Deoria News: टेंपो की ठोकर से मां के सामने ही मासूम की मौत, रो-रोकर बुरा हाल
नगर के पूर्वी बाईपास पर हुए सड़क हादसे में एक मां ने अपने जिगर के टुकडे को खो दिया। एक मां के लिए इससे बड़ी बेबसी, लाचारी क्या होगी कि वह अपनी आंखों के सामने ही अपने आंखों के लाल को मरता हुआ देखे। हादसे में घायल मासूम ने मां की गोद में ही तड़पकर दम दम तोड़ दिया।
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देवरिया जनपद के रुद्रपुर नगर के पूर्वी बाईपास पर सोमवार दिन में टेंपो की ठोकर से इलाज कराने जा रहे मां-बच्चे गिर पड़े। हादसे में पांच साल के मासूम एजाज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद टेंपो चालक फरार हो गया। मृतक का परिवार गोरखपुर जिले के गजपुर का रहने वाला है।
गोरखपुर जिले के गजपुर गांव निवासी हुसैन आलम विदेश में रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी रफीकुल अपने दो बेटों उस्मान (10) और एजाज (पांच) के साथ रहती थीं। सोमवार को रफीकुल बड़े बेटे उस्मान को देवरिया इलाज कराने को ले जा रही थीं। साथ में छोटा बेटा एजाज भी था।
बाइक हुसैन आलम का भतीजा भोलू (25) चला रहा था। भोलू ने हेलमेट लगा रखा था। एजाम बाइक पर सबसे आगे टंकी पर बैठा था। नगर के पूर्वी बाईपास पर ब्रेकर के करीब बगल से गुजर रहे टेंपों ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए।
बाइक से गिरने पर एजाज के सिर में गंभीर चोट लगी। इसकी वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राहगीरों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां उस्मान और भोलू का प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्घटनास्थल से टेंपो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। बेटे की मौत के बाद बदहवास मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
अपनी आंखों के सामने ही जिगर के टुकड़े को मरता देखती रही रफीकुल
नगर के पूर्वी बाईपास पर हुए सड़क हादसे में एक मां ने अपने जिगर के टुकडे को खो दिया। एक मां के लिए इससे बड़ी बेबसी, लाचारी क्या होगी कि वह अपनी आंखों के सामने ही अपने आंखों के लाल को मरता हुआ देखे। हादसे में घायल मासूम ने मां की गोद में ही तड़पकर दम दम तोड़ दिया।
टैंपो चालक की जरा सी लापरवाही ने एक गोरखपुर जनपद के गजपुर के रहने वाले एक परिवार को ताउम्र कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। कहां तो मां अपने एक बेटे का इलाज कराने जा रही थी। और कहां एक हादसे ने उसके दूसरे बच्चे सदा-सदा के लिए उससे दूर कर दिया।
सड़क हादसे में आंखों के सामने बेटे को लहुलूहान होता देख मां रफीकुल बदहवास थी। वह उस पल को कोस रही थी कि किसलिए वह दोनोंं बच्चों को लेकर इलाज कराने बाइक से जा रही थी। दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट होने से एजाज की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन मां अपने बेटे को गोद से चिपकाए ही अस्पताल पहुंची। मां-बेटे की चित्कार से अस्पताल में मौजूद लोगों की आखें भी भर आईं।
डॉक्टर की जांच करने के बाद भी मां को एहसास हो रहा था कि उसका बेटा अभी जिंदा है और उठकर उसे मां कहते हुए गले से लिपट जाएगा। वह घायल बेटे उस्मान को लेकर बार-बार चिकित्सक से मृतक बेटे एजाज का उपचार करने को बोल रही थी। मां को रोता देख बड़ा भाई उस्मान भी दहाड़े मार कर रोने लगा।
रफीकुल को यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब दोबारा उसका लाल कभी उसके सामने नहीं आएगा। रोते-रोते वह बेहोश हो जा रही थी। लोगों ने बड़ी मुश्किल से मां से बेटे का शव अलग किया। अस्पताल में मौजूद हर कोई इस घटना को लेकर नियती को कोस रहा था।