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गोर्रा और राप्ती नदी में उफान
देवरिया
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:50 PM IST
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क्षेत्र की गोर्रा और राप्ती नदियों में काफी उफान है।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। क्षेत्र की गोर्रा और राप्ती नदियों में काफी उफान है। गोर्रा नदी नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव में कटान तेज कर दी है। नदी से सटे मकानों से लोगों ने अपने सामान खाली कर दिए। राप्ती नदी केवटलिया और गायघाट गांव पर काफी कटान कर रही है। यहां कटान रोकने को लगे बोल्डर नदी में समाहित हो रहे है। नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से बंधों पर दबाव बना है।
शुक्रवार की शाम गोर्रा नदी 70 मीटर और राप्ती नदी 69.80 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियां खतरे के निशान 70.50 मीटर से क्रमश: 50 सेमी और 70 सेमी नीचे थी। नदोियों के जलस्तर को देख सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीम ने बंधों पर डेरा डाल रखा है। गोर्रा नदी नरायनपुर गांव के एक दर्जन मकानों को अपने जद में लेने को सीधे टक्कर मार रही है।
जलस्तर में शनिवार को बढ़ोतरी हुई तो कई मकान नदी में गिरने की संभावना बनी है। करीब 20 मीटर का कटान करते हुए राप्ती नदी केवटलिया गांव के समीप पहुंच गई है। तिघरा मराछी बांध पर माझा नरायन गांव के समीप डैम्पनर के बीच से पानी होकर बंधों के किनारे तक पहुंच गया है।
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यहां राप्ती नदी अब नीबा गांव के सामने कटान कर रही है। विभाग झाड़ झंखाड़ के सहारे कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रशासन नदियों की स्थिति को देखते हुए पूरी तरह से एलर्ट है। सिंचाई विभाग को बंधों पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। सिंचाई विभाग कटान स्थलों पर निरोधात्मक कार्यों को मजबूत करने में लगा है।
दूसरी ओर बंधों पर कटान तेज होता देख शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने कटान स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। भाजपा के पूर्व विधायक जयप्रकाश निषाद और डॉ. रतनपाल सिंह ने अलग अलग कटान स्थलों का निरीक्षण किया।
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शुक्रवार की शाम गोर्रा नदी 70 मीटर और राप्ती नदी 69.80 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियां खतरे के निशान 70.50 मीटर से क्रमश: 50 सेमी और 70 सेमी नीचे थी। नदोियों के जलस्तर को देख सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीम ने बंधों पर डेरा डाल रखा है। गोर्रा नदी नरायनपुर गांव के एक दर्जन मकानों को अपने जद में लेने को सीधे टक्कर मार रही है।
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जलस्तर में शनिवार को बढ़ोतरी हुई तो कई मकान नदी में गिरने की संभावना बनी है। करीब 20 मीटर का कटान करते हुए राप्ती नदी केवटलिया गांव के समीप पहुंच गई है। तिघरा मराछी बांध पर माझा नरायन गांव के समीप डैम्पनर के बीच से पानी होकर बंधों के किनारे तक पहुंच गया है।
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यहां राप्ती नदी अब नीबा गांव के सामने कटान कर रही है। विभाग झाड़ झंखाड़ के सहारे कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रशासन नदियों की स्थिति को देखते हुए पूरी तरह से एलर्ट है। सिंचाई विभाग को बंधों पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। सिंचाई विभाग कटान स्थलों पर निरोधात्मक कार्यों को मजबूत करने में लगा है।
दूसरी ओर बंधों पर कटान तेज होता देख शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने कटान स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। भाजपा के पूर्व विधायक जयप्रकाश निषाद और डॉ. रतनपाल सिंह ने अलग अलग कटान स्थलों का निरीक्षण किया।