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Deoria News: मौसम का गर्म मिजाज किसानों को दे रहा झटका
Tue, 26 Dec 2023 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 26 Dec 2023 11:52 PM IST
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देवरिया। जिले में मौसम का रुख मंगलवार को भी बदला रहा। दिन में गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि न्यूनतम तापमान में एक डिग्री गिरावट आने से शाम को ठंड महसूस की गई।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 तो न्यूनतम 13 दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 26 एवं न्यूनतम 14 डिग्री था। सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक लगा ही नहीं कि यह जाड़े का सीजन है। उधर, बढ़ते तापमान को लेकर किसान चिंतित हैं। उन्हें डर सता रहा कि यदि ठंड नहीं बढ़ी तो फसलों के चौपट होने का खतरा है।
क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती होती है। मौसम के प्रतिकूल होने से खेती किसानी से जुड़े लोगों में काफी निराशा छाने लगी है। चनुकी क्षेत्र के किसान गिरिजा शंकर यादव का कहना है कि यदि यही हाल कुछ दिनों तक रहा तो गेहूं के पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान मुन्नीलाल ने कहा कि ठंड के मौसम में इतनी गर्मी से खेती के साथ कुछ असहज होने के संकेत मिल रहे हैं। खेतों में पटवन की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। उपज प्रभावित होना भी तय है।
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आलू के किसान अशोक पांडेय कहते हैं कि जनवरी-फरवरी में तैयार होने वाले आलू की साइज अब छोटी हो जाएगी और वजन कम हो जाएगा। कई बुजुर्ग किसानों ने बताया कि अगहन -पूस की ठंड और शीत से ही फसलें पुष्ट होती हैं। जिस तरह से ठंड और शीत अभी कम है इससे फसलों की उपज प्रभावित होगी। उधर बीआरडी पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ.उदयभान ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के बिल्कुल शांत होने और पुरवइया हवा के चलने के कारण ऐसी स्थिति बनी है।
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मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 तो न्यूनतम 13 दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 26 एवं न्यूनतम 14 डिग्री था। सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक लगा ही नहीं कि यह जाड़े का सीजन है। उधर, बढ़ते तापमान को लेकर किसान चिंतित हैं। उन्हें डर सता रहा कि यदि ठंड नहीं बढ़ी तो फसलों के चौपट होने का खतरा है।
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क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती होती है। मौसम के प्रतिकूल होने से खेती किसानी से जुड़े लोगों में काफी निराशा छाने लगी है। चनुकी क्षेत्र के किसान गिरिजा शंकर यादव का कहना है कि यदि यही हाल कुछ दिनों तक रहा तो गेहूं के पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान मुन्नीलाल ने कहा कि ठंड के मौसम में इतनी गर्मी से खेती के साथ कुछ असहज होने के संकेत मिल रहे हैं। खेतों में पटवन की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। उपज प्रभावित होना भी तय है।
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आलू के किसान अशोक पांडेय कहते हैं कि जनवरी-फरवरी में तैयार होने वाले आलू की साइज अब छोटी हो जाएगी और वजन कम हो जाएगा। कई बुजुर्ग किसानों ने बताया कि अगहन -पूस की ठंड और शीत से ही फसलें पुष्ट होती हैं। जिस तरह से ठंड और शीत अभी कम है इससे फसलों की उपज प्रभावित होगी। उधर बीआरडी पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के डॉ.उदयभान ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के बिल्कुल शांत होने और पुरवइया हवा के चलने के कारण ऐसी स्थिति बनी है।