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Deoria News: दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण ने मॉर्निंग वॉक करने वालों की बढ़ा दी समस्या
Thu, 16 Nov 2023 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 16 Nov 2023 12:00 AM IST
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स्पोर्ट्स स्टेडियम, न्यू काॅलोनी स्थित छोटा व बड़ा पार्क, भुजौली कालोनी पार्क में कम संख्या में दिखे बुजुर्ग, बीमार कर रहे परहेज
भाेर में दिख रहा धुंध में लिपटा हल्का कोहरा, पटाखों से निकली जहरीली गैसों ने हवा के स्तर को किया है खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। दीपावली के दिन की गई आतिशबाजियों की गूंज का असर अब वायुमंडल में बढ़ते प्रदूषण के रूप में देखने को मिल रहा है। इससे भोर के समय वातावरण में धुंध सा दिखाई दे रहा है। ऐसे में मॉर्निंग वॉक करने वालों की संख्या घट गई है। उन्हें डर है कि खराब हुई हवा के चलते कहीं बीमारी की चपेट में न आ जाएं।
रविवार सुबह जहां एक्यूआई का स्तर 165 दर्ज किया गया था वहीं मंगलवार तक यह स्तर बना रहा। बुधवार की शाम को इसमें पांच अंकों की कमी दर्ज की गई। जहरीली हुई हवा एवं बढ़े हुए प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ गई हें। शहर के रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम, पं.दीनदयाल उपाध्याय पार्क न्यू कालोनी, छोटा पार्क न्यू काॅलोनी, भुजौली काॅलोनी स्थित पार्क, सिविल लाइंस आदि जगहों पर सुबह टहलने वाले लोगों को दम घुटने एवं आंखों में जलन सा महसूस हो रहा है। ऐसे में जागरूक लोग टहलने से परहेज करना ही उचित समझ रहे हैं।
स्टेडियम में टहलने वाले राकेश दूबे ने बताया कि सांस लेने में असहजता महसूस हुई तो अब घर में ही टहल रहे हैं। बुधवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सांस के 60, एलर्जी के 40 व चेस्ट के 70 मरीज पहुंचे। ऐसे में इलाज के साथ डॉक्टर उन्हें सावधानी बरतने और सांस के मरीजों को घरों में व्यायाम करने की सलाह दे रहे हैं।
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लगभग पांच करोड़ के पटाखे अब दे रहे नुकसान
शहर के चीनी मिल ग्राउंड पर 127 दुकानें एवं पूरे जनपद में 318 दुकानों को प्रशासन ने पटाखा बेचने की अनुमति दी थी। 11 व 12 नवंबर को इसकी बिक्री में अचानक तेजी रही और थोक व फुटकर को मिलाकर लगभग पांच करोड़ का कारोबार पूरे जनपद में हुआ है। पटाखा की दुकान लगाने वाले राजकुमार जायसवाल, मंटू बाबू जायसवाल ने बताया कि लोगों ने दीपावली के साथ ही छठ पर्व के लिए भी एक साथ पटाखे खरीद लिए, इस बार व्यवसाय भी पिछले तीन सालों की अपेक्षा बेहतर हुआ है।
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पिछले छह दिन ऐसे रही प्रदूषण की स्थिति
10 नवंबर 159
11 नवंबर 165
12 नवंबर 165
13 नवंबर 165
14 नवंबर 165
15 नवंबर 160
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आंखों में जलन एवं सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे मार्निंग वाकर
हर रोज स्टेडियम के बाहर टहलने जाते हैं, लेकिन इधर घर से निकलने पर प्रदूषण बढ़ा हुआ महसूस हो रहा है। आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत होने पर अब घर पर ही टहल रहे हैं।
-विजयशंकर चौबे, राघवनगर
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पटाखों के दुष्प्रभाव अब देखने को मिल रहा है। पर्व की खुशी के दौरान आतिशबाजी करने वालों ने वातावरण पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसका ख्याल तक नहीं रखा। तीन दिनों से बढ़े प्रदूषण के चलते सुबह में टहलने से बचा ही जा रहा है।
-डॉ. सुधांशु रंजन सिंह, राघवनगर
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
पटाखे फोड़ने से वायुमंडल में नाइट्रोजन केआक्साइड, सल्फर केआक्साइड सहित अन्य केमिकल आक्साइड घुल गए हैं । इधर मौसम में नमी के चलते धुंध भी बन रहा है। इससे वातावरणीय ऑक्सीजन पूरी तरह नीचे नहीं जा पा रहा है। ऐसे में सांस से जुड़ी बीमारी फैल रही है।
-डॉ. अमरनाथ, रसायन विज्ञान विभाग, बीआरडी पीजी कॉलेज
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पर्व पर अचानक बढ़े प्रदूषण के चलते वातावरण में कार्बन मोनो आक्साइड सहित अन्य छोटे-छोटे कण वायुमंडल में घुल गए हैं। इससे सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ी हैं। सांस की नली में सूजन की शिकायत आ रही है ऐसे में मॉस्क लगाए और बाहर निकलने में सावधानी बरतें।
-विजय गुप्ता, फीजिशियन, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
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पटाखों व वाहनों से निकले धुआं श्वास नली में जाकर फेफड़े को प्रभावित कर रहा है। यह सांस के रोगियों के लिए ट्रिगर फैक्टर का कार्य कर रहा है। जिन्हें धुल, धुएं से एलर्जी है, उसे सांस फूलने की समस्या होगी। ऐसे मरीज धुएं से ही दूर ही रहें। मॉर्निंग वॉक करने वाले नाक व कान पर कपड़ा बांधकर ही रखें।
-डॉ. अनुराग शुक्ला, चेस्ट रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
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भाेर में दिख रहा धुंध में लिपटा हल्का कोहरा, पटाखों से निकली जहरीली गैसों ने हवा के स्तर को किया है खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। दीपावली के दिन की गई आतिशबाजियों की गूंज का असर अब वायुमंडल में बढ़ते प्रदूषण के रूप में देखने को मिल रहा है। इससे भोर के समय वातावरण में धुंध सा दिखाई दे रहा है। ऐसे में मॉर्निंग वॉक करने वालों की संख्या घट गई है। उन्हें डर है कि खराब हुई हवा के चलते कहीं बीमारी की चपेट में न आ जाएं।
रविवार सुबह जहां एक्यूआई का स्तर 165 दर्ज किया गया था वहीं मंगलवार तक यह स्तर बना रहा। बुधवार की शाम को इसमें पांच अंकों की कमी दर्ज की गई। जहरीली हुई हवा एवं बढ़े हुए प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ गई हें। शहर के रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम, पं.दीनदयाल उपाध्याय पार्क न्यू कालोनी, छोटा पार्क न्यू काॅलोनी, भुजौली काॅलोनी स्थित पार्क, सिविल लाइंस आदि जगहों पर सुबह टहलने वाले लोगों को दम घुटने एवं आंखों में जलन सा महसूस हो रहा है। ऐसे में जागरूक लोग टहलने से परहेज करना ही उचित समझ रहे हैं।
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स्टेडियम में टहलने वाले राकेश दूबे ने बताया कि सांस लेने में असहजता महसूस हुई तो अब घर में ही टहल रहे हैं। बुधवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सांस के 60, एलर्जी के 40 व चेस्ट के 70 मरीज पहुंचे। ऐसे में इलाज के साथ डॉक्टर उन्हें सावधानी बरतने और सांस के मरीजों को घरों में व्यायाम करने की सलाह दे रहे हैं।
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लगभग पांच करोड़ के पटाखे अब दे रहे नुकसान
शहर के चीनी मिल ग्राउंड पर 127 दुकानें एवं पूरे जनपद में 318 दुकानों को प्रशासन ने पटाखा बेचने की अनुमति दी थी। 11 व 12 नवंबर को इसकी बिक्री में अचानक तेजी रही और थोक व फुटकर को मिलाकर लगभग पांच करोड़ का कारोबार पूरे जनपद में हुआ है। पटाखा की दुकान लगाने वाले राजकुमार जायसवाल, मंटू बाबू जायसवाल ने बताया कि लोगों ने दीपावली के साथ ही छठ पर्व के लिए भी एक साथ पटाखे खरीद लिए, इस बार व्यवसाय भी पिछले तीन सालों की अपेक्षा बेहतर हुआ है।
पिछले छह दिन ऐसे रही प्रदूषण की स्थिति
10 नवंबर 159
11 नवंबर 165
12 नवंबर 165
13 नवंबर 165
14 नवंबर 165
15 नवंबर 160
आंखों में जलन एवं सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे मार्निंग वाकर
हर रोज स्टेडियम के बाहर टहलने जाते हैं, लेकिन इधर घर से निकलने पर प्रदूषण बढ़ा हुआ महसूस हो रहा है। आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत होने पर अब घर पर ही टहल रहे हैं।
-विजयशंकर चौबे, राघवनगर
पटाखों के दुष्प्रभाव अब देखने को मिल रहा है। पर्व की खुशी के दौरान आतिशबाजी करने वालों ने वातावरण पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसका ख्याल तक नहीं रखा। तीन दिनों से बढ़े प्रदूषण के चलते सुबह में टहलने से बचा ही जा रहा है।
-डॉ. सुधांशु रंजन सिंह, राघवनगर
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
पटाखे फोड़ने से वायुमंडल में नाइट्रोजन केआक्साइड, सल्फर केआक्साइड सहित अन्य केमिकल आक्साइड घुल गए हैं । इधर मौसम में नमी के चलते धुंध भी बन रहा है। इससे वातावरणीय ऑक्सीजन पूरी तरह नीचे नहीं जा पा रहा है। ऐसे में सांस से जुड़ी बीमारी फैल रही है।
-डॉ. अमरनाथ, रसायन विज्ञान विभाग, बीआरडी पीजी कॉलेज
पर्व पर अचानक बढ़े प्रदूषण के चलते वातावरण में कार्बन मोनो आक्साइड सहित अन्य छोटे-छोटे कण वायुमंडल में घुल गए हैं। इससे सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ी हैं। सांस की नली में सूजन की शिकायत आ रही है ऐसे में मॉस्क लगाए और बाहर निकलने में सावधानी बरतें।
-विजय गुप्ता, फीजिशियन, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
पटाखों व वाहनों से निकले धुआं श्वास नली में जाकर फेफड़े को प्रभावित कर रहा है। यह सांस के रोगियों के लिए ट्रिगर फैक्टर का कार्य कर रहा है। जिन्हें धुल, धुएं से एलर्जी है, उसे सांस फूलने की समस्या होगी। ऐसे मरीज धुएं से ही दूर ही रहें। मॉर्निंग वॉक करने वाले नाक व कान पर कपड़ा बांधकर ही रखें।
-डॉ. अनुराग शुक्ला, चेस्ट रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज