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Deoria News: बोर्ड में निर्दलीय का दबदबा, कैसे चलाएंगे शहर की सरकार

Mon, 15 May 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 15 May 2023 12:01 AM IST
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Independent's dominance in the board, how will the city government run
देवरिया में 33 में से 16 वार्डों पर निर्दलीयों का है कब्जा, 14 पर भाजपा की हुई है जीत, बरहज में 25 वार्डों में से 17 पर निर्दलीय का कब्जा और सात भाजपा के खाते में है
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फोटो नगर पालिका देवरिया
संवाद न्यूूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका परिषद देवरिया में अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा ने और बरहज में बसपा ने कब्जा बरकरार रखा है। दोनों जगहों पर शहर की सरकार को बहुमत नहीं है। इसमें एक जगह पर बहुमत से करीब तीन की संख्या कम है जबकि बरहज में सदन में अध्यक्ष के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाला उनकी पार्टी का कोई सभासद नहीं है। इसका असर सदन में आए बजट और अन्य प्रस्तावों के पारित करने पर पड़ेगा।
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नगर पालिका परिषद देवरिया के अध्यक्ष पद पर भाजपा की अलका सिंह विजयी हुई हैं। वहीं 33 वार्डों में निर्दलीयों की संख्या अधिक है। इसमें निर्दलीयों की संख्या 16 है। जबकि भाजपा के 14, सपा के दो और आम आदमी पार्टी के सभासद विजयी हुई हैं। जबकि बहुमत के लिए 17 सभासदों का होना जरूरी है। नगर पालिका का सालाना बजट 95 करोड़ हैं। इस धन से शहर में विकास कार्य कराए जाते हैं। अध्यक्ष को बोर्ड की बैठक में हंगामा का सामना करना पड़ेेगा। वहीं विकास कार्य के लिए बजट पास कराने में भी परेशानी होगी।
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नगर पालिका गौरा बरहज में 25 वार्डों में 17 निर्दलीय, सात भाजपा व सपा के एक सभासद चुने गए हैं। जबकि एक भी वार्ड में बसपा का खाता ही नहीं खुला है। जिस कारण सदन में विरोधियों का दबदबा रहेगा। इससे निपटने के लिए अध्यक्ष को अपने पाले में निर्दलीय सभासदों को लाकर बहुमत में आना होगा।
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कोट:
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व अधिवक्ता बसंत लाल श्रीवास्तव ने बताया कि बहुमत न होने का असर बोर्ड की बैठक में पड़ता है। नियम और बजट पास करने के दौरान दो तिहाई बहुमत होना चाहिए। जब किसी अध्यक्ष के पास उसके दल के सभासद नहीं होते हैं तो दबाव झेलना पड़ता है।
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- पहली बार क्षेत्र नगर पालिका में शामिल हुआ है। सभासद के तौर पर वार्ड के विकास कराने का मौका मिलेगा। सदन को चलाने में पूरा सहयोग करुंगा। -बालेंद्र बहादुर सिंह, सभासद

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- पहली बार सभासद बनने की खुशी है। विकास के मुद्दे पर मैं सदन में सभी के साथ खड़ा रहूंगा। मेरे वार्ड का प्राथमिकता के आधार पर विकास होना चाहिए।
-नृपेंद्र कुमार त्रिपाठी राणा, सभासद
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- मेरे परिवार में तीसरी बार सभासद का पद मिला है। अध्यक्ष किसी भी दल का हो, हमें विकास के मुद्दे पर एक राय होना चाहिए। अगर गलत होगा तो विरोध करुंगा, अगर सही होगा तो सदन में समर्थन करुंगा।
सत्यप्रकाश सिंह पिंटू, सभासद
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