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Deoria News: बालू खनन से गंडक नदी बनी मौत का कुआं, निगल गई पांच जिंदगियां
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जिले के कई घाटों पर हैं मौत के गहरे गड्ढे, स्नान करने वालों को नहीं लगा रहा गड्ढों का अंदाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अवैध बालू खनन के कारण छोटी गंडक नदियों में गहरे गड्ढे बन जा रहे हैं। जिसका अंदाज स्नान करने वालों को नहीं लग पा रहा है। उनकी नजर घाट से कुछ दूरी पर नदी में पानी कम होना लगता है, लेकिन बालू निकल जाने के कारण अचानक वह गहरे गड्ढे में चले जा रहे हैं। इससे गंडक में डूबने की घटना बढ़ी है। रतनपुरा गांव के पास गंडक नदी में पांच की डूबने से मौत का कारण यह भी हो सकता है। यहां बालू खनन का काम बेरोकटोक चलता है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कई बार यह बात सामने आ चुकी है। यहां से अवैध खनन करने वाले पकड़े भी जा चुके हैं। उनके वाहन भी जब्त हो चुके हैं। अवैध खनन को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश भी है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के रतनपुरा घाट पर छोटी गंडक में बुधवार शाम नहाते समय गहरे गड्ढे में जाने से हुई पांच मौतों ने बिना पट्टा के नदी घाटों पर हो रहे खनन और इस खेल में शामिल लोगों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पचरुखिया गांव में चार मृतक लोगों के जनाजे में शामिल होने पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव, जिला महासचिव मंजूर हसन, जिला उपाध्यक्ष विवेक पटेल सहित वहां मौजूद लोगों कहना था कि पट्टा नहीं होने के बावजूद खनन माफिया छोटी गंडक के रतनपुरा, पचरुखिया, सिरवनिया, कोन्हवलिया, बसंतपुर धूसी, मैनपुर, द्वारिका, वृंदावन, भिसवा, कोन्हवलिया बाबू राय, गढ़रामपुर, सोन्हुला रामनगर आदि घाटों पर रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते हैं। सीमा से अधिक खनन होने की वजह से नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाते हैं। अक्सर ऐसे ही गहरे गड्ढों में डूबने से लोगों की मौत हो जाती है। आरोप है कि सब कुछ जानने के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है और लोग असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं, जहां भी इस तरह की घटना हो वहां खनन माफियाें और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
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दादी बोलीं, अल्लाह! यह तेरा कैसा न्याय
देवरिया। पचरुखिया गांव के दो जिगरी दोस्तों के घरों से जब उनकी पत्नियों व बेटों का जनाजा उठा तो परिजनों के साथ पड़ोसी भी बिलखने लगे। शहाबुद्दीन के घर से जब पत्नी शकीना और बेटे साजिद उर्फ टिंकू का जनाजा उठा तो बड़ा बेटा वाजिद, छोटा बेटा माजिद और बेटी मुस्कान के साथ अन्य परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। यह देख कर पड़ोसी भी बिलखने लगे। तो वहीं मजहरुद्दीन के घर से इकलौता बेटा दिलशान व पत्नी आशिया का जनाजा कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ तो परिजनों के साथ पड़ोसी भी बिलखने लगे।बृहस्पतिवार को दोपहर बाद 4:30 बजे के करीब शहाबुद्दीन के इकलौते बेटे साजिद उर्फ बिट्टू और मां शकीना के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए जनाजा दरवाजे से उठा जब दरवाजे से जनाजा उठा तो उसकी बूढ़ी दादी हसीना खातून सहित पास-पड़ोस की औरतें दहाड़े मार कर रोने लगीं। दादी हसीना खातून रोते हुए बोलीं पहले बेटे को उठा लिया फिर उसकी मां को।
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एक साथ उठे चार जनाजे, पिता के कंधों पर बेटों का जनाजा देख सिसक उठा पचरुखिया गांव
देवरिया। तरकुलवा क्षेत्र के छोटी गंडक के रतनपुरा घाट पर बुधवार शाम नहाने के दौरान दो महिलाओं समेत पांच लोग मौत के मुंह में समा गए। बृहस्पतिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही एंबुलेंस 3:40 बजे शवों को लेकर पचरुखिया पहुंची तो हर तरफ मातम छा गया। मृतकों के परिजनों की चीत्कार से लोगों का कलेजा कांप उठा। जोहर की नमाज के बाद सुपुर्द -ए-खाक की तैयारी की गई। चार जनाजे एक साथ उठे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। जनाजे में शरीक होने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की तादात में लोगों ने मृतकों को मगफिरत की दुआओं के साथ अंतिम विदाई दी। दोपहर 4:30 बजे के करीब गांव के पश्चिम कब्रिस्तान में शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उल्लेखनीय है कि बुधवार शाम रतनपुरा घाट पर छोटी गंडक में नहाते समय पचरुखिया गांव के शहाबुद्दीन की पत्नी शकीना (40) और उनका बेटा साजिद उर्फ टिंकू (12), मजहरुद्दीन की पत्नी आशिया (40) और उनका इकलौता बेटा दिलशान (14) व गर्मियों की छुट्टी में ननिहाल आई रामपुर अवस्थी गांव निवासी महमूद की बेटी आशियां खातून (25) की मौत हो गई थी। जनाजे के दौरान सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक गजाला लारी, जिला उपाध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रधान रामप्रवेश कुशवाहा, रवीश राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अवैध बालू खनन के कारण छोटी गंडक नदियों में गहरे गड्ढे बन जा रहे हैं। जिसका अंदाज स्नान करने वालों को नहीं लग पा रहा है। उनकी नजर घाट से कुछ दूरी पर नदी में पानी कम होना लगता है, लेकिन बालू निकल जाने के कारण अचानक वह गहरे गड्ढे में चले जा रहे हैं। इससे गंडक में डूबने की घटना बढ़ी है। रतनपुरा गांव के पास गंडक नदी में पांच की डूबने से मौत का कारण यह भी हो सकता है। यहां बालू खनन का काम बेरोकटोक चलता है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कई बार यह बात सामने आ चुकी है। यहां से अवैध खनन करने वाले पकड़े भी जा चुके हैं। उनके वाहन भी जब्त हो चुके हैं। अवैध खनन को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश भी है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के रतनपुरा घाट पर छोटी गंडक में बुधवार शाम नहाते समय गहरे गड्ढे में जाने से हुई पांच मौतों ने बिना पट्टा के नदी घाटों पर हो रहे खनन और इस खेल में शामिल लोगों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पचरुखिया गांव में चार मृतक लोगों के जनाजे में शामिल होने पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव, जिला महासचिव मंजूर हसन, जिला उपाध्यक्ष विवेक पटेल सहित वहां मौजूद लोगों कहना था कि पट्टा नहीं होने के बावजूद खनन माफिया छोटी गंडक के रतनपुरा, पचरुखिया, सिरवनिया, कोन्हवलिया, बसंतपुर धूसी, मैनपुर, द्वारिका, वृंदावन, भिसवा, कोन्हवलिया बाबू राय, गढ़रामपुर, सोन्हुला रामनगर आदि घाटों पर रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते हैं। सीमा से अधिक खनन होने की वजह से नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाते हैं। अक्सर ऐसे ही गहरे गड्ढों में डूबने से लोगों की मौत हो जाती है। आरोप है कि सब कुछ जानने के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है और लोग असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं, जहां भी इस तरह की घटना हो वहां खनन माफियाें और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
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दादी बोलीं, अल्लाह! यह तेरा कैसा न्याय
देवरिया। पचरुखिया गांव के दो जिगरी दोस्तों के घरों से जब उनकी पत्नियों व बेटों का जनाजा उठा तो परिजनों के साथ पड़ोसी भी बिलखने लगे। शहाबुद्दीन के घर से जब पत्नी शकीना और बेटे साजिद उर्फ टिंकू का जनाजा उठा तो बड़ा बेटा वाजिद, छोटा बेटा माजिद और बेटी मुस्कान के साथ अन्य परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। यह देख कर पड़ोसी भी बिलखने लगे। तो वहीं मजहरुद्दीन के घर से इकलौता बेटा दिलशान व पत्नी आशिया का जनाजा कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ तो परिजनों के साथ पड़ोसी भी बिलखने लगे।बृहस्पतिवार को दोपहर बाद 4:30 बजे के करीब शहाबुद्दीन के इकलौते बेटे साजिद उर्फ बिट्टू और मां शकीना के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए जनाजा दरवाजे से उठा जब दरवाजे से जनाजा उठा तो उसकी बूढ़ी दादी हसीना खातून सहित पास-पड़ोस की औरतें दहाड़े मार कर रोने लगीं। दादी हसीना खातून रोते हुए बोलीं पहले बेटे को उठा लिया फिर उसकी मां को।
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एक साथ उठे चार जनाजे, पिता के कंधों पर बेटों का जनाजा देख सिसक उठा पचरुखिया गांव
देवरिया। तरकुलवा क्षेत्र के छोटी गंडक के रतनपुरा घाट पर बुधवार शाम नहाने के दौरान दो महिलाओं समेत पांच लोग मौत के मुंह में समा गए। बृहस्पतिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही एंबुलेंस 3:40 बजे शवों को लेकर पचरुखिया पहुंची तो हर तरफ मातम छा गया। मृतकों के परिजनों की चीत्कार से लोगों का कलेजा कांप उठा। जोहर की नमाज के बाद सुपुर्द -ए-खाक की तैयारी की गई। चार जनाजे एक साथ उठे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। जनाजे में शरीक होने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की तादात में लोगों ने मृतकों को मगफिरत की दुआओं के साथ अंतिम विदाई दी। दोपहर 4:30 बजे के करीब गांव के पश्चिम कब्रिस्तान में शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उल्लेखनीय है कि बुधवार शाम रतनपुरा घाट पर छोटी गंडक में नहाते समय पचरुखिया गांव के शहाबुद्दीन की पत्नी शकीना (40) और उनका बेटा साजिद उर्फ टिंकू (12), मजहरुद्दीन की पत्नी आशिया (40) और उनका इकलौता बेटा दिलशान (14) व गर्मियों की छुट्टी में ननिहाल आई रामपुर अवस्थी गांव निवासी महमूद की बेटी आशियां खातून (25) की मौत हो गई थी। जनाजे के दौरान सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक गजाला लारी, जिला उपाध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रधान रामप्रवेश कुशवाहा, रवीश राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।