{"_id":"6801585348c89b574601e945","slug":"impedance-machine-is-faulty-testing-has-to-be-done-from-outside-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-151719-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: इंंपिडेंस मशीन खराब, बाहर से करानी पड़ रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: इंंपिडेंस मशीन खराब, बाहर से करानी पड़ रही जांच
Fri, 18 Apr 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:06 AM IST
विज्ञापन
- कान के अंदर की हड्डी फिक्स हो जाने पर कराई जाती है जांच
- कम उम्र में महिलाओं में अधिक होती है समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में इंपिडेंस ऑडियोमीटर खराब होने से जांच ठप हो गई है। इससे कान के अंदर के हड्डी की जांच नहीं हो पा रही है। इससे ओटोस्कोसिस बीमारी के डायग्नोसिस में दिक्कत हो रही है। मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में कान के जांच की निशुल्क सुविधा है। ईएनटी विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। जरूरत पड़ने डॉक्टर पीटीए और टीम्पैनोग्राम जांच कराई जाती है। कान के पर्दे और नसों के ठीक होने के बाद भी कुछ लोगों को कम सुनाई देता है। यह दिक्कत ओटोस्कोसिस बीमारी की वजह से होती है। इसमें कान के अंदर की तीसरी हड्डी फिक्स हो जाती है। 20 से 30 की उम्र के बाद आक्सीफाइड हो जाती है। इाो हड्डी हिलती कम है और सुनाई कम देने लगता है।
यह बीमारी आरएनए वायरस, डब्लपमेंट डिफेक्ट व आनुवंशिक होती है। इसके लिए टीम्पैनोग्राम जांच इंपिडेंस आडियोमीटर मशीन से होती है। हर दूसरे दिन मरीज आते हैं, जिन्हें इस जांच की जरूरत होती है, लेकिन मशीन खराब हो गई है, जिससे डॉक्टर अपने अनुभव व लक्षण के आधार पर इलाज करते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जांच कराते हैं, जहां उन्हें छह से सात सौ रुपये खर्च करना पड़ता है। हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि कुछ लोगों को जांच कराने के लिए सोचना पड़ता है। जांच शुरू होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें आसानी होगी।
विज्ञापन
..
कोट
- अस्पताल में कान के जांच की निशुल्क सुविधा है। इंपिडेंस मशीन की मरम्मत और दूसरी मशीन मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है। मशीन के आने पर जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. अजीत पाल, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
विज्ञापन
- कम उम्र में महिलाओं में अधिक होती है समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में इंपिडेंस ऑडियोमीटर खराब होने से जांच ठप हो गई है। इससे कान के अंदर के हड्डी की जांच नहीं हो पा रही है। इससे ओटोस्कोसिस बीमारी के डायग्नोसिस में दिक्कत हो रही है। मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में कान के जांच की निशुल्क सुविधा है। ईएनटी विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। जरूरत पड़ने डॉक्टर पीटीए और टीम्पैनोग्राम जांच कराई जाती है। कान के पर्दे और नसों के ठीक होने के बाद भी कुछ लोगों को कम सुनाई देता है। यह दिक्कत ओटोस्कोसिस बीमारी की वजह से होती है। इसमें कान के अंदर की तीसरी हड्डी फिक्स हो जाती है। 20 से 30 की उम्र के बाद आक्सीफाइड हो जाती है। इाो हड्डी हिलती कम है और सुनाई कम देने लगता है।
विज्ञापन
यह बीमारी आरएनए वायरस, डब्लपमेंट डिफेक्ट व आनुवंशिक होती है। इसके लिए टीम्पैनोग्राम जांच इंपिडेंस आडियोमीटर मशीन से होती है। हर दूसरे दिन मरीज आते हैं, जिन्हें इस जांच की जरूरत होती है, लेकिन मशीन खराब हो गई है, जिससे डॉक्टर अपने अनुभव व लक्षण के आधार पर इलाज करते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जांच कराते हैं, जहां उन्हें छह से सात सौ रुपये खर्च करना पड़ता है। हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि कुछ लोगों को जांच कराने के लिए सोचना पड़ता है। जांच शुरू होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें आसानी होगी।
विज्ञापन
..
कोट
- अस्पताल में कान के जांच की निशुल्क सुविधा है। इंपिडेंस मशीन की मरम्मत और दूसरी मशीन मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है। मशीन के आने पर जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. अजीत पाल, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक