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Deoria News: एकतरफा प्यार में बाधा बनने पर दोस्त ने ही कर दी नूर मोहम्मद की हत्या
Tue, 07 Mar 2023 08:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 07 Mar 2023 08:03 AM IST
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ामलक्षन में नूर मोहम्मद की हत्या का आरोपी उसका दोस्त रिजवान
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गला दबाकर मारने के बाद नूर मोहम्मद की बाइक से शव बोरे में भरकर पुल के नीचे फेंका
व्हाट्सएप कॉल और चैटिंग से दो दिन पुलिस को किया गुमराह
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। रामलक्षन के सब्जी विक्रेता नूर मोहम्मद की हत्या करने वाला उसका जिगरी दोस्त ही निकला। उसने एकतरफा प्यार में बाधा बन रहे दोस्त की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्यारोपी मृतक की बहन से एकतरफा प्यार करता था। उसने गला दबाकर हत्या करने के बाद 24 घंटे तक शव को कमरे में ही रखा। अगले दिन उसने मृतक की बाइक उसके घर से लाकर शव बोरे में रखकर पुल के नीचे ले जाकर फेंक दिया। सोमवार को हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ कर न्यायालय भेज दिया। हत्यारोपी नूर के मोबाइल फोन से दो दिन तक ह्वाट्सएप कॉल और चैटिंग के जरिये पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने सोमवार को इस हत्याकांड का खुलासा किया।
रामलक्षन निवासी नूर मोहम्मद उर्फ गोलू का शव चार मार्च को गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बाकी पुल के नीचे बंद बोरे में मिला। वह 28 फरवरी की रात को किसी का फोन आने पर घर से निकला। पुलिस की गिरफ्त में आए हत्यारोपी रिजवान उर्फ मोनू निवासी महेशपुर के अनुसार वह मृतक की बहन से एकतरफा प्यार करता था। इधर, नूर मोहम्मद उर्फ गोलू अपनी बहन का निकाह करने की तैयारी कर रहा था, जो बात रिजवान को नागवार लग रही थी। रिजवान ने ह्वाट्सएप कॉल कर नूर मोहम्मद को 28 फरवरी की रात अपने किराये के मकान पर बुलाया। उसने गमछा से गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव को दूसरे कमरे में रख कर ताला लगा दिया। एक मार्च की शाम को रिजवान नूर मोहम्मद के घर जाकर उसकी मां फातिमा से नूर मोहम्मद की बाइक लेकर आया और बोरे में शव ले जाकर बाकी पुल के नीचे से फेंक दिया।
घटना के दिन से हत्यारोपी लगातार मृतक के परिजनों के साथ ही था। घटना की रात हत्या करने के बाद आरोपी ने मृतक के मोबाइल से अपने नंबर पर चैटिंग कर रामलक्षन की दूसरी युवती से प्रेम प्रसंग कर कहानी मोड़ने का प्रयास किया। इसको लेकर रविवार को दिन भर पुलिस गेहूं के खेत में साक्ष्य ढूंढती रही। लेकिन बोरे में रखे शव और हाथ में बंधी रस्सी का हिस्सा हत्यारोपी के कमरे से मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि आरोपी पर हत्या और शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया।
इनसेट में
छह माह से नूर के घर भोजन करता था हत्यारोपी
मोहल्ले के मौलाना का बेटा है आरोपी, पहले भी निकाह करने में कर चुका है विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। एक तरफा प्यार में हत्यारोपी बना रिजवान उर्फ मोनू छह माह से मृतक के घर ही अक्सर भोजन करता था। उसके कपड़े मृतक नूर की मां और बहन धो देती थीं। दोस्त की हत्या करने के दौरान उसका थोड़ा भी कलेजा नहीं पिघला। इसको लेकर कस्बे के लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
मूल रूप से महेशपुर गांव का रहने वाला हत्यारोपी रिजवान ऊर्फ मोनू ने अपने पहले निकाह के दौरान भी विवाद किया था। उसके पिता मोहम्मद आजम रामलक्षन मस्जिद में मौलाना हैं। बेटे की करतूत सुधारने के लिए उन्होंने उसे अपने पास मस्जिद में बुला लिया। रिजवान और नूर मोहम्मद में दोस्ती हो गई। रिजवान नूर मोहम्मद के साथ उसकी दुकान का सामान खरीदने जाता था। वह धीरे-धीरे उसके घर जाने लगा। जहां उसकी बुरी नजर नूर मोहम्मद की बहन पर पड़ने लगी। हत्या करने के बाद आरोपी ने नूर मोहम्मद के मोबाइल से अपने ह्वाट्सएप पर कई संदेश भेजा। फिर सिम निकाल कर मोबाइल घर वालों को दे दिया।
बोरी में शव बांध कर ले जाते समय वह बाइक से गिर गया, तब चौराहे के एक शख्स ने उसकी मदद करने का प्रयास किया, तो वह मना कर बाइक उठा कर अकेले शव को ठिकाने लगा चला गया।
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व्हाट्सएप कॉल और चैटिंग से दो दिन पुलिस को किया गुमराह
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। रामलक्षन के सब्जी विक्रेता नूर मोहम्मद की हत्या करने वाला उसका जिगरी दोस्त ही निकला। उसने एकतरफा प्यार में बाधा बन रहे दोस्त की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्यारोपी मृतक की बहन से एकतरफा प्यार करता था। उसने गला दबाकर हत्या करने के बाद 24 घंटे तक शव को कमरे में ही रखा। अगले दिन उसने मृतक की बाइक उसके घर से लाकर शव बोरे में रखकर पुल के नीचे ले जाकर फेंक दिया। सोमवार को हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ कर न्यायालय भेज दिया। हत्यारोपी नूर के मोबाइल फोन से दो दिन तक ह्वाट्सएप कॉल और चैटिंग के जरिये पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने सोमवार को इस हत्याकांड का खुलासा किया।
रामलक्षन निवासी नूर मोहम्मद उर्फ गोलू का शव चार मार्च को गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बाकी पुल के नीचे बंद बोरे में मिला। वह 28 फरवरी की रात को किसी का फोन आने पर घर से निकला। पुलिस की गिरफ्त में आए हत्यारोपी रिजवान उर्फ मोनू निवासी महेशपुर के अनुसार वह मृतक की बहन से एकतरफा प्यार करता था। इधर, नूर मोहम्मद उर्फ गोलू अपनी बहन का निकाह करने की तैयारी कर रहा था, जो बात रिजवान को नागवार लग रही थी। रिजवान ने ह्वाट्सएप कॉल कर नूर मोहम्मद को 28 फरवरी की रात अपने किराये के मकान पर बुलाया। उसने गमछा से गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव को दूसरे कमरे में रख कर ताला लगा दिया। एक मार्च की शाम को रिजवान नूर मोहम्मद के घर जाकर उसकी मां फातिमा से नूर मोहम्मद की बाइक लेकर आया और बोरे में शव ले जाकर बाकी पुल के नीचे से फेंक दिया।
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घटना के दिन से हत्यारोपी लगातार मृतक के परिजनों के साथ ही था। घटना की रात हत्या करने के बाद आरोपी ने मृतक के मोबाइल से अपने नंबर पर चैटिंग कर रामलक्षन की दूसरी युवती से प्रेम प्रसंग कर कहानी मोड़ने का प्रयास किया। इसको लेकर रविवार को दिन भर पुलिस गेहूं के खेत में साक्ष्य ढूंढती रही। लेकिन बोरे में रखे शव और हाथ में बंधी रस्सी का हिस्सा हत्यारोपी के कमरे से मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि आरोपी पर हत्या और शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया।
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छह माह से नूर के घर भोजन करता था हत्यारोपी
मोहल्ले के मौलाना का बेटा है आरोपी, पहले भी निकाह करने में कर चुका है विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। एक तरफा प्यार में हत्यारोपी बना रिजवान उर्फ मोनू छह माह से मृतक के घर ही अक्सर भोजन करता था। उसके कपड़े मृतक नूर की मां और बहन धो देती थीं। दोस्त की हत्या करने के दौरान उसका थोड़ा भी कलेजा नहीं पिघला। इसको लेकर कस्बे के लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
मूल रूप से महेशपुर गांव का रहने वाला हत्यारोपी रिजवान ऊर्फ मोनू ने अपने पहले निकाह के दौरान भी विवाद किया था। उसके पिता मोहम्मद आजम रामलक्षन मस्जिद में मौलाना हैं। बेटे की करतूत सुधारने के लिए उन्होंने उसे अपने पास मस्जिद में बुला लिया। रिजवान और नूर मोहम्मद में दोस्ती हो गई। रिजवान नूर मोहम्मद के साथ उसकी दुकान का सामान खरीदने जाता था। वह धीरे-धीरे उसके घर जाने लगा। जहां उसकी बुरी नजर नूर मोहम्मद की बहन पर पड़ने लगी। हत्या करने के बाद आरोपी ने नूर मोहम्मद के मोबाइल से अपने ह्वाट्सएप पर कई संदेश भेजा। फिर सिम निकाल कर मोबाइल घर वालों को दे दिया।
बोरी में शव बांध कर ले जाते समय वह बाइक से गिर गया, तब चौराहे के एक शख्स ने उसकी मदद करने का प्रयास किया, तो वह मना कर बाइक उठा कर अकेले शव को ठिकाने लगा चला गया।