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शारदीय नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से घरों में हुई कलश स्थापना, शक्तिपीठों पर उमड़े श्रद्धालु
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नवरात्र के प्रथम दिन देवरही मंदिर में भक्तों ने पूजन अर्चन किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्?
- फोटो : DEORIA
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शारदीय नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से घरों में हुई कलश स्थापना, शक्तिपीठों पर उमड़े श्रद्धालु
देवरिया। शारदीय नवरात्र के पहले दिन विभिन्न शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। भोर से ही मंदिरों में नारियल व चुनरी चढ़ाने वाले कतारबद्ध रहे। घंटे-घड़ियाल की प्रतिध्वनि एवं देवी के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। उपासकों ने पूरे विधि विधान से आचार्यों की देखरेख में कलश स्थापित किया और नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
शहर के देवरही मंदिर, राघवनगर के दुर्गा मंदिर, अहिल्यापुर के अहिल्वार मंदिर, लाहिलपार के मां भगवती मंदिर, गुद्दीजोर के चिखुरी माई मंदिर, रुद्रपुर मार्ग पर स्थित तिवई दुर्गा मंदिर सहित अन्य शक्तिपीठों पर सुबह से ही महिला-पुरुष साधक पूजन अर्चन के लिए जुटे रहे। देवरही मंदिर में प्रवेश करते ही प्रसाद सामग्रियों की सजी दुकानें आने वाले का मन मोह रही थी। कतारबद्ध होकर लोगों ने नारियल चुनरी चढ़ाकर देवी से आशीर्वाद मांगा। बच्चों ने दुकानों से खरीदारी भी की।
नौ दिन व्रत रहकर देवी दुर्गा का विधि-विधान से पूजन करने वाले उपासकों के घर सुबह से ही चहल-पहल रही। महिलाओं ने पूरे घर की साफ-सफाई की। पूजा घर की सजावट एवं प्रसाद तैयार किया। शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार के बीच विद्वान आचार्य की देखरेख में कलश स्थापित किया गया। जहां आचार्य नहीं पहुंचे, साधकों ने खुद ही दुर्गा सप्तशती एवं दुर्गा चालीसा का पाठ कर संकल्प के साथ कलश स्थापित कर देवी का आह्वान किया।
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साक्षात स्वर्ग देव दर्शन पूजा समारोह का भी शुभारंभ
देवरिया खास मोहल्ले में इस वर्ष भी साक्षात स्वर्गदेव दर्शन, पूजा समारोह का आरंभ शनिवार से हुआ। प्रबंधक गिरिजाशंकर यादव एवं कमेटी के सदस्यों की देखरेख में शाम को सजे मंच पर प्रथम शैलपुत्री के रूप में कुमारी अंजनी गुप्ता, ब्रह्मचारिणी रानी यादव, चंद्रघटा निधि यादव, कूष्मांडा गुनगुन जायसवाल, स्कंदमाता वर्षा यादव, कात्यायनी जागृति, कालरात्रि अदिती, महागौरी सौम्या, सिद्धिदात्री कुमारी कृति मणि एवं मां दुर्गा के रूप में शेर पर सवार निक्की का रूप देखते ही बन रहा था। श्रद्धालुओं ने इनकी पूजा की। विष्णु के रूप में अनमोल यादव, लक्ष्मी आस्था यादव, शंकर राज यादव, मां पार्वती समृद्धि जायसवाल, सरस्वती संगम गुप्ता, राम साहिल, लक्ष्मण अमन यादव, सीता नंदनी मद्धेशिया, गणेश शौर्य गुप्ता, ब्रह्मा जी संदीप यादव, हनुमान बादल भारती, श्रीकृष्ण आदित्य यादव, राधा के रूप में अंकित यादव एवं दैत्यगण बने अमन मद्धेशिया, मोनू की छवि सभी को भायी। प्रबंधक ने बताया कि 26 अक्तूबर तक प्रतिदिन ये कलाकार विभिन्न देवी-देवताओं के रूप में दर्शन देंगे।
क्षेत्र के मंदिरों पर पहुंचे श्रद्धालु
रुद्रपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के देवी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी। घरों में कलश स्थापना के पूर्व श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में पूजन अर्चन किया। मंदिरों में शाम को श्रद्धालुओं ने मां की आरती कर प्रसाद बांटा।
शनिवार को नवरात्र की सुबह मंदिर पर पहुंच गए। नगर के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर स्थित दुर्गा मंदिर, सहनकोट देवी मंदिर, पहाड़सिंह देवी मंदिर, सतकोठवा देवी मंदिर, तिवई देवी स्थान, करमेल देवी और शीतला माता मंदिर में लोगों ने पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने देवी मां को नारियल, चुनरी, प्रसाद चढ़ाया। घरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना किए।
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देवरिया। शारदीय नवरात्र के पहले दिन विभिन्न शक्तिपीठों पर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। भोर से ही मंदिरों में नारियल व चुनरी चढ़ाने वाले कतारबद्ध रहे। घंटे-घड़ियाल की प्रतिध्वनि एवं देवी के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। उपासकों ने पूरे विधि विधान से आचार्यों की देखरेख में कलश स्थापित किया और नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
शहर के देवरही मंदिर, राघवनगर के दुर्गा मंदिर, अहिल्यापुर के अहिल्वार मंदिर, लाहिलपार के मां भगवती मंदिर, गुद्दीजोर के चिखुरी माई मंदिर, रुद्रपुर मार्ग पर स्थित तिवई दुर्गा मंदिर सहित अन्य शक्तिपीठों पर सुबह से ही महिला-पुरुष साधक पूजन अर्चन के लिए जुटे रहे। देवरही मंदिर में प्रवेश करते ही प्रसाद सामग्रियों की सजी दुकानें आने वाले का मन मोह रही थी। कतारबद्ध होकर लोगों ने नारियल चुनरी चढ़ाकर देवी से आशीर्वाद मांगा। बच्चों ने दुकानों से खरीदारी भी की।
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नौ दिन व्रत रहकर देवी दुर्गा का विधि-विधान से पूजन करने वाले उपासकों के घर सुबह से ही चहल-पहल रही। महिलाओं ने पूरे घर की साफ-सफाई की। पूजा घर की सजावट एवं प्रसाद तैयार किया। शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार के बीच विद्वान आचार्य की देखरेख में कलश स्थापित किया गया। जहां आचार्य नहीं पहुंचे, साधकों ने खुद ही दुर्गा सप्तशती एवं दुर्गा चालीसा का पाठ कर संकल्प के साथ कलश स्थापित कर देवी का आह्वान किया।
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साक्षात स्वर्ग देव दर्शन पूजा समारोह का भी शुभारंभ
देवरिया खास मोहल्ले में इस वर्ष भी साक्षात स्वर्गदेव दर्शन, पूजा समारोह का आरंभ शनिवार से हुआ। प्रबंधक गिरिजाशंकर यादव एवं कमेटी के सदस्यों की देखरेख में शाम को सजे मंच पर प्रथम शैलपुत्री के रूप में कुमारी अंजनी गुप्ता, ब्रह्मचारिणी रानी यादव, चंद्रघटा निधि यादव, कूष्मांडा गुनगुन जायसवाल, स्कंदमाता वर्षा यादव, कात्यायनी जागृति, कालरात्रि अदिती, महागौरी सौम्या, सिद्धिदात्री कुमारी कृति मणि एवं मां दुर्गा के रूप में शेर पर सवार निक्की का रूप देखते ही बन रहा था। श्रद्धालुओं ने इनकी पूजा की। विष्णु के रूप में अनमोल यादव, लक्ष्मी आस्था यादव, शंकर राज यादव, मां पार्वती समृद्धि जायसवाल, सरस्वती संगम गुप्ता, राम साहिल, लक्ष्मण अमन यादव, सीता नंदनी मद्धेशिया, गणेश शौर्य गुप्ता, ब्रह्मा जी संदीप यादव, हनुमान बादल भारती, श्रीकृष्ण आदित्य यादव, राधा के रूप में अंकित यादव एवं दैत्यगण बने अमन मद्धेशिया, मोनू की छवि सभी को भायी। प्रबंधक ने बताया कि 26 अक्तूबर तक प्रतिदिन ये कलाकार विभिन्न देवी-देवताओं के रूप में दर्शन देंगे।
क्षेत्र के मंदिरों पर पहुंचे श्रद्धालु
रुद्रपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के देवी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी। घरों में कलश स्थापना के पूर्व श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में पूजन अर्चन किया। मंदिरों में शाम को श्रद्धालुओं ने मां की आरती कर प्रसाद बांटा।
शनिवार को नवरात्र की सुबह मंदिर पर पहुंच गए। नगर के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर स्थित दुर्गा मंदिर, सहनकोट देवी मंदिर, पहाड़सिंह देवी मंदिर, सतकोठवा देवी मंदिर, तिवई देवी स्थान, करमेल देवी और शीतला माता मंदिर में लोगों ने पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने देवी मां को नारियल, चुनरी, प्रसाद चढ़ाया। घरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना किए।