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अस्पताल पहुंचे अफसर, मरीजों को छोड़कर भागे अस्पताल कर्मी
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मरीजों का बयान लेने के बाद अस्पताल को किया गया सील, स्वास्थ्य मंत्री से हुई थी शिकायत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जांच टीम के पहुंचते ही रामनाथ देवरिया स्थित मां अंबे वेलफेयर ट्रस्ट अस्पताल की संचालिका और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को छोड़कर भाग निकले। इसके बाद अफसरों ने अस्पताल को सील कर दिया। अस्पताल में मौजूद तीन मरीजों का बयान दर्ज कर उन्हें जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया।
दरअसल, समाजसेवी दिग्विजय चौबे ने अस्पताल के बिना लाइसेंस अस्पताल संचालित होने की शिकायत सीएमओ से की थी। कार्रवाई न होने पर हाल में देवरिया आएं स्वास्थ्य मंत्री के सामने शिकायत पहुंची तो स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई। शुक्रवार शाम सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, एसीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल टीजे सिंह पहुंचे तो संचालिका और कर्मी फरार हो गए। एसडीएम दिनेश मिश्र ने बताया की अस्पताल को सील कर दिया गया है। बिना रजिट्रेशन का अस्पताल चल रहा था। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जांच टीम के पहुंचते ही रामनाथ देवरिया स्थित मां अंबे वेलफेयर ट्रस्ट अस्पताल की संचालिका और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों को छोड़कर भाग निकले। इसके बाद अफसरों ने अस्पताल को सील कर दिया। अस्पताल में मौजूद तीन मरीजों का बयान दर्ज कर उन्हें जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया।
दरअसल, समाजसेवी दिग्विजय चौबे ने अस्पताल के बिना लाइसेंस अस्पताल संचालित होने की शिकायत सीएमओ से की थी। कार्रवाई न होने पर हाल में देवरिया आएं स्वास्थ्य मंत्री के सामने शिकायत पहुंची तो स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई। शुक्रवार शाम सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, एसीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल टीजे सिंह पहुंचे तो संचालिका और कर्मी फरार हो गए। एसडीएम दिनेश मिश्र ने बताया की अस्पताल को सील कर दिया गया है। बिना रजिट्रेशन का अस्पताल चल रहा था। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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