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किसानों ने किया आंदोलन, बाजार पर नहीं दिखा असर
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किसानों ने किया आंदोलन, बाजार पर नहीं दिखा असर
देवरिया। नए कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को किसानों ने जिले भर में आंदोलन किया। कानून को वापस लेने की मांग को लेकर जगह-जगह नारेबाजी की। पुलिस शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात थी। सड़क जाम व बाजार बंद के प्रयास को जिला प्रशासन ने सफल नहीं होने दिया। दुकानें खुली रहीं। लोगों की आवाजाही पर भी आंदोलन का असर नहीं हुआ। किसान आंदोलन में कई सामाजिक संगठनों के अलावा राजनीतिक दल भी शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में बैठा दिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
दोपहर करीब 12 बजे शहर के सुभाष चौक पर उग्र हुए सपा व आम आदमी आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के सख्त तेवर देख अन्य दल के कार्यकर्ताओं के रुख नरम पड़ गए। भारतीय किसान यूनियन ने धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही, मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह, पशुपति पटेल, जयकरन शाह, सदानंद यादव, व्यास यादव, चंद्रदेव सिंह, शहीद ख्वाजा, उदय प्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
किसान, मजदूर व राजनीतिक दलों के संयुक्त आंदोलन को बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भी समर्थन दिया। केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर बिजली कर्मचारी और अभियंताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विजय जायसवाल, पुष्कर उपाध्याय, मनीष प्रजापति, एनके सिंह, रविंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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कृषि बिल के विरोध में मुसैला चौराहे पर प्रदर्शन
नए कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को मुसैला चौराहे पर पंचायत प्रतिनिधि महासंघ एवं समान शिक्षा आंदोलन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जनार्दन शाही, समान शिक्षा आंदोलन के नेता डॉ. चतुरानन ओझा, राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, मोहन प्रसाद, कृपाशंकर, अरविंद गिरि, सच्चिदानंद त्रिपाठी, सत्येंद्र मणि, राजेश त्रिपाठी, कृष्ण कुमार दुबे, अजय राय, विकास कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
वामपंथी दलों के सड़क जाम करने की कोशिश असफल
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान सभा, भाकपा माले एवं माकपा के कार्यकर्ताओं ने भाटपाररानी रेलवे स्टेशन परिसर से जुलूस निकाला। केन यूनियन रोड, बीआरडी रोड, पीएचसी रोड, बेलपार चौराहा होते हुए तहसील पहुंचा। भाटपाररानी-सलेमपुर मार्ग जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते उनका प्रयास सफल नहीं हुुआ।
इस दौरान किसान सभा के जिला मंत्री साधु शरण, जयप्रकाश यादव, जयप्रकाश सिंह कुशवाहा, चंद्रभान यादव, भाकपा माले के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा, छोटे लाल कुशवाहा, नथुनी कुशवाहा, जयप्रकाश कुशवाहा, अवधेश, पूनम यादव, राम जनक कुशवाहा, बृजेश सिंह, शिवनाथ, राजेंद्र, धर्मवीर यादव, परमहंस प्रजापति आदि मौजूद रहे।
बरहज प्रतिनिधि के अनुसार नगर क्षेत्र में भारत बंद का असर नहीं दिखा। पूरे दिन दुकानें खुली रहीं। एहतियात को लेकर जगह-जगह पुलिस सतर्क रही। कृष्णमोहन पाठक, कृष्ण मुरारी पांडेय, पवन कुुमार सिंह, ज्ञान सिंह आदि का कहना है कि नए कृषि कानून से किसानों को कोई नुकसान नहीं है। एसडीएम सुनील कुमार सिंह, इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह हालात पर नजर रखे हुए थे। एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र में पूरेे दिन हालात सामान्य रहे।
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देवरिया। नए कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को किसानों ने जिले भर में आंदोलन किया। कानून को वापस लेने की मांग को लेकर जगह-जगह नारेबाजी की। पुलिस शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात थी। सड़क जाम व बाजार बंद के प्रयास को जिला प्रशासन ने सफल नहीं होने दिया। दुकानें खुली रहीं। लोगों की आवाजाही पर भी आंदोलन का असर नहीं हुआ। किसान आंदोलन में कई सामाजिक संगठनों के अलावा राजनीतिक दल भी शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में बैठा दिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
दोपहर करीब 12 बजे शहर के सुभाष चौक पर उग्र हुए सपा व आम आदमी आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के सख्त तेवर देख अन्य दल के कार्यकर्ताओं के रुख नरम पड़ गए। भारतीय किसान यूनियन ने धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप शाही, मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह, पशुपति पटेल, जयकरन शाह, सदानंद यादव, व्यास यादव, चंद्रदेव सिंह, शहीद ख्वाजा, उदय प्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
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किसान, मजदूर व राजनीतिक दलों के संयुक्त आंदोलन को बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भी समर्थन दिया। केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर बिजली कर्मचारी और अभियंताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विजय जायसवाल, पुष्कर उपाध्याय, मनीष प्रजापति, एनके सिंह, रविंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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कृषि बिल के विरोध में मुसैला चौराहे पर प्रदर्शन
नए कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को मुसैला चौराहे पर पंचायत प्रतिनिधि महासंघ एवं समान शिक्षा आंदोलन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जनार्दन शाही, समान शिक्षा आंदोलन के नेता डॉ. चतुरानन ओझा, राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, मोहन प्रसाद, कृपाशंकर, अरविंद गिरि, सच्चिदानंद त्रिपाठी, सत्येंद्र मणि, राजेश त्रिपाठी, कृष्ण कुमार दुबे, अजय राय, विकास कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
वामपंथी दलों के सड़क जाम करने की कोशिश असफल
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान सभा, भाकपा माले एवं माकपा के कार्यकर्ताओं ने भाटपाररानी रेलवे स्टेशन परिसर से जुलूस निकाला। केन यूनियन रोड, बीआरडी रोड, पीएचसी रोड, बेलपार चौराहा होते हुए तहसील पहुंचा। भाटपाररानी-सलेमपुर मार्ग जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते उनका प्रयास सफल नहीं हुुआ।
इस दौरान किसान सभा के जिला मंत्री साधु शरण, जयप्रकाश यादव, जयप्रकाश सिंह कुशवाहा, चंद्रभान यादव, भाकपा माले के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा, छोटे लाल कुशवाहा, नथुनी कुशवाहा, जयप्रकाश कुशवाहा, अवधेश, पूनम यादव, राम जनक कुशवाहा, बृजेश सिंह, शिवनाथ, राजेंद्र, धर्मवीर यादव, परमहंस प्रजापति आदि मौजूद रहे।
बरहज प्रतिनिधि के अनुसार नगर क्षेत्र में भारत बंद का असर नहीं दिखा। पूरे दिन दुकानें खुली रहीं। एहतियात को लेकर जगह-जगह पुलिस सतर्क रही। कृष्णमोहन पाठक, कृष्ण मुरारी पांडेय, पवन कुुमार सिंह, ज्ञान सिंह आदि का कहना है कि नए कृषि कानून से किसानों को कोई नुकसान नहीं है। एसडीएम सुनील कुमार सिंह, इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह हालात पर नजर रखे हुए थे। एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र में पूरेे दिन हालात सामान्य रहे।