{"_id":"5f02050b8ebc3e42d3713df0","slug":"guru-poornima-celebrated-deoria-news-gkp3570858145","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवरहा बाबा आश्रम, गायत्री पीठ, बालाजी मंदिर में मनाई गई गुरु पूर्णिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवरहा बाबा आश्रम, गायत्री पीठ, बालाजी मंदिर में मनाई गई गुरु पूर्णिमा
विज्ञापन
गुरू पुर्णिमा अवसर पर भक्तो ने अपने गुरू से अशिर्वाद लिया।
- फोटो : DEORIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरहा बाबा आश्रम, गायत्री पीठ, बालाजी मंदिर में धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा
बैकुंठपुर में पौहारी महाराज और बसंतपुर धूसी में महंत विश्वम्भर दास की साधकों ने की पूजन अर्चना,
संवाद न्यूूज एजेंसी
देवरिया/मईल। गुरु पूर्णिमा पर्व रविवार को जिले में श्रद्धा भाव से मनाया गया। गुरु-शिष्य परंपरा को पालन करते हुए शिष्यों व साधकों ने विधि-विधान से गुरुओं के प्रति अपनी आस्था दिखाई। कई शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्रों ने शिक्षकों के प्रति अपने आदर भाव को निवेदित किया। धार्मिक शक्तिपीठों पर भजन कीर्तन एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।
मईल क्षेत्र के देवरहा बाबा आश्रम पर गुरु पूर्णिमा अवसर पर प्रदेश के कई जनपदों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली व अन्य प्रदेशों के साधकों ने पहुंचकर बाबा का पूजा-अर्चन किया। आश्रम पर सुबह से ही सुंदरकांड, मानस पाठ का आयोजन हुआ। पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने सर्वप्रथम बाबा की प्रतिमा की पूजा व आरती की। उन्होंने कहा कि बाबा गो सेवा व जनसेवा को सर्वोपरि धर्म मानते थे। कहते थे कि भक्त भक्ति भगवान व गुरु चार नाम होते हुए भी वस्तुत: एक ही है। इनके चरणों में वंदना करने से अनेक विघ्नों का नाश हो जाता है। भगवान ही भक्तों के कल्याण के लिए गुरु के रूप में अवतरित होते हैं। इस अवसर पर आश्रम में प्रसाद व भंडारा देर शाम तक चलता रहा। पूजन करने वालों में देवरिया सांसद रमापति राम त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र मल्ल, सीओ बरहज दिनेश सिंह यादव, मनीष सहाय, कन्हैया तिवारी, माधव शरण चौबे, राममनोहर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। उधर, बसंतपुर धूसी रामजानकी कुटी के महंत विश्वंभर दास के शिष्यों ने गुरु गद्दी व आचार्य पीठ का पूजन शिष्य अर्धेंद्र की देखरेख में किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय राय सहित कई शिष्यों ने अपने घरों पर ही उनके चित्र पर पूजन अर्चन किया। बैकुंठपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय परिसर में भी गुरु पूर्णिमा परंपरागत ढंग से मनाई गई। पौहारी महाराज राघवेंद्र दास को शिष्यों ने विधि-विधान से पूजन अर्चना की। मौके पर पौधरोपण भी हुआ। शहर के कसया रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर परिव्राजक बाबू सिंह व स्वामीनाथ राय की देखरेख में साधकों ने अपने गुरु आचार्य श्रीराम शर्मा के चित्र पर रोली चंदन चढ़ाकर स्तुति की। हनुमान मंदिर में महंत परमात्मा दास ने अपने गुरु देवरहा बाबा की पूजा की। पंचमुखी हनुमान मंदिर में पं. युगुल किशोर तिवारी की एवं कतरारी में स्वामी अच्युतानंद सरस्वती की उनके शिष्यों ने उनके आशीष लिया। कलिंद इंटर कॉलेज में शिष्यों ने प्रधानाचार्य वकील सिंह व अन्य शिक्षकों का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
बालाजी मंदिर में पीठाधीश्वर को शिष्यों ने दिया अंगवस्त्र
देवरिया। बालाजी मंदिर में रविवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवान रामानुजाचार्य व त्रिदंडी स्वामी की पूजा की गई। इसके बाद पीठाधीश्वर स्वामी राजनारायणाचार्य को साधकों ने अंगवस्त्र, फल-फूल, मिष्ठान व माल्यार्पण कर उनके आशीष लिया। यहां एक सप्ताह से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन कथाव्यास ने किया।
विज्ञापन
फोटो समाचार
बरहज में भी कई जगह आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। गुरु पूर्णिमा के दिन अनंत आश्रम और पुरानी संगत पीठ उदासीन आश्रम सहित अन्य जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां गुरुओं को याद करते हुए लोगों ने उनका वंदन किया। सभी ने गुरु को सर्वोपरि बताया।
रविवार को अनंत आश्रम के पीठाधीश्वर आंजनेय दास ने गुफा में विराजमान अनंत महाप्रभु, जबकि संगत पीठ के महंत परमेश्वर दास ने श्रीचंद्र जी महाराज के चित्र पर पुष्पार्चन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। पूरे दिन सोशल मीडिया पर आदि के जरिए लोगों ने गुरु वंदन किया। इस दौरान प्राचार्य गोविंद दत्त शुक्ल, विश्राम शुक्ल, कृष्णमुरारी पांडेय, पंडित परशुराम मणि, विनय मिश्र, अभयानंद तिवारी, बृजेश शर्मा, अर्जुन भारती, दामोदर बर्नवाल, गोवर्धन, प्रहलाद यादव, संतोष पांडेय, आलमगीर अंसारी, अशोक श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
गुठनी के सोहगरा में नहीं लगेगा श्रावणी मेला
मुख्य जगहों पर तैनात रहेंगे छह मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेहरौनाघाट। बिहार के गुठनी के सोहगरा धाम स्थित ऐतिहासिक बाबा हंसनाथ मंदिर परिसर में लगने वाला श्रावणी मेला इस वर्ष नहीं लगेगा। बाबा हंसनाथ सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि करोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर समिति ने इस वर्ष सावन में आयोजित होने वाले श्रावणी मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है।
अंचलाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को इस विषय को लेकर समिति के साथ प्रखंड के आलाधिकारियों की एक बैठक कर विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर के सभी द्वार पूर्णत: बन्द रहेंगें और मंदिर परिसर के पूर्व में चिह्नित सभी महत्व पूर्ण स्थानों पर पूर्व की भांति अतिरिक्त पुलिस बल के साथ छह मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगें। मंदिर के पूर्वी प्रवेश द्वार पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामसेवक सिंह, दक्षिण मुख्य प्रवेश द्वार पर सीढ़ी के नीचे अभियन्ता मनरेगा राजीव रंजन, निकास द्वार पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार, पूर्वी मुख्य सड़क ड्राप गेट पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजीव कुमार रंजन, दक्षिण ड्रॉप गेट पर प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक आलोक कुमार सिंह को मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्ति किया गया है। समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ मनोज सिंह, सुरेंद्र चौहान, मिन्हाज सोहगर्वी, बाबा हंसनाथ युवा कार्यकर्ता समिति के अभिषेक सिंह, रंजीत मद्धेशिया, संजीव पांडेय, अरुण मद्धेशिया, नीतीश भारद्वाज, रूपेश सिंह, संजय यादव के अलावा पुजारी अरुण गिरी, जितेंद्र गिरी और चन्द्रशेखर गिरी मौजूद थे।
विज्ञापन
बैकुंठपुर में पौहारी महाराज और बसंतपुर धूसी में महंत विश्वम्भर दास की साधकों ने की पूजन अर्चना,
संवाद न्यूूज एजेंसी
देवरिया/मईल। गुरु पूर्णिमा पर्व रविवार को जिले में श्रद्धा भाव से मनाया गया। गुरु-शिष्य परंपरा को पालन करते हुए शिष्यों व साधकों ने विधि-विधान से गुरुओं के प्रति अपनी आस्था दिखाई। कई शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्रों ने शिक्षकों के प्रति अपने आदर भाव को निवेदित किया। धार्मिक शक्तिपीठों पर भजन कीर्तन एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।
मईल क्षेत्र के देवरहा बाबा आश्रम पर गुरु पूर्णिमा अवसर पर प्रदेश के कई जनपदों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली व अन्य प्रदेशों के साधकों ने पहुंचकर बाबा का पूजा-अर्चन किया। आश्रम पर सुबह से ही सुंदरकांड, मानस पाठ का आयोजन हुआ। पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने सर्वप्रथम बाबा की प्रतिमा की पूजा व आरती की। उन्होंने कहा कि बाबा गो सेवा व जनसेवा को सर्वोपरि धर्म मानते थे। कहते थे कि भक्त भक्ति भगवान व गुरु चार नाम होते हुए भी वस्तुत: एक ही है। इनके चरणों में वंदना करने से अनेक विघ्नों का नाश हो जाता है। भगवान ही भक्तों के कल्याण के लिए गुरु के रूप में अवतरित होते हैं। इस अवसर पर आश्रम में प्रसाद व भंडारा देर शाम तक चलता रहा। पूजन करने वालों में देवरिया सांसद रमापति राम त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र मल्ल, सीओ बरहज दिनेश सिंह यादव, मनीष सहाय, कन्हैया तिवारी, माधव शरण चौबे, राममनोहर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। उधर, बसंतपुर धूसी रामजानकी कुटी के महंत विश्वंभर दास के शिष्यों ने गुरु गद्दी व आचार्य पीठ का पूजन शिष्य अर्धेंद्र की देखरेख में किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय राय सहित कई शिष्यों ने अपने घरों पर ही उनके चित्र पर पूजन अर्चन किया। बैकुंठपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय परिसर में भी गुरु पूर्णिमा परंपरागत ढंग से मनाई गई। पौहारी महाराज राघवेंद्र दास को शिष्यों ने विधि-विधान से पूजन अर्चना की। मौके पर पौधरोपण भी हुआ। शहर के कसया रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर परिव्राजक बाबू सिंह व स्वामीनाथ राय की देखरेख में साधकों ने अपने गुरु आचार्य श्रीराम शर्मा के चित्र पर रोली चंदन चढ़ाकर स्तुति की। हनुमान मंदिर में महंत परमात्मा दास ने अपने गुरु देवरहा बाबा की पूजा की। पंचमुखी हनुमान मंदिर में पं. युगुल किशोर तिवारी की एवं कतरारी में स्वामी अच्युतानंद सरस्वती की उनके शिष्यों ने उनके आशीष लिया। कलिंद इंटर कॉलेज में शिष्यों ने प्रधानाचार्य वकील सिंह व अन्य शिक्षकों का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
बालाजी मंदिर में पीठाधीश्वर को शिष्यों ने दिया अंगवस्त्र
देवरिया। बालाजी मंदिर में रविवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवान रामानुजाचार्य व त्रिदंडी स्वामी की पूजा की गई। इसके बाद पीठाधीश्वर स्वामी राजनारायणाचार्य को साधकों ने अंगवस्त्र, फल-फूल, मिष्ठान व माल्यार्पण कर उनके आशीष लिया। यहां एक सप्ताह से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन कथाव्यास ने किया।
विज्ञापन
फोटो समाचार
बरहज में भी कई जगह आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। गुरु पूर्णिमा के दिन अनंत आश्रम और पुरानी संगत पीठ उदासीन आश्रम सहित अन्य जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां गुरुओं को याद करते हुए लोगों ने उनका वंदन किया। सभी ने गुरु को सर्वोपरि बताया।
रविवार को अनंत आश्रम के पीठाधीश्वर आंजनेय दास ने गुफा में विराजमान अनंत महाप्रभु, जबकि संगत पीठ के महंत परमेश्वर दास ने श्रीचंद्र जी महाराज के चित्र पर पुष्पार्चन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। पूरे दिन सोशल मीडिया पर आदि के जरिए लोगों ने गुरु वंदन किया। इस दौरान प्राचार्य गोविंद दत्त शुक्ल, विश्राम शुक्ल, कृष्णमुरारी पांडेय, पंडित परशुराम मणि, विनय मिश्र, अभयानंद तिवारी, बृजेश शर्मा, अर्जुन भारती, दामोदर बर्नवाल, गोवर्धन, प्रहलाद यादव, संतोष पांडेय, आलमगीर अंसारी, अशोक श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
गुठनी के सोहगरा में नहीं लगेगा श्रावणी मेला
मुख्य जगहों पर तैनात रहेंगे छह मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेहरौनाघाट। बिहार के गुठनी के सोहगरा धाम स्थित ऐतिहासिक बाबा हंसनाथ मंदिर परिसर में लगने वाला श्रावणी मेला इस वर्ष नहीं लगेगा। बाबा हंसनाथ सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि करोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर समिति ने इस वर्ष सावन में आयोजित होने वाले श्रावणी मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है।
अंचलाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को इस विषय को लेकर समिति के साथ प्रखंड के आलाधिकारियों की एक बैठक कर विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर के सभी द्वार पूर्णत: बन्द रहेंगें और मंदिर परिसर के पूर्व में चिह्नित सभी महत्व पूर्ण स्थानों पर पूर्व की भांति अतिरिक्त पुलिस बल के साथ छह मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगें। मंदिर के पूर्वी प्रवेश द्वार पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामसेवक सिंह, दक्षिण मुख्य प्रवेश द्वार पर सीढ़ी के नीचे अभियन्ता मनरेगा राजीव रंजन, निकास द्वार पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार, पूर्वी मुख्य सड़क ड्राप गेट पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजीव कुमार रंजन, दक्षिण ड्रॉप गेट पर प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक आलोक कुमार सिंह को मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्ति किया गया है। समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ मनोज सिंह, सुरेंद्र चौहान, मिन्हाज सोहगर्वी, बाबा हंसनाथ युवा कार्यकर्ता समिति के अभिषेक सिंह, रंजीत मद्धेशिया, संजीव पांडेय, अरुण मद्धेशिया, नीतीश भारद्वाज, रूपेश सिंह, संजय यादव के अलावा पुजारी अरुण गिरी, जितेंद्र गिरी और चन्द्रशेखर गिरी मौजूद थे।