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Deoria News: भागलपुर पुल में बढ़ गया गैप, अब छोटे वाहनों के संचालन में भी खतरा

Mon, 05 Feb 2024 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 05 Feb 2024 12:09 AM IST
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gap increased of bhagalpur gap
भागलपुर के पुल के ज्वाइंट में बना गैप
फोटो है।
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भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद भी बढ़ गया पुल के ज्वाइंट में गैप
भारी वाहन तो पहले से ही हैं बंद, छोटे वाहनों की आवाजाही पर भी संकट
26 दिसंबर 2001 को भागलपुर के पुल का तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था लोकार्पण


संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भागलपुर। बलिया व देवरिया जिले को जोड़ने वाला भागलपुर पुल लोगों के लिए समस्या बन गया है। दो साल व चार करोड़ रुपये खर्च हो गए, लेकिन ज्वाइंट का गैप खत्म नहीं हुआ। गैप नहीं बढ़े, इसके लिए भारी वाहनों पर रोक लगी है। इसके बाद भी पुल के ज्वाइंट में गैप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब हल्के छोटे वाहनों की आवाजाही पर भी संकट खड़ा हो गया है। 23 साल पहले यह पुल बना था। इससे दोनों जिलों के लोगों की दिक्कतें तो बढ़ेंगी ही, बनारस जाने वाले लोगों की सांसत भी बढ़ जाएगी।
भागलपुर में सरयू नदी पर बना पुल बिहार और पूर्वांचल को मध्य भारत से जोड़ता है। इस पुल का शिलान्यास 1987 में हुआ था। 14 साल बाद 2001 में पुल बन कर तैयार हुआ। पुल का लोकार्पण दिसंबर, 2001 में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। उद्घाटन के दस साल बाद पुल के ज्वाइंट में दरारें आ गईं। सेतु निगम ने मरम्मत कराई, लेकिन तीन साल बाद पुल दोबारा से क्षतिग्रस्त हो गया और महीनों तक आवागमन बंद करके फिर मरम्मत की गई।
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सात साल बाद वर्ष 2021 में पुल फिर क्षतिग्रस्त हो गया। सेतु निगम के अधिकारियों ने चार करोड़ रुपये की लागत से मुंबई की कंपनी से मरम्मत कार्य शुरू कराया। आठ माह बाद भारी वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। लेकिन, कुछ दिन बाद ही पुल के छठवें और सातवें पाये के ज्वाइंट की दरार एक फीट तक बढ़ गई। इसके बाद पुल से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया।
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फिर पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। रैना ने भारी वाहनों का आवागमन बंद कर छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया। सेतु निगम ने मरम्मत के बाद दिसंबर में भारी वाहनों को चलाकर परीक्षण किया। इसमें पुल की हालत जस की तस मिली। इसके बाद भारी वाहनों के लिए फिर से रोक लगा दी गई। सात फीट की ऊंचाई पर लगे हाइट गेट बैरियर को खोल दिया गया, जबकि नौ फीट की ऊंचाई पर लगा हाइट गेट बैरियर अब भी लगा है।
इस पुल पर दुपहिया व चार पहिया वाहन आ-जा रहे हैं, लेकिन जिस पुल का गैप बंद किया गया था वह गैप एक सप्ताह पहले फिर हो गया है। पुल अब हल्के वाहनों का भार भी सहने लायक नहीं रहा। इसके चलते अब लोगों को करीब 100 किलोमीटर दूर बड़हलगंज व दोहरी घाट होकर आना-जाना पड़ रहा है। इसमें समय के साथ धन भी बर्बाद हो रहा है।

विभिन्न कंपनियों ने की पुल की मरम्मत
नवंबर 2021 से सितंबर 2022 तक चार करोड़ की लागत से मुंबई की आरएनएम लिमिटेड कंपनी ने मरम्मत कार्य किया। आवागमन शुरू होते ही छठवें पाये के ज्वाइंट की दरार फिर बढ़ गई। भोपाल की कंपनी ने आठ माह तक मरम्मत कार्य किया। अप्रैल 2023 से नवंबर 2023 तक भोपाल की सनफील्ड कंपनी ने मरम्मत कार्य किया। दिल्ली आईआईटी के इंजीनियरों और पुल विशेषज्ञ रैना की डिजाइन पर कार्य हुआ, लेकिन ट्राॅयल हुआ तो पुल के ज्वाइंट का गैप फिर बढ़ने लगा। सेतु निगम के अधिकारियों ने कहा कि अगर भारी वाहन चलेंगे तो छोटे वाहन भी नहीं चल पाएंगे। आठ फीट छह इंच हाइट गेट बैरियर लगाकर हल्के वाहनों का आवागमन शुरू किया गया। दो महीना नहीं बीता कि ज्वाइंट का गैप एक फिर बढ़ने लगा है।

परिचर्चा-
सेतु निगम की ओर से दो साल पुल का मरम्मत कार्य कराया गया। लेकिन, पुल ठीक नहीं हुआ। अब छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप फिर बढ़ने लगा है। आने-जाने के लिए अब और कोई रास्ता नहीं है।
-उदयनाथ सिंह, बलिया
चार करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए। दो कंपनियों ने कार्य किया, लेकिन पुल की स्थिति एक बार फिर खराब हो रही है। इससे व्यवसाय और शादी में गाड़ियों को ले जाने में कठिनाई होगी।
-आनंद मिश्रा, जीरासो

पुल को तेईस साल कुछ महीने चालू हुए हुआ। छठवें पाये के ज्वाइंट का गैप सेतु निगम की ओर से दर्जनों बार मरम्मत किया गया, लेकिन फिर गैप बढ़ने लगा है। इससे क्षेत्रवासियों के व्यवसाय और रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो सकता है।


-नवनाथ यादव, पूर्व ग्राम प्रधान, बलिया दक्षिण


बलिया जिले का बेल्थरा रोड बड़ा बाजार है। वहां से खरीदारी कर लोग गांवों कस्बों में सामान बेचकर अपनी जीविका चलाते हैं। पुल का गैप बढ़ने से हम सभी चिंतित हैं कि पुल फिर बंद हो गया तो व्यवसायी भुखमरी के शिकार हो जाएंगे।
-विनोदा नंद पाठक, व्यवसायी, हनुमान चौराहा भागलपुर
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