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Deoria News: मोहल्ले में नहीं है नाली तो कैसे होगी जल निकासी
Fri, 19 May 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 May 2023 11:53 PM IST
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बरसात के समय कमर तक पानी लगने के बाद चचरी पुल से अपने घर तक जाते है लोग।संवाद
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- बरसात के नाम से सहम जाते हैं मंगलमपुरम के बाशिंदे, सड़क पर पानी भरने से आवागमन में होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के चकियवां वार्ड स्थित मंगलमपुरम फेज एक के बाशिंदे बरसात का नाम सुनते ही सहम जाते हैं। करीब 70 घरों की आबादी के बीच यहां न पक्की सड़क है न नाली बनाई गई है। 15 जून के बाद शुरू हुए बरसात का पानी मोहल्ले में जमा होने लगता है।
जुलाई आते-आते रास्ते पर जलभराव हो जाता है। बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकलते हैं। कीड़े-मकोड़ों की भरमार हो जाती है। जिनके मकान की नींव नीचे है, उनके घरों में पानी घुस जाता है। यह दुश्वारी हर साल करीब तीन महीने बरकरार रहती है। मोहल्ले के गंगा राव, सुमंत सिंह, गुलाब चंद आदि आठ से 10 परिवार के लोगों को दूसरे मोहल्ले में शरण लेनी पड़ती है। कई लोग चचरी पुल बनाकर आवाजाही करते हैं। यहां के लोगों को शहरी होकर भी गांव से बदतर सुविधाएं मिली हैं, जो सड़कें बनी हैं, वह मिट्टी खडंजा हैं। नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। घरों का गंदा पानी रास्तों पर बहता है।
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टूटते हैं बिजली के तार, फैल जाता है अंधेरा
मोहल्ले में बिजली पोल की कमी है। ज्यादातर लोग बांस-बल्ली के सहारे बिजली जलाते हैं। बरसात के समय जलभराव के कारण यह बांस-बल्ली सड़ककर टूट जाती है। इस पर लगे केबल टूटने से लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। शॉट-सर्किट की समस्या पूरे बरसात भर बरकरार रहती है।
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जल निकासी के लिए बड़े बजट की दरकार
शहर के मंगलमपुरम मोहल्ले में जल निकासी के लिए बड़े बजट की दरकार है। कारण कि यहां आसपास कोई बड़ा नाला नहीं बना है। छोटी नालियां अगर बनती भी हैं तो उसकी निकासी के लिए इंतजाम नहीं है।
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बोले मोहल्लेवासी
पांच साल से यहां रह रहे हैं। हर सात तीन महीने बड़ी दुश्वारी झेलनी पड़ती है। नगर पालिका का ध्यान इस मोहल्ले की ओर नहीं है। विकास के नाम पर अभी तक मिट्टी खड़ंजा मिला है।
- रामसागर, मंगलमपुरम
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दो साल पहले जमीन खरीदा हूं। मकान का निर्माण चल रहा है। लोग बरसात की परेशानी बता रहे हैं तो मन सहम जा रहा है। नगर पालिका को चाहिए जलभराव वाले मोहल्लों के लिए विशेष योजना बनाएं। - पवन शर्मा, मंगलमपुरम
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पांच साल से मैं यहां रह रहा हूं। बरसात के समय पानी में आवाजाही से पैर सड़ जाता है। घरों में सांप-बिच्छू आ जाते हैं। कीड़ों की भरमार हो जाती है। यहां जलनिकासी का इंतजाम अति आवश्यक है। - देवेशदत्त पांडेय, मंगलमपुरम
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नगर पालिका को इस मोहल्ले वासियों की परेशानी पर ध्यान देना चाहिए। बरसात के समय हम बिजली, पानी, सड़क आदि सभी सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। यहां पक्की सड़क और नाली का इंतजाम जरूरी है। - गिरजा देवी, मंगलमपुरम
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के चकियवां वार्ड स्थित मंगलमपुरम फेज एक के बाशिंदे बरसात का नाम सुनते ही सहम जाते हैं। करीब 70 घरों की आबादी के बीच यहां न पक्की सड़क है न नाली बनाई गई है। 15 जून के बाद शुरू हुए बरसात का पानी मोहल्ले में जमा होने लगता है।
जुलाई आते-आते रास्ते पर जलभराव हो जाता है। बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकलते हैं। कीड़े-मकोड़ों की भरमार हो जाती है। जिनके मकान की नींव नीचे है, उनके घरों में पानी घुस जाता है। यह दुश्वारी हर साल करीब तीन महीने बरकरार रहती है। मोहल्ले के गंगा राव, सुमंत सिंह, गुलाब चंद आदि आठ से 10 परिवार के लोगों को दूसरे मोहल्ले में शरण लेनी पड़ती है। कई लोग चचरी पुल बनाकर आवाजाही करते हैं। यहां के लोगों को शहरी होकर भी गांव से बदतर सुविधाएं मिली हैं, जो सड़कें बनी हैं, वह मिट्टी खडंजा हैं। नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। घरों का गंदा पानी रास्तों पर बहता है।
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टूटते हैं बिजली के तार, फैल जाता है अंधेरा
मोहल्ले में बिजली पोल की कमी है। ज्यादातर लोग बांस-बल्ली के सहारे बिजली जलाते हैं। बरसात के समय जलभराव के कारण यह बांस-बल्ली सड़ककर टूट जाती है। इस पर लगे केबल टूटने से लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। शॉट-सर्किट की समस्या पूरे बरसात भर बरकरार रहती है।
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जल निकासी के लिए बड़े बजट की दरकार
शहर के मंगलमपुरम मोहल्ले में जल निकासी के लिए बड़े बजट की दरकार है। कारण कि यहां आसपास कोई बड़ा नाला नहीं बना है। छोटी नालियां अगर बनती भी हैं तो उसकी निकासी के लिए इंतजाम नहीं है।
बोले मोहल्लेवासी
पांच साल से यहां रह रहे हैं। हर सात तीन महीने बड़ी दुश्वारी झेलनी पड़ती है। नगर पालिका का ध्यान इस मोहल्ले की ओर नहीं है। विकास के नाम पर अभी तक मिट्टी खड़ंजा मिला है।
- रामसागर, मंगलमपुरम
दो साल पहले जमीन खरीदा हूं। मकान का निर्माण चल रहा है। लोग बरसात की परेशानी बता रहे हैं तो मन सहम जा रहा है। नगर पालिका को चाहिए जलभराव वाले मोहल्लों के लिए विशेष योजना बनाएं। - पवन शर्मा, मंगलमपुरम
पांच साल से मैं यहां रह रहा हूं। बरसात के समय पानी में आवाजाही से पैर सड़ जाता है। घरों में सांप-बिच्छू आ जाते हैं। कीड़ों की भरमार हो जाती है। यहां जलनिकासी का इंतजाम अति आवश्यक है। - देवेशदत्त पांडेय, मंगलमपुरम
नगर पालिका को इस मोहल्ले वासियों की परेशानी पर ध्यान देना चाहिए। बरसात के समय हम बिजली, पानी, सड़क आदि सभी सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। यहां पक्की सड़क और नाली का इंतजाम जरूरी है। - गिरजा देवी, मंगलमपुरम