फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   If you buy land then also take possession

Deoria News: जमीन खरीदें तो कब्जा भी लें, वरना कचहरी के फेरे में फंसा देंगे माफिया

Sun, 07 May 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 07 May 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
If you buy land then also take possession
निबंधन कार्यालय देवरिया।संवाद
विक्रेता के बारे में जानकारी कर लें, सस्ते के चक्कर में फंस सकती है मोटी रकम
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में अगर जमीन खरीदने के लिए जा रहे हैं तो विक्रेता के बारे में भी जानकारी कर लें। सस्ते के चक्कर में मोटी रकम फंस सकती है और बड़े झंझट का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है कि आप ऐसी भूमि व मकान खरीद लें, जिस पर बैंक का लोन हो सकता है। इतना नहीं कूटरचना कर किसी गैर व्यक्ति को निबंधन कार्यालय में खड़ा कर बैनाम कराया जा रहा हो। ऐसी भूमि पर कब्जा पाने के लिए थाने से लगायत कचहरी तक का चक्कर काटने की नौबत आ सकती है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें तथाकथित प्रापर्टी डीलरों ने मुख्य भूमिका निभाई है।
शहर हो या बाहरी इलाका, कहीं से गुजरते हैं तो आपको प्रापर्टी डीलर के बैनर पोस्टर मिल जाएंगे। जहां पर लिखा होगा कि भूमि, मकान क्रय, विक्रय के लिए संपर्क करें। पर सच तो यह है कि इनमें से अधिकतर के इरादे सही नहीं हो सकते हैं। इतना नहीं कई ऐसे मामले हैं, तथ्यों को छिपाकर मकान का बैनाम करा दिया गया, जब क्रेता मकान पर कब्जा करने गया तो पता चला कि बैंक का लोन है। इसके चक्कर में उसे कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराना पड़ा। अब मुकदमा दर्ज हो गया, लेकिन रुपये वापस कब मिलेंगे, इसका फैसला कोर्ट करेगी। शहर के सोंदा, कतरारी, कठिनइया- बेलडाड़ रोड, देवरिया- गोरखपुर मार्ग, भीखपुर रोड सहित कई जगहों पर तथाकथित प्रापर्टी डीलर सक्रिय हैं। निबंधन कार्यालय से लगायत तहसील तक नेटवर्क फैला चुके हैं। किसानों की भूमि और विवादित मकानों का एग्रीमेंट कर सौदाबाजी कर रहे हैं। झांसे में लेकर अपना काम बनाने के बाद चुप्पी साध लेते हैं। बाद में पता चलता है कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गई है। उसने जिस भूमि को खरीदा है, उसका असली मालिक दूसरा है। ऐसे में खरीदार की पूंजी डूब जाती है।
विज्ञापन

-----------------
केस- एक
शहर के न्यू काॅलोनी मोहल्ला निवासी प्रतिमा शर्मा ने 15 जनवरी 2021 को ट्यूबवेल काॅलोनी वार्ड में एक भूमि खरीदी थी। राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कराने के बाद जब वह एचडीएफसी बैंक शाखा से हाउसिंग लोन कर मकान बनवा लीं। इसी बीच 15 जून 2022 को इंडिया बैंक गोरखपुर रोड ने उनके मकान पर संपत्ति कुर्क करने का नोटिस चस्पा कर दी। उन्हें पता चला कि जो संपत्ति खरीदी हैं, उस पर इंडिया बैंक का 13 लाख रुपये लोन है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ अप्रैल माह में मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
केस-दो
सीसी रोड निवासी मृत्युंजय यादव भूमि बैनामा कराने के लिए जमीन के खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों के संपर्क में आए। तथाकथित प्रापर्टी डीलरों ने झांसा देकर जमीन बिकाऊ होने की बात कही। इसके बाद दस लाख रुपये खाते में ले लिया। जब जमीन बैनामा करने की बात आई तो वह कन्नीकाट गए। इस मामले में भी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
-------
केस- तीन
शहर के एक मोहल्ला निवासी एक महिला की जगह पर दूसरी महिला को खड़ा कर प्रापर्टी डीलरों ने भूमि बैनामा करा लिया। जब वह कब्जा करने गए तो असली मालिक को जानकारी मिली तो उसने निबंधन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
----------------
-जमीन कारोबार में जा चुकी है जान
- जमीन के अवैध कारोबार में वर्चस्व की जंग भी छिड़ रही है। शहर के दो लोगों की इसी विवाद में हत्या हो चुकी है। शहर के भटवलिया निवासी मनोज द्विवेदी और अहिल्यापुर बुजुर्ग निवासी अमित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने जब खुलासा किया तो विवाद की जड़ में भूमि कारोबार के बकाए रुपये सामने आया था।
------------
जिले में कितने प्रापर्टी डीलर हैं पंजीकृत, निबंधन कार्यालय में रिकाॅर्ड नहीं
- शहर में कितने प्रापर्टी डीलर पंजीकृत हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं होती है। इसका रिकाॅर्ड निबंधन कार्यालय में नहीं है। इसलिए लोगों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। अधिवक्ता व तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष युगुल किशोर तिवारी ने बताया कि प्रापर्टी कारोबारियों का पुलिस को वेरिफिकेशन करना चाहिए। कोई शिकायत आने पर जांच होनी चाहिए। ऐसे लोगों के बारे में निबंधन कार्यालय में भी जानकारी रहनी चाहिए।
-----------
झांसा देकर बेच देते हैं नजूल और सिलिंग की जमीन
शहर में विभिन्न जगहों पर नजूल और सिलिंग की जमीन है। इतना ही नहीं कुछ नगर पालिका के पट्टे की भी मकान और जमीनें हैं। शहर के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने पट्टे की जमीन पर बना मकान खरीद लिया। जब वह नगर पालिका में पहुंचा तो पता चला कि 99 साल का पट्टा है, जिसकी अवधि महज 10 वर्ष बची है। इसी तरह कई नजूल भूमि को प्रापर्टी डिलिंग करने वाले बेच दिए, लेकिन उनका बैनामा नहीं हो पाया।
------------
कोट
- धोखाधड़ी कर भूमि बैनामा कराने के मामलों में पुलिस मुकदमा दर्ज करती है। आरोपियों की गिरफ्तारी कर चार्जशीट दाखिल किया जाता है। इसमें सबसे जरूरी है कि जो लोग भूमि खरीद रहे हैं, उन्हें गहनता से जानकारी कर लेनी चाहिए।

संकल्प शर्मा, एसपी
----------
कोट
- भूमि बैनामा कराते समय सबसे जरूरी है कि मालिकाना हक और हिस्से की जानकारी कर लें। मकान पर अगर लोन है तो न खरीदें। जो व्यक्ति भूमि व मकान बेच रहा है, उसके बारे में जरूर पता कर लें, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि जालसाज दूूसरे को खड़ा कर भूमि बेचवा देते हैं।
सौरभ सिंह, एसडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed