{"_id":"678ea3524d77337b730dd76f","slug":"fraud-of-rs-4-lakh-in-the-name-of-getting-a-job-in-the-secretariat-deoria-news-c-208-1-deo1004-145257-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख की ठगी
Tue, 21 Jan 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
भटनी (देवरिया)। सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों ने एक युवक से चार लाख की ठगी की है। शिकायत पर पुलिस रायबरेली के रहने वाले दो आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जांच में इनके द्वारा अन्य जिलों में युवकों से ठगी की बात सामने आ रही है।
भटनी थाना क्षेत्र के खिरियां गांव निवासी रामअधार यादव कुवैत में काम करता है। इस बीच उसने घर लौटने की योजना बनाई। वर्ष 2021 में कुवैत में ही उसकी मुलाकात बृजेश कुमार नाम के एक युवक से हुई। बृजेश ने अपने एक रिश्तेदार के बारे में बताया कि वह रुपये लेकर सचिवालय में नौकरी दिलाता है। रामअधार उसकी बातों में आ गया और फरवरी 2024 में कुवैत से घर आने पर बृजेश से संपर्क किया। मार्च 2024 में रायबरेली का रहने वाला बृजेश का एक रिश्तेदार शंकर देवरिया पहुंचा। इस दौरान सचिवालय में अर्दली की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये देने की बात कही गई। इसके बाद आरोपी पत्नी के साथ रामअधार के घर आया और चार लाख तीस हजार रुपये लेकर जल्द ज्वाइनिंग लेटर भेजने के बात कहकर चला गया। कुछ दिन बाद रामअधार ने फोन किया तो जालसाज का मोबाइल नंबर बंद बताने लगा। पुलिस ने रायबरेली के शंकर व बृजेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
भटनी थाना क्षेत्र के खिरियां गांव निवासी रामअधार यादव कुवैत में काम करता है। इस बीच उसने घर लौटने की योजना बनाई। वर्ष 2021 में कुवैत में ही उसकी मुलाकात बृजेश कुमार नाम के एक युवक से हुई। बृजेश ने अपने एक रिश्तेदार के बारे में बताया कि वह रुपये लेकर सचिवालय में नौकरी दिलाता है। रामअधार उसकी बातों में आ गया और फरवरी 2024 में कुवैत से घर आने पर बृजेश से संपर्क किया। मार्च 2024 में रायबरेली का रहने वाला बृजेश का एक रिश्तेदार शंकर देवरिया पहुंचा। इस दौरान सचिवालय में अर्दली की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये देने की बात कही गई। इसके बाद आरोपी पत्नी के साथ रामअधार के घर आया और चार लाख तीस हजार रुपये लेकर जल्द ज्वाइनिंग लेटर भेजने के बात कहकर चला गया। कुछ दिन बाद रामअधार ने फोन किया तो जालसाज का मोबाइल नंबर बंद बताने लगा। पुलिस ने रायबरेली के शंकर व बृजेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
विज्ञापन