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व्यवहार में लाने से ही होगा हिंदी का विकास : वीके शुक्ल
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भटनी में ग्राम प्रधानों व शिक्षकों को संबोधित करते मुख्य अतिथि।
- फोटो : SALEMPUR
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व्यवहार में लाने से ही होगा हिंदी का विकास : वीके शुक्ल
हिंदी दिवस पर साहित्यकार व हिंदी के प्रवक्ता को किया गया सम्मानित
- सेंट जेवियर्स स्कूल में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन
सलेमपुर। नगर के सेंट जेवियर्स स्कूल में बुधवार को हिंदी दिवस पर गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता, कवि एवं साहित्यकार गोपाल त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
गोष्ठी में हिंदी की उपयोगिता और प्रासंगिकता पर बोलते हुए प्रधानाचार्य वीके शुक्ल ने छात्रों और शिक्षकों को सुझाव दिया कि हिंदी उन्नयन तभी संभव है, जब उसे सैद्धांतिक के साथ व्यावहारिक रूप में सीखा जाए। विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता गोपाल त्रिपाठी को हिंदी काव्य साहित्य में उनके योगदान के लिए डॉ. नामवर सिंह की संस्था नारायणी साहित्य अकादमी दिल्ली की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सिंह विसेन द्वारा दस सितंबर को नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में आयोजित एक समारोह में साहित्य केतु सम्मान से सम्मानित किया गया था। जिसके परिप्रेक्ष्य में सेंट जेवियर्स स्कूल सलेमपुर ने भी अपने प्रवक्ता को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। कवि गोपाल ने हिंदी की वैश्विक स्थिति पर प्रकाश डाला। इस दौरान जगदीश तिवारी, सोमनाथ तिवारी, भृग्वेंद्र सिंह, वीएस तिवारी सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।
हिंदी शिक्षकों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। नगर के जीएम एकेडमी में बुधवार को हिंदी दिवस पर प्रधानाचार्य डॉ. संभावना मिश्रा एवं उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने विद्यालय के हिंदी शिक्षक सच्चिदानंद पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र एवं भारती सिंह को माल्यार्पण कर एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने सबको हिंदी दिवस की शुभकामना देते हुए साहित्यिक हिंदी पर बल देने की सलाह दी। उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्र बहुमुखी विकास कर रहा है पर हिंदी को भी नजरअंदाज न किया जाए। शिक्षक, विद्यार्थी, समाज, सरकार और आमजन को भी राष्ट्र हित में हिंदी के उत्थान पर बल देना चाहिए।
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वहीं नगर के सोहनाग रोड स्थित सरस्वती सदन पर हिंदी दिवस पर लोगों में जागरूकता फैलाई गई तथा विद्वानों को सम्मानित किया गया। पत्रकार रामविलास तिवारी ने कहा कि हिंदी का वर्चस्व पूरे दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। हिंदी ऐसी भाषा है, जो पूरे देश में समझी और बोली जाती है। हिंदी को राजभाषा की मान्यता देनी चाहिए। आनंद नारायण मिश्र ने कहा कि भारत को आजाद कराने में हिंदी का योगदान रहा है। किसी भी देश का विकास उसके भाषा का विकास से होता है। रास बिहारी मिश्र ने कहा कि हिंदी भाषा को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है तथा यह भाषा प्रेम और करुणा से भरपूर है। समाजसेवी सूबेदार सिंह ने कहा कि भारत में गरीबों मजदूरों की भाषा है हिंदी। इस दौरान संजय गुप्त, उपेंद्र कुमार, सुनील कुमार तिवारी, राकेश पांडेय, रामचंद्र सिंह, संतजी तिवारी, राकेश तिवारी और अशोक मद्धेशिया आदि मौजूद थे।
न्यायालयों में हो हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग : जनपद न्यायाधीश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय के सेंट्रल हॉल में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया।
जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश यादव ने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है। न्यायालयों में हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग होना चाहिए। हिंदी देश के नागरिकों को एक सूत्र में बांधती है। अपर जिला जज शाश्वत पांडेय ने कहा कि हिंदी राज भाषा है। हमें इसके विस्तार और उन्नति के लिए कार्य करना होगा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित ने हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर जोर दिया। गोष्ठी को बार के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरि, अपर जिला जज संजय सिंह, सीजेएम सूर्य कांत धर द्विवेदी, एसीजेएम सुंदर पाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित राज सिंह, पूर्व सचिव मनोज कुमार मिश्र, अधिवक्ता विष्णु कुमार गोयल, अरविंद कुमार पांडेय, प्रबोध श्रीवास्तव, रामजी चौहान, अरविंद साहनी, अर्जुन यादव ने संबोधित किया। जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के सचिव नितेंद्र नाथ त्रिपाठी ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद कुशवाहा, राकेश मिश्र, अमरेंद्र द्विवेदी, शिवकुमार मणि, नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण मणि और सचिव शक्तिधर पांडेय आदि मौजूद थे। संचालन पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने किया।
भारत माता के ललाट की बिंदी है हिंदी
साहित्य परिषद और हर्षचंद इंटर कालेज में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर स्थित हिंदी साहित्य परिषद और हर्षचंद इंटर कॉलेज में बुधवार को हिंदी दिवस पर गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें विद्वानों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं का कहना था कि हिंदी भाषा भारत माता के ललाट की बिंदी जैसी है। जिसकी महत्ता विश्व प्रख्यात है।
प्रधानाचार्य जवाहर यादव, अजीत कुुमार सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, इंद्रजीत उपाध्याय, अक्षयबर सिंह, संजय सिंह यादव आदि ने कहा कि हिंदी वैज्ञानिक भाषा है। जो लिखा जाता है, वहीं उच्चारित भी किया जाता है। भाषा को बोलने और समझने वाले संस्कारवान होते हैं। दूसरी ओर हिंदी साहित्य परिषद के बाबा राघवदास सभागार में रामचंद्र रावत, ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कनक सिंह, कुमकुम राजभर, अंशू भारती, रुखसाना खातून ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान बृजलाल प्रसाद, सुनील चौरसिया, कंचन यादव, करुणाकर पाठक, अरविंद कुमार, प्रियरंजन, विजय कांत, उदय शंकर, कुमुद कन्नौजिया, सुमन सिंह आदि मौजूद रहे।
नागरी प्रचारिणी सभा में हिंदी दिवस पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में हिंदी दिवस पर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इसमें वर्ष 2020 में श्रम हुए वर्ष का नागरी रत्न डॉ. सुधांशु शुक्ला, नागरी भूषण सम्मान डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी और नगरी श्री सम्मान सौदागर सिंह को दिया गया। इस दौरान छात्रा- छात्रों को सम्मानित किया गया।
समारोह में 2022 का नागरी रत्न सम्मान डॉ. अमूल्य रत्न महांति कटक (उड़ीसा)। नागरी भूषण सदानंद शाही काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी एवं नागरी श्री सम्मान, उपन्यासकार वरुण पांडेय को दिया गया। डॉ. अमूल्य रत्न महांति ने कहा कि आज भी सनातन परंपरा में शास्त्रार्थ जीवित हैं यह यहां पहुंच कर लगा। कहा कि हिंदी संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा बन सकती है। डॉ. सदानंद शाही ने कहा कि जब हम नागरी शब्द का उच्चारण करते हैं तो उससे समीपता का भाव व्यंजित होता है, नागरिक का अर्थ व्यापक होकर नागरिकता तक पहुंचता है। डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी ने अपनी कविता मेरा गांव संवेदना शून्य हो गया है। मेरा गांव जिंदा है मगर जिंदा दिली मर गई है.... कविता के माध्यम से अपनी बात कही। इस दौरान सभा के मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, विभूत नारायण ओझा, आचार्य परमेश्वर जोशी, इंद्रकुमार दीक्षित, वृद्धिचंद्र विश्वकर्मा मौजूद रहे। संचालन डॉ. भावना सिन्हा ने किया।
एनपीएस के छात्र ने बढ़ाया मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनूघाट। नागरी प्रचारिणी सभा में हिंदी दिवस पर राष्ट्रीय एकता के लिए देवनागरी लिपि आवश्यक है विषय पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में नेशनल पब्लिक स्कूल देवरिया के कक्षा 11 के छात्र आर्यन मिश्र ने टाप तीन में आकर विद्यालय का नाम बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर नागरी प्रचारिणी सभा की तरफ से छात्र को सम्मानित किया गया। स्कूल के निदेशक संजय शंकर मिश्र, प्रभारी प्रधानाचार्या मृदुला सिंह बघेल, शिक्षक वीडी मिश्र, नवनीत चतुर्वेदी, मनीष मणि त्रिपाठी, विकास सोनी, पल्लवी जायसवाल, प्रिया मिश्र ने खुशी जताई है।
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हिंदी की समृद्धि के लिए जरूरी है कि अपना दरवाजा खुला रखे : प्रो. सदानंद
देवरिया। बाबा राघव दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हाल में हिंदी दिवस पर हिंदी की यात्रा विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अतिथि वक्ता प्रो सदानंद शाही ने कहा कि हिंदी भाषा का इतिहास दो सौ सालों का है उसके पहले जनपदीय भाषाएंही व्यवहार एवं साहित्य की भाषा थीं अगर हम हिंदी साहित्य के एक हजार सालों का अवलोकन करें तो हमें जनपदीय भाषा का ही साहित्य मिलता है। हिंदी को समृद्ध करने के लिए हमें किसी अन्य भाषा की ओर देखने की जरूरत नहीं बल्कि अपने जनपदीय भाषाओं को ही समृद्ध करने की जरूरत है उनमें अपार शब्द संपदा भरी पड़ी है, बस हिंदी को अपने दरवाजे खुले रखने की जरूरत है। हिंदी भाषा वैज्ञानिक यंत्रों से नहीं, बल्कि श्रमशील लोगों के साथ कदम-कदम चलकर विश्व में फैली है। कोई भी भाषा छोटी-बड़ी नहीं होती केवल राजनीतिक स्वार्थ से ही यह विभेद होता है। हिंदी सबसे उदार एवं लोकतांत्रिक भाषा है ,इसका भविष्य उज्ज्वल है। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शरद चंद्र मिश्र तथा संचालन डॉ. भावना सिन्हा ने किया। हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रद्योत कुमार सिंह ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. पीएन सिंह, डॉ. हरिशंकर गोविंद राव, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. केके ओझा, डॉ. समरेंद्र बहादुर शर्मा, डॉ .नरेंद्र कुमार, डॉ. रामप्रीति मणि त्रिपाठी और डॉ. अभिनव सिंह आदि मौजूद थे।
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हिंदी दिवस पर पड़री में हुआ कार्यक्रम
प्रतापपुर। बनकटा ब्लाक के पड़री स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बुधवार को हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कवि मक़सूद अहमद भोपतपुरी ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता दिया था, लेकिन 73 वर्ष बाद भी हिंदी को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह नहीं मिल सका है। कार्यक्रम को प्रधानाध्यापक जियाउल्लाह अंसारी, अशोक यादव ने संबोधित किया।
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हिंदी दिवस पर साहित्यकार व हिंदी के प्रवक्ता को किया गया सम्मानित
- सेंट जेवियर्स स्कूल में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन
सलेमपुर। नगर के सेंट जेवियर्स स्कूल में बुधवार को हिंदी दिवस पर गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता, कवि एवं साहित्यकार गोपाल त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
गोष्ठी में हिंदी की उपयोगिता और प्रासंगिकता पर बोलते हुए प्रधानाचार्य वीके शुक्ल ने छात्रों और शिक्षकों को सुझाव दिया कि हिंदी उन्नयन तभी संभव है, जब उसे सैद्धांतिक के साथ व्यावहारिक रूप में सीखा जाए। विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता गोपाल त्रिपाठी को हिंदी काव्य साहित्य में उनके योगदान के लिए डॉ. नामवर सिंह की संस्था नारायणी साहित्य अकादमी दिल्ली की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सिंह विसेन द्वारा दस सितंबर को नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में आयोजित एक समारोह में साहित्य केतु सम्मान से सम्मानित किया गया था। जिसके परिप्रेक्ष्य में सेंट जेवियर्स स्कूल सलेमपुर ने भी अपने प्रवक्ता को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। कवि गोपाल ने हिंदी की वैश्विक स्थिति पर प्रकाश डाला। इस दौरान जगदीश तिवारी, सोमनाथ तिवारी, भृग्वेंद्र सिंह, वीएस तिवारी सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।
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हिंदी शिक्षकों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। नगर के जीएम एकेडमी में बुधवार को हिंदी दिवस पर प्रधानाचार्य डॉ. संभावना मिश्रा एवं उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने विद्यालय के हिंदी शिक्षक सच्चिदानंद पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र एवं भारती सिंह को माल्यार्पण कर एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने सबको हिंदी दिवस की शुभकामना देते हुए साहित्यिक हिंदी पर बल देने की सलाह दी। उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्र बहुमुखी विकास कर रहा है पर हिंदी को भी नजरअंदाज न किया जाए। शिक्षक, विद्यार्थी, समाज, सरकार और आमजन को भी राष्ट्र हित में हिंदी के उत्थान पर बल देना चाहिए।
