फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   In management-labor dispute over scrap

स्क्रैप को लेकर प्रबंधन-श्रमिकों में विवाद

Sat, 11 Feb 2017 11:14 PM IST
देवरिया
देवरिया Updated Sat, 11 Feb 2017 11:14 PM IST
विज्ञापन
In management-labor dispute over scrap
गौरीबाजार चीनी मिल के सामान को लेकर हुई पंचायत में बातचीत करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
गौरीबाजार। पिछले 21 वर्ष से बंद पड़ी गौरीबाजार चीनी मिल में सामान उठाने को लेकर शनिवार को मिल प्रबंधन और मिल कर्मचारियों में विवाद की स्थिति हो गई। सूचना के बाद एसडीएम सदर कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। थाने में समझौता हुआ। इसमें सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक प्रतिदिन एक ट्रक स्क्रैप निकलेगा। इसकी वीडियोग्राफी होगी और तौल की रसीद प्रशासन को देना होगा।
विज्ञापन


ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन की कानपुर शुगर वर्क्स के अधीन वर्ष 1914 से गौरीबाजार चीनी मिल चल रही थी। 80 के दशक में बीमार घोषित कर इसे बीआईएफआर के हवाले कर दिया गया। आठ मार्च 1996 को इसे बंद कर दिया गया। 2011 में राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता ने 17.20 करोड़ रुपये में खरीद लिया।
विज्ञापन


नये प्रबंधक यहां से सामान और कबाड़ बेचना चाहते थे। कई बार प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। मिल के कर्मचारी और गन्ना किसान इसका विरोध कर रहे थे। मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे की तारीख है। कुछ दिन पूर्व मिल प्रबंधन के लोग स्क्रैप निकलवाने आए तो श्रमिकों ने उन्हें दौड़ा लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मिल प्रबंधन ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की थी। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट से उनके पक्ष में आदेश हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से शनिवार को एसडीएम सदर सचिन सिंह कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। मिल कर्मचारियों, किसानों, मिल प्रबंधन और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। मिल श्रमिक कन्हैया यादव, जीउत यादव, रमाशंकर सिंह, मुकुल सिंह, चंडीलाल जायसवाल, रामसकल यादव का कहना था कि उनका 24 करोड़ रुपये बकाया है।


जबकि किसानों का कहना था कि 1.62 करोड़ रुपये उनका गन्ना मूल्य बाकी है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता है, वे लोग यहां से स्क्रैप नहीं उठने देंगे। अंत में इस बात पर समझौता हुआ कि प्रतिदिन एक ट्रक स्क्रैप चीनी मिल से निकलेगा। इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। तौल कराकर मिल प्रबंधन के लोग प्रतिदिन रसीद जिला प्रशासन को देंगे। गौरीबाजार के इंस्पेक्टर डीपी सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed