व्यवस्था परिवर्तन पर रोक दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंचेगें भक्त
Tue, 05 Mar 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 05 Mar 2024 11:33 PM IST
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महाशिवरात्रि पर चोंगा लगाकर जलाभिषेक कराने की तैयारी कर रहा था नगर पंचायत प्रशासन
विधायक की पहल पर डीएम ने लगाई रोक
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पौराणिक महत्व के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की नई व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। मंदिर में जलाभिषेक करने की पुरानी परंपरा कायम रहेगी। प्रशासन भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए गर्भगृह के बाहर से चोंगा लगाकर जलाभिषेक कराने का इंतजाम हो रहा था।
दर्शन-पूजन और जलाभिषेक की नई व्यवस्था का विरोध शुरू हो जाने से प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। नई व्यवस्था से आहत भक्तों ने विधायक जयप्रकाश निषाद से मिलकर शिकायत की। विधायक ने डीएम से पुरानी व्यवस्था में परिवर्तन नहीं करने का अनुरोध किया। विधायक की पहल पर डीएम अखंड प्रताप सिंह ने स्थानीय प्रशासन को व्यवस्था परिवर्तन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
महाकाल के स्वरूप दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पर्व पर देश के कोने-कोने से भक्त दर्शन करने आते हैं। ऐसे में भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आयोजित बैठक में प्रशासन की ओर से एक दिन के लिए व्यवस्था परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया। काशी विश्वनाथ, महाकाल और अन्य शिवालयों में बाहर से चोंगा लगाकर जलाभिषेक शुरू होने के तर्क पर दुग्धेश्वरनाथ में भी नई व्यवस्था को अमली जामा पहनाने की तैयारी होने लगी।
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नगर पंचायत प्रशासन को चोंगा बनाने की जिम्मेदारी दी गई। इससे शिवभक्तों की नाराजगी बढ़ गई। दुग्धेश्वरनाथ शिवशिक्त सेवा समिति के अध्यक्ष राजशरण सिंह, पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद मद्धेशिया और पूर्व सभासद अरविंद शुक्ला ने एसडीएम को ज्ञापन देकर नई परंपरा स्थापित करने पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, विधायक ने भी नई व्यवस्था पर एतराज जताते हुए कहा कि इससे शिवभक्तों की भावना आहत हो रही थी।
इस बाबत चेयरमैन प्रतिनिधि छट्ठेलाल निगम ने कहा कि शिवभक्तों की भावनाओं का सम्मान होगा। महाशिवरात्रि पर पूर्व की भांति दर्शन की व्यवस्था कायम रहेगी। भक्त गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक करेंगे।
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विधायक की पहल पर डीएम ने लगाई रोक
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पौराणिक महत्व के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की नई व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। मंदिर में जलाभिषेक करने की पुरानी परंपरा कायम रहेगी। प्रशासन भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए गर्भगृह के बाहर से चोंगा लगाकर जलाभिषेक कराने का इंतजाम हो रहा था।
दर्शन-पूजन और जलाभिषेक की नई व्यवस्था का विरोध शुरू हो जाने से प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। नई व्यवस्था से आहत भक्तों ने विधायक जयप्रकाश निषाद से मिलकर शिकायत की। विधायक ने डीएम से पुरानी व्यवस्था में परिवर्तन नहीं करने का अनुरोध किया। विधायक की पहल पर डीएम अखंड प्रताप सिंह ने स्थानीय प्रशासन को व्यवस्था परिवर्तन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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महाकाल के स्वरूप दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पर्व पर देश के कोने-कोने से भक्त दर्शन करने आते हैं। ऐसे में भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आयोजित बैठक में प्रशासन की ओर से एक दिन के लिए व्यवस्था परिवर्तन का प्रस्ताव रखा गया। काशी विश्वनाथ, महाकाल और अन्य शिवालयों में बाहर से चोंगा लगाकर जलाभिषेक शुरू होने के तर्क पर दुग्धेश्वरनाथ में भी नई व्यवस्था को अमली जामा पहनाने की तैयारी होने लगी।
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नगर पंचायत प्रशासन को चोंगा बनाने की जिम्मेदारी दी गई। इससे शिवभक्तों की नाराजगी बढ़ गई। दुग्धेश्वरनाथ शिवशिक्त सेवा समिति के अध्यक्ष राजशरण सिंह, पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद मद्धेशिया और पूर्व सभासद अरविंद शुक्ला ने एसडीएम को ज्ञापन देकर नई परंपरा स्थापित करने पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, विधायक ने भी नई व्यवस्था पर एतराज जताते हुए कहा कि इससे शिवभक्तों की भावना आहत हो रही थी।
इस बाबत चेयरमैन प्रतिनिधि छट्ठेलाल निगम ने कहा कि शिवभक्तों की भावनाओं का सम्मान होगा। महाशिवरात्रि पर पूर्व की भांति दर्शन की व्यवस्था कायम रहेगी। भक्त गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक करेंगे।