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वहीं नगर के सोहनाग रोड स्थित सरस्वती सदन पर हिंदी दिवस पर लोगों में जागरूकता फैलाई गई तथा विद्वानों को सम्मानित किया गया। पत्रकार रामविलास तिवारी ने कहा कि हिंदी का वर्चस्व पूरे दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। हिंदी ऐसी भाषा है, जो पूरे देश में समझी और बोली जाती है। हिंदी को राजभाषा की मान्यता देनी चाहिए। आनंद नारायण मिश्र ने कहा कि भारत को आजाद कराने में हिंदी का योगदान रहा है। किसी भी देश का विकास उसके भाषा का विकास से होता है। रास बिहारी मिश्र ने कहा कि हिंदी भाषा को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है तथा यह भाषा प्रेम और करुणा से भरपूर है। समाजसेवी सूबेदार सिंह ने कहा कि भारत में गरीबों मजदूरों की भाषा है हिंदी। इस दौरान संजय गुप्त, उपेंद्र कुमार, सुनील कुमार तिवारी, राकेश पांडेय, रामचंद्र सिंह, संतजी तिवारी, राकेश तिवारी और अशोक मद्धेशिया आदि मौजूद थे।
न्यायालयों में हो हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग : जनपद न्यायाधीश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय के सेंट्रल हॉल में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया।
जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश यादव ने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा है। न्यायालयों में हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग होना चाहिए। हिंदी देश के नागरिकों को एक सूत्र में बांधती है। अपर जिला जज शाश्वत पांडेय ने कहा कि हिंदी राज भाषा है। हमें इसके विस्तार और उन्नति के लिए कार्य करना होगा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित ने हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर जोर दिया। गोष्ठी को बार के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरि, अपर जिला जज संजय सिंह, सीजेएम सूर्य कांत धर द्विवेदी, एसीजेएम सुंदर पाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित राज सिंह, पूर्व सचिव मनोज कुमार मिश्र, अधिवक्ता विष्णु कुमार गोयल, अरविंद कुमार पांडेय, प्रबोध श्रीवास्तव, रामजी चौहान, अरविंद साहनी, अर्जुन यादव ने संबोधित किया। जनपदीय हिंदी विधि प्रतिष्ठान के सचिव नितेंद्र नाथ त्रिपाठी ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद कुशवाहा, राकेश मिश्र, अमरेंद्र द्विवेदी, शिवकुमार मणि, नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण मणि और सचिव शक्तिधर पांडेय आदि मौजूद थे। संचालन पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने किया।
भारत माता के ललाट की बिंदी है हिंदी
साहित्य परिषद और हर्षचंद इंटर कालेज में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नगर स्थित हिंदी साहित्य परिषद और हर्षचंद इंटर कॉलेज में बुधवार को हिंदी दिवस पर गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें विद्वानों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं का कहना था कि हिंदी भाषा भारत माता के ललाट की बिंदी जैसी है। जिसकी महत्ता विश्व प्रख्यात है।
प्रधानाचार्य जवाहर यादव, अजीत कुुमार सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, इंद्रजीत उपाध्याय, अक्षयबर सिंह, संजय सिंह यादव आदि ने कहा कि हिंदी वैज्ञानिक भाषा है। जो लिखा जाता है, वहीं उच्चारित भी किया जाता है। भाषा को बोलने और समझने वाले संस्कारवान होते हैं। दूसरी ओर हिंदी साहित्य परिषद के बाबा राघवदास सभागार में रामचंद्र रावत, ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कनक सिंह, कुमकुम राजभर, अंशू भारती, रुखसाना खातून ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान बृजलाल प्रसाद, सुनील चौरसिया, कंचन यादव, करुणाकर पाठक, अरविंद कुमार, प्रियरंजन, विजय कांत, उदय शंकर, कुमुद कन्नौजिया, सुमन सिंह आदि मौजूद रहे।
नागरी प्रचारिणी सभा में हिंदी दिवस पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में हिंदी दिवस पर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इसमें वर्ष 2020 में श्रम हुए वर्ष का नागरी रत्न डॉ. सुधांशु शुक्ला, नागरी भूषण सम्मान डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी और नगरी श्री सम्मान सौदागर सिंह को दिया गया। इस दौरान छात्रा- छात्रों को सम्मानित किया गया।
समारोह में 2022 का नागरी रत्न सम्मान डॉ. अमूल्य रत्न महांति कटक (उड़ीसा)। नागरी भूषण सदानंद शाही काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी एवं नागरी श्री सम्मान, उपन्यासकार वरुण पांडेय को दिया गया। डॉ. अमूल्य रत्न महांति ने कहा कि आज भी सनातन परंपरा में शास्त्रार्थ जीवित हैं यह यहां पहुंच कर लगा। कहा कि हिंदी संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा बन सकती है। डॉ. सदानंद शाही ने कहा कि जब हम नागरी शब्द का उच्चारण करते हैं तो उससे समीपता का भाव व्यंजित होता है, नागरिक का अर्थ व्यापक होकर नागरिकता तक पहुंचता है। डॉ. जयनाथ मणि त्रिपाठी ने अपनी कविता मेरा गांव संवेदना शून्य हो गया है। मेरा गांव जिंदा है मगर जिंदा दिली मर गई है.... कविता के माध्यम से अपनी बात कही। इस दौरान सभा के मंत्री डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, विभूत नारायण ओझा, आचार्य परमेश्वर जोशी, इंद्रकुमार दीक्षित, वृद्धिचंद्र विश्वकर्मा मौजूद रहे। संचालन डॉ. भावना सिन्हा ने किया।
एनपीएस के छात्र ने बढ़ाया मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनूघाट। नागरी प्रचारिणी सभा में हिंदी दिवस पर राष्ट्रीय एकता के लिए देवनागरी लिपि आवश्यक है विषय पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में नेशनल पब्लिक स्कूल देवरिया के कक्षा 11 के छात्र आर्यन मिश्र ने टाप तीन में आकर विद्यालय का नाम बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर नागरी प्रचारिणी सभा की तरफ से छात्र को सम्मानित किया गया। स्कूल के निदेशक संजय शंकर मिश्र, प्रभारी प्रधानाचार्या मृदुला सिंह बघेल, शिक्षक वीडी मिश्र, नवनीत चतुर्वेदी, मनीष मणि त्रिपाठी, विकास सोनी, पल्लवी जायसवाल, प्रिया मिश्र ने खुशी जताई है।
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हिंदी की समृद्धि के लिए जरूरी है कि अपना दरवाजा खुला रखे : प्रो. सदानंद
देवरिया। बाबा राघव दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हाल में हिंदी दिवस पर हिंदी की यात्रा विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अतिथि वक्ता प्रो सदानंद शाही ने कहा कि हिंदी भाषा का इतिहास दो सौ सालों का है उसके पहले जनपदीय भाषाएंही व्यवहार एवं साहित्य की भाषा थीं अगर हम हिंदी साहित्य के एक हजार सालों का अवलोकन करें तो हमें जनपदीय भाषा का ही साहित्य मिलता है। हिंदी को समृद्ध करने के लिए हमें किसी अन्य भाषा की ओर देखने की जरूरत नहीं बल्कि अपने जनपदीय भाषाओं को ही समृद्ध करने की जरूरत है उनमें अपार शब्द संपदा भरी पड़ी है, बस हिंदी को अपने दरवाजे खुले रखने की जरूरत है। हिंदी भाषा वैज्ञानिक यंत्रों से नहीं, बल्कि श्रमशील लोगों के साथ कदम-कदम चलकर विश्व में फैली है। कोई भी भाषा छोटी-बड़ी नहीं होती केवल राजनीतिक स्वार्थ से ही यह विभेद होता है। हिंदी सबसे उदार एवं लोकतांत्रिक भाषा है ,इसका भविष्य उज्ज्वल है। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शरद चंद्र मिश्र तथा संचालन डॉ. भावना सिन्हा ने किया। हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रद्योत कुमार सिंह ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. पीएन सिंह, डॉ. हरिशंकर गोविंद राव, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. केके ओझा, डॉ. समरेंद्र बहादुर शर्मा, डॉ .नरेंद्र कुमार, डॉ. रामप्रीति मणि त्रिपाठी और डॉ. अभिनव सिंह आदि मौजूद थे।
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हिंदी दिवस पर पड़री में हुआ कार्यक्रम
प्रतापपुर। बनकटा ब्लाक के पड़री स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बुधवार को हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कवि मक़सूद अहमद भोपतपुरी ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता दिया था, लेकिन 73 वर्ष बाद भी हिंदी को जो सम्मान मिलना चाहिए, वह नहीं मिल सका है। कार्यक्रम को प्रधानाध्यापक जियाउल्लाह अंसारी, अशोक यादव ने संबोधित किया।