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Deoria News: ग्रामीणों की शिकायत पर सस्ते गल्ले की दुकान की हुई जांच, स्टॉक में कम मिला अनाज
Tue, 10 Mar 2026 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:19 AM IST
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बघौचघाट। विकासखंड पथरदेवा के ग्राम पंचायत रामपुर धौताल में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को पूर्ति विभाग की टीम ने जांच की। पूर्ति निरीक्षक संदीप श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और दुकान के स्टॉक का निरीक्षण करते हुए शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए। जांच के दौरान दुकान पर काफी गहमा-गहमी का माहौल रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शिकायतकर्ता सबीरन निशा, अजीम अली, कासिम, संतोष गुप्ता का आरोप था कि कोटेदार द्वारा राशन कार्ड धारकों से पहले ही अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें राशन नहीं दिया जाता। कई ग्रामीणों ने जांच के दौरान अपना बयान देते हुए कहा कि महीनों से उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं मिल पा रहा है। निरीक्षण के दौरान पूर्ति निरीक्षक ने दुकान के स्टॉक की जांच की, जिसमें मौके पर 76 बोरी चावल और लगभग 7.50 बोरी गेहूं पाया गया। जांच के दौरान कुछ स्टॉक कम पाए जाने की बात भी सामने आई, जिसे लेकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। साथ ही यह भी पाया गया कि सस्ते गल्ले की दुकान पर आवश्यक सूचना से संबंधित कोई बोर्ड नहीं लगा था। इस पर पूर्ति निरीक्षक संदीप श्रीवास्तव ने कोटेदार को तत्काल प्रभाव से दुकान पर बोर्ड लिखवाने का निर्देश दिया। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई है। जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायतकर्ता सबीरन निशा, अजीम अली, कासिम, संतोष गुप्ता का आरोप था कि कोटेदार द्वारा राशन कार्ड धारकों से पहले ही अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें राशन नहीं दिया जाता। कई ग्रामीणों ने जांच के दौरान अपना बयान देते हुए कहा कि महीनों से उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं मिल पा रहा है। निरीक्षण के दौरान पूर्ति निरीक्षक ने दुकान के स्टॉक की जांच की, जिसमें मौके पर 76 बोरी चावल और लगभग 7.50 बोरी गेहूं पाया गया। जांच के दौरान कुछ स्टॉक कम पाए जाने की बात भी सामने आई, जिसे लेकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। साथ ही यह भी पाया गया कि सस्ते गल्ले की दुकान पर आवश्यक सूचना से संबंधित कोई बोर्ड नहीं लगा था। इस पर पूर्ति निरीक्षक संदीप श्रीवास्तव ने कोटेदार को तत्काल प्रभाव से दुकान पर बोर्ड लिखवाने का निर्देश दिया। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई है। जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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