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Deoria News: पराली जलाते 52 किसान पकड़े गए, नहीं सुधरे तो दर्ज होगा केस

Thu, 23 Nov 2023 02:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:23 AM IST
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farmers caught burning stubble
देवरिया। पराली जला रजे 52 किसानों को चिह्नित किया गया है। इन किसानों पर अब जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। लखनऊ से सेटेलाइट के जरिए इन किसानों को पराली जलाते हुए पकड़ा है। अभी तक 13 किसानों पर 17500 का जुर्माना लगाया जा चुका है। बाकी किसानों की पहचान करने के लिए कृषि विभाग ने जिले के सभी तहसील प्रशासन को चिट्टी लिखा है। कृषि उपनिदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि किसान नहीं सुधरे तो केस दर्ज कराया जाएगा।
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पराली जलाने की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। इस पर शासन ने सख्ती लगा रखी है। इसके बाद भी किसान नहीं मान रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी पराली जलाने से रोकने में नाकाम दिख रहा है। जिले के सभी तहसीलों में टीम गठित किया गया है। बावजूद इसके पराली जलाने वाले किसानों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। जिले में पराली जलाने की लगातार घटनाएं बढ़ रही है। इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को नहीं हो पा रहा है। लखनऊ से सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने वाले किसानों को पकड़ा जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के बावजूद स्थानीय प्रशासन किसानों का नाम और गांव पता लगाने में रूचि नहीं ले रहा है।
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कृषि विभाग की ओर से ब्लॉकों पर तैनात कृषि विभाग के कर्मचारियों को लोकेशन की सूची भेज दी जा रही है। किसानों को चिह्नित कर जुर्माना लगाने में विभाग रूचि नहीं लिया जा रहा है। नाराज जिला कृषि अधिकारी ने बुधवार को काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाकर फटकार लगाए। कृषि उपनिदेशक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 22 स्थानों पर किसान पराली जलाते हुए पकड़े गए हैं। किसानो का पता लगाने के लिएतहसील प्रशासन को चिट्ठी भेजी गई है। इतनी सख्ती के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज कराया जाएगा।
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खेतों में धू-धू कर जल रही पराली, जिम्मेदार बेपरवाह

संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील क्षेत्र में किसान खेतों में धू-धू कर पराली जला रहे हैं। जिम्मेदार बेपरवाह बने हैं। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक कर अवशेष जलाने से रोका जा रहा है। लेकिन इसका असर हकीकत की धरातल पर नहीं दिख रहा है।


पराली जलाने और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार सख्त है। इसके प्रबंधन के लिए टीम गठित कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी नगर सहित कपरवार, नौका टोला, गड़ेर, भलुअनी, बरौली, बारा दीक्षित, बरांव, महेन, पैना आदि जगहों पर खेतों में धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है। पराली जलाने के लिए किसान सरकार को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त मात्रा में हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध न होने के कारण फसलों का अवशेष जलाना मजबूरी है। एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि सेटेलाइट के जरिए जलाए जा रहे अवशेषों वाली जगह को चिन्हित किया जा रहा है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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