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Deoria News: दोपहर में अंतिम संस्कार मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि
Thu, 18 Jun 2026 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:40 PM IST
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बरहज के कटइलवा घाट पर शिवानंद चौरसिया को मुख अग्नि देता बेटा
पैकौली (देवरिया)। ओमान में पानी के जहाज पर 10 जून को हुए अमेरिकी बम हमले में जान गंवाने वाले शिवानंद चौरसिया का बृहस्पतिवार को बरहज के कटइलवा घाट पर सरयू नदी के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह देवरिया मेडिकल कॉलेज में पुलिस सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम के बाद शव को एंबुलेंस से गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का चित्कार सुन हर आंख नम हो गई।
शव घर पहुंचते ही पिता रामजी चौरसिया, मां कलावती देवी, पत्नी सुशीला देवी और अन्य परिजन बिलख पड़े। मां और पत्नी रो-रो कर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। आसपास मौजूद महिलाएं पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाने का प्रयास करती रहीं। रोते-बिलखते परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि अब परिवार का सहारा कौन बनेगा। पत्नी सुशीला देवी की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया के आंसू रुक नहीं रहे थे। बेटा बलवीर और बेटी बानकी बार-बार आकर पिता के शव के पास विलाप कर रहे थे।
घर पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक जुटे रहे। सभी ने नम आंखों से शिवानंद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिजनों ने शव को कंधा दिया। सुरौली थाना प्रभारी अविनाश कुमार मौर्य ने भी शव को कंधा देकर शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढ़स बंधाया।
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अंतिम यात्रा गांव से बरहज के कटईलवा घाट के लिए रवाना हुई। रास्ते भर लोगों ने शिवानंद को अंतिम विदाई दी। घाट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। शिवानंद के पांच वर्षीय पुत्र बलवीर ने मुखाग्नि दी। पिता की चिता को अग्नि देते मासूम बेटे को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
इस दौरान एसडीएम सदर प्रवीण कुमार, प्रमोद कुमार शाही, सांसद प्रतिनिधि प्रिंस चतुर्वेदी, केशव शर्मा, गोविंद चौरसिया, भीमराज चौरसिया, अजय कुमार शाही, रामेश्वर शाही, शिवप्रसाद चरसिया, आनंद चौरसिया आदि लोग घाट पर मौजूद रहे।
रातभर मोर्चरी में रहा शव : शिवानंद का शव बुधवार रात देवरिया मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया। बृहस्पतिवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर गांव पहुंचे। गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं।
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शव घर पहुंचते ही पिता रामजी चौरसिया, मां कलावती देवी, पत्नी सुशीला देवी और अन्य परिजन बिलख पड़े। मां और पत्नी रो-रो कर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। आसपास मौजूद महिलाएं पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाने का प्रयास करती रहीं। रोते-बिलखते परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि अब परिवार का सहारा कौन बनेगा। पत्नी सुशीला देवी की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया के आंसू रुक नहीं रहे थे। बेटा बलवीर और बेटी बानकी बार-बार आकर पिता के शव के पास विलाप कर रहे थे।
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घर पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक जुटे रहे। सभी ने नम आंखों से शिवानंद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिजनों ने शव को कंधा दिया। सुरौली थाना प्रभारी अविनाश कुमार मौर्य ने भी शव को कंधा देकर शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढ़स बंधाया।
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अंतिम यात्रा गांव से बरहज के कटईलवा घाट के लिए रवाना हुई। रास्ते भर लोगों ने शिवानंद को अंतिम विदाई दी। घाट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। शिवानंद के पांच वर्षीय पुत्र बलवीर ने मुखाग्नि दी। पिता की चिता को अग्नि देते मासूम बेटे को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
इस दौरान एसडीएम सदर प्रवीण कुमार, प्रमोद कुमार शाही, सांसद प्रतिनिधि प्रिंस चतुर्वेदी, केशव शर्मा, गोविंद चौरसिया, भीमराज चौरसिया, अजय कुमार शाही, रामेश्वर शाही, शिवप्रसाद चरसिया, आनंद चौरसिया आदि लोग घाट पर मौजूद रहे।
रातभर मोर्चरी में रहा शव : शिवानंद का शव बुधवार रात देवरिया मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया। बृहस्पतिवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर गांव पहुंचे। गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सभी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं।