फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Increase in respiratory diseases

Deoria News: बढ़े सांस के रोगी, प्रदूषित पानी में मर रहीं मछलियां

Sun, 24 Dec 2023 10:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 24 Dec 2023 10:39 PM IST
विज्ञापन
Increase in respiratory diseases
मिनी इंडस्ट्रीयल स्टेट के कारखानों का अपशिष्ट प्रदूषित कर रहा रुद्रपुर की आबोहवा
विज्ञापन

कुर्ना नदी में जा रहा फैक्ट्री से निकला जहरीला पानी, चिमनियों से निकली राख से गांव वाले परेशान

रुद्रपुर। उसरा स्थित मिनी इंडस्ट्रीयल स्टेट में बने कारखानों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं और जहरीला पानी रुद्रपुर की आबोहवा खराब कर रहा हैं। फैक्ट्री के जहरीले पानी से नदियां प्रदूषित हो रही हैं। अपशिष्टों का प्रबंधन नहीं होने से कुर्ना नदी मछलियों का कब्रगाह बन गई है। नदी से मछलियों का शिकार कर भरण पोषण करने वाले मछुआरे बेरोजगार हो रहे हैं। शराब फैक्ट्री से निकलने वाली राख सड़क के किनारे फेकी जा रही है। इससे वायु प्रदूषण इस कदर बढ़ गया है कि दर्जनों गांवों में फेफड़े से संबंधित रोगियों का संख्या बढ़ती जा रही है।
उसरा स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में बनी शराब की फैक्ट्री से निकला अपशिष्ट सीधे कुर्ना नदी में जा रहा है। फैक्ट्री में अपशिष्ट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं होने से यह हानिकारक जल कुर्ना नदी से होकर गोर्रा और राप्ती नदी में गिर रहा है। यह जलीय जीवों के जीवन पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। करमेल बनरही के ग्राम प्रधान रामबिलास यादव ने बताया कि नदी से शिकार के लिए हर साल तहसील से नीलामी होती है। पिछले दो साल से यह घाटे का सौदा साबित हो रहा है। शराब फैक्ट्री का गंदा पानी नदी में छोड़ने से कुर्ना नदी से मछलियां खत्म होने के कगार पर हैं।
विज्ञापन

हालत यह है कि कुर्ना में पानी की जगह फैक्ट्री का कचरा बह रहा है। नदी से दुर्गंध उठने से आसपास के गावों के लोग परेशान है। किसान हरेंद्र सिंह त्यागी ने बताया कि शराब फैक्ट्री के प्रदूषण से दो दर्जन गांवों के लोग प्रभावित हैं। कारखाने के इर्द-गिर्द चिमनी से निकली राख से फसल पट जा रही है। फैक्ट्री के लोग राख को सड़क के किनारे फेंक दे रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं जानकार
रामजी सहाय पीजी कॉलेज भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एनके शर्मा ने बताया कि प्रदूषण से नदियों के अस्तित्व पर संकट मड़रा रहा है। कुर्ना, बथुआ, राप्ती और गोर्रा नदी रुद्रपुर की लाइफ लाइन हैं। प्रदूषण से इन नदियों का दायरा सिकुड़ रहा है। जल जीवों के जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। वायु प्रदूषण से जलवायु परिवर्तन पर असर पड़ रहा है। पर्यावरण के संरक्षण के लिए अपशिष्टों के उचित ट्रीटमेंट की जरूरत है।
------------

पूर्व विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी
शराब फैक्ट्री से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए सपा के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसान को अपने खेत में अपशिष्ट जलाने पर हजारों रुपये जुर्माना लगाकर जेल भेज दिया जाता है। यह नियम शराब फैक्ट्री के मालिक पर क्यों नहीं लागू हो रहा है। उसरा में अपशिष्ट ट्रीटमेंट यदि 15 दिनों के अंदर नहीं हुआ तो प्रभावित गांवों के किसानों को लेकर धरना दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


वर्जन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कारखाने को एनओसी मिलती है। यदि कारखाने को प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी नहीं मिली होगी तो कार्रवाई होगी। प्रदूषण का मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देखता है। - अनिल कुमार भारती, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed