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गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए किसानों ने दिया धरना
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गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए किसानों ने दिया धरना
तरकुलवा। पिछले वर्ष के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए गन्ना तौल क्रय केंद्र कंचनपुर के किसानों ने बुधवार को गोपालपुर क्रय केंद्र पर धरना दिया। किसानों ने क्षेत्र के गन्ने को ढाड़ा की चीनी मिल को देने की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन देकर शांत कराया।
किसानों का आरोप था कि प्रतापपुर चीनी मिल के अधिकारियों की ओर से पिछले साल के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। उनकी मांग थी कि पिछले साल के बकाए का भुगतान कराया जाए तथा उनके गन्ने को प्रतापपुर गन्ना मिल की जगह बिड़ला शुगर मिल ढाड़ा को देने की व्यवस्था की जाए। किसानों के धरने की सूचना पर जिला गन्ना विकास अधिकारी और प्रतापपुर शुगर मिल के डीजीएम, सहायक प्रबंधक आरएस पांडेय एवं केन यूनियन बैतालपुर के सीनियर सीडीआई मौके पर पहुंचे तथा किसानों का वर्ष 2020-21 के गन्ना बकाए का भुगतान कराने व 21 दिसंबर तक गन्ना तौल क्रय केंद्र ए, सी के किसानों के गन्ने को न्यू इंडिया शुगर मिल ढाड़ा कुशीनगर देने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
प्रतापपुर चीनी मिल के केन यूनियन बैतालपुर के गन्ना तौल क्रय केंद्र कंचनपुर ए व सी के कंचनपुर, गोपालपुर, सिरवनिया, रतनपुरा, पचरूखिया, हरपुर निजाम आदि गांवों के किसान गोपालपुर गन्ना तौल क्रय केंद्र पर पहुंचे। किसान प्रतापपुर चीनी मिल प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। उसके बाद वहीं धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप था कि चीनी मिल के अधिकारियों ने अभी तक पिछले वर्ष का भुगतान नहीं किया है। किसानों का कहना था कि उन्होंने जिला गन्ना विकास अधिकारी से लिखित शिकायत कर अपने गन्ने को प्रतापपुर मिल को न देकर बिड़ला शुगर मिल ढाड़ा, कुशीनगर को देने की मांग की गई थी। मगर उनकी मांग को अनदेखी कर उनका गन्ना पुन: प्रतापपुर चीनी मिल को देने की व्यवस्था कर दी गई।
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किसानों का आरोप था कि इसके पूर्व उन्होंने इसकी शिकायत करते हुए रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश को पत्र दिया था। उसकी प्रतिलिपि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित सदर सांसद, उप गन्ना आयुक्त व एसपी को भी भेजा था। किसानों का कहना था कि उनके गन्ना के बकाए का अविलंब भुगतान किया जाए। यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे किसान पंचायत का आयोजन कर जिला गन्ना विकास अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मार्कंडेय मिश्र, हरेराम यादव, सुनील भारती, मिथिला यादव, राजेश यादव, अशोक भारती, विजय शंकर, गिरिधारी, राजेश गुप्ता, राजेंद्र सिंह, मुकेश खरवार, रामाश्रय यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।
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तरकुलवा। पिछले वर्ष के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए गन्ना तौल क्रय केंद्र कंचनपुर के किसानों ने बुधवार को गोपालपुर क्रय केंद्र पर धरना दिया। किसानों ने क्षेत्र के गन्ने को ढाड़ा की चीनी मिल को देने की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन देकर शांत कराया।
किसानों का आरोप था कि प्रतापपुर चीनी मिल के अधिकारियों की ओर से पिछले साल के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है। उनकी मांग थी कि पिछले साल के बकाए का भुगतान कराया जाए तथा उनके गन्ने को प्रतापपुर गन्ना मिल की जगह बिड़ला शुगर मिल ढाड़ा को देने की व्यवस्था की जाए। किसानों के धरने की सूचना पर जिला गन्ना विकास अधिकारी और प्रतापपुर शुगर मिल के डीजीएम, सहायक प्रबंधक आरएस पांडेय एवं केन यूनियन बैतालपुर के सीनियर सीडीआई मौके पर पहुंचे तथा किसानों का वर्ष 2020-21 के गन्ना बकाए का भुगतान कराने व 21 दिसंबर तक गन्ना तौल क्रय केंद्र ए, सी के किसानों के गन्ने को न्यू इंडिया शुगर मिल ढाड़ा कुशीनगर देने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
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प्रतापपुर चीनी मिल के केन यूनियन बैतालपुर के गन्ना तौल क्रय केंद्र कंचनपुर ए व सी के कंचनपुर, गोपालपुर, सिरवनिया, रतनपुरा, पचरूखिया, हरपुर निजाम आदि गांवों के किसान गोपालपुर गन्ना तौल क्रय केंद्र पर पहुंचे। किसान प्रतापपुर चीनी मिल प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। उसके बाद वहीं धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप था कि चीनी मिल के अधिकारियों ने अभी तक पिछले वर्ष का भुगतान नहीं किया है। किसानों का कहना था कि उन्होंने जिला गन्ना विकास अधिकारी से लिखित शिकायत कर अपने गन्ने को प्रतापपुर मिल को न देकर बिड़ला शुगर मिल ढाड़ा, कुशीनगर को देने की मांग की गई थी। मगर उनकी मांग को अनदेखी कर उनका गन्ना पुन: प्रतापपुर चीनी मिल को देने की व्यवस्था कर दी गई।
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किसानों का आरोप था कि इसके पूर्व उन्होंने इसकी शिकायत करते हुए रामपुर कारखाना के विधायक कमलेश को पत्र दिया था। उसकी प्रतिलिपि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित सदर सांसद, उप गन्ना आयुक्त व एसपी को भी भेजा था। किसानों का कहना था कि उनके गन्ना के बकाए का अविलंब भुगतान किया जाए। यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे किसान पंचायत का आयोजन कर जिला गन्ना विकास अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मार्कंडेय मिश्र, हरेराम यादव, सुनील भारती, मिथिला यादव, राजेश यादव, अशोक भारती, विजय शंकर, गिरिधारी, राजेश गुप्ता, राजेंद्र सिंह, मुकेश खरवार, रामाश्रय यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